UPI पर प्रस्तावित सरचार्ज को लेकर इंदौर के मध्य क्षेत्र के व्यापारियों में नाराजगी है। इसके विरोध में व्यापारियों ने 23 सितंबर को ‘नो UPI डे’ मनाया। राजबाड़ा क्षेत्र में इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने UPI साउंड बॉक्स और क्यूआर कोड को एक टेबल पर रखकर उस पर काला कपड़ा डाला और विरोध दर्ज कराया। अब व्यापारी संगठनों की बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी। व्यापारियों का कहना है कि सरचार्ज को लेकर समाधान नहीं हुआ तो वे नगद कारोबार की ओर लौटने पर विचार करेंगे। पोस्टर लगाकर पहले से चला रहे थे जागरूकता अभियान UPI पर प्रस्तावित सरचार्ज की जानकारी सामने आने के बाद इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन ने दुकानों पर पोस्टर लगाने के साथ सोशल मीडिया के जरिए भी व्यापारियों और ग्राहकों को इसके बारे में जानकारी देना शुरू किया था। बुधवार को राजबाड़ा क्षेत्र में व्यापारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताया। ‘सरचार्ज बर्दाश्त नहीं करेंगे’ एसोसिएशन अध्यक्ष अक्षय जैन ने कहा कि आगे का निर्णय अहिल्या चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के साथ चर्चा के बाद लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि व्यापारी सरचार्ज को स्वीकार नहीं करेंगे। यदि सरकार की ओर से इसका समाधान नहीं किया गया तो मजबूरी में नगद कारोबार की ओर लौटना पड़ सकता है। उनके मुताबिक इस अभियान के साथ कई एसोसिएशन हैं और अहिल्या चैंबर्स ऑफ कॉमर्स से करीब 125 व्यापारिक संगठन जुड़े हैं। जैन ने कहा कि 2016 से 2026 के बीच व्यापारियों ने कैश से डिजिटल पेमेंट की ओर रुख किया है। वर्तमान में करीब 85% कारोबार डिजिटल माध्यम से होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सरचार्ज से डिजिटल भुगतान व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। उन्होंने दोहराया कि समाधान नहीं हुआ तो व्यापारी फिर नगद भुगतान की ओर रुख करने पर विचार करेंगे।
