मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। महिला पार्षद पर टिप्पणी, विजयवर्गीय ने जताया खेद
‘संध्या दीदी की भी जरा चौड़ाई बढ़ गई… थोड़ी सी।’ इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान महिला पार्षद पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की इस टिप्पणी को लेकर सियासत गरमा गई। मामला बढ़ा तो बैकफुट पर आए विजयवर्गीय ने अपनी टिप्पणी के लिए खेद जताया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया, जिसे मीडिया ने भी उठा लिया। मंत्री ने कहा कि संध्या यादव उनकी बेटी जैसी हैं और उन्होंने उन्हें बचपन में गोद में खिलाया है। लेकिन जिस तरीके से कांग्रेस नेताओं ने इस बात को उठाया, उससे वे दुखी हैं। उन्होंने इस संबंध में खेद प्रकट किया। खरी बात ये है कि कैलाश विजयवर्गीय अक्सर जोश, उत्साह या भावनाओं में बहकर ऐसा कुछ कह देते हैं, जिस पर बवाल और विवाद हो जाता है। इसके बाद वे सॉरी बोल देते हैं। लोग कह रहे हैं कि ये हर बार की वही कहानी जैसा हो गया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने डोसा बनाने में आजमाया हाथ
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मल्टी टैलेंटेड हैं। अब उनका एक और हुनर सामने आया है। बेंगलुरु के एक कैफे में पहुंचे सिंधिया वहां खुद ही डोसा बनाने लगे। इतना ही नहीं, उन्होंने डोसा बनाने के बाद बाकायदा थाली सजाई और वहां आए एक ग्राहक को उसे सर्व भी किया। इस दौरान सिंधिया ने माना कि डोसा बनाना जितना आसान दिखता है, उतना है नहीं। तवे पर बैटर फैलाने से लेकर उसे सही तरह से सेंकने तक, हर स्टेप में एक अलग ही कला और हुनर है। अब लोग चुटकी ले रहे हैं कि राजनीति भी जितनी आसान दिखती है, उतनी है नहीं। लेकिन सिंधिया इसके भी माहिर खिलाड़ी हैं। कोई भी काम कब, कहां और कैसे करना है, उन्हें बखूबी पता है। ‘छोटे राजा और युवराज एक फाइल नहीं सरका पाए’
कांग्रेस से निष्कासित चल रहे पूर्व सांसद और दिग्विजय सिंह के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह हाल ही में राजगढ़ जिले की सुठालिया सिंचाई परियोजना से प्रभावित किसानों की भूख हड़ताल में शामिल हुए थे। यहां उन्होंने किसानों की मांगें पूरी नहीं होने के लिए खुद को भी जिम्मेदार बताया। साथ ही, अपने विधायक भतीजे जयवर्धन सिंह को भी घसीट लिया। उन्होंने कहा कि छोटे राजा राघौगढ़, युवराज राघौगढ़ एक फाइल नहीं सरका पाए। ये हमारी कमजोरी है। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े बांध बनवा दिए, बड़े-बड़े काम करवा दिए, बड़े-बड़े कारखाने लगवा दिए, लेकिन क्या कारण रहा कि हम ये मुआवजा दिलाने में असफल हुए और आप लोगों को इतनी परेशानी हो रही है। छोटे राजा के इस बयान के बाद दिग्विजय सिंह भी इन किसानों के प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगें नियमों के हिसाब से हैं और उन्हें न्याय मिलना चाहिए। किसानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकार को चार गुना मुआवजा देना चाहिए। हालांकि, आठ दिन चले इस आंदोलन को प्रशासन ने खत्म करा दिया है। प्रशासन ने किसानों की 9 में से 8 मांगें मान ली हैं, जबकि चार गुना मुआवजे की मांग पर सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। और अब अंदर की बात.. ये तो ऐसा हो गया- सिर मुंड़वाते ही ओले पड़े
मध्य प्रदेश के एक सीनियर आईएएस अधिकारी लंबे समय से लूप लाइन में पड़े थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के एक मामले में उन्होंने बहुत अच्छा काम किया। इसके इनाम के तौर पर उन्हें हाल ही में जमीन से जुड़े एक विभाग की कमान सौंप दी गई। अब हुआ यूं कि इसी दौरान सरकार ने जमीन के काम से ही जुड़ा एक बड़ा अभियान चला दिया। लेकिन मैदानी अमले ने इसका विरोध कर दिया। अब साहब इन्हें बुला-बुलाकर समझा रहे हैं, मिन्नतें कर रहे हैं। लेकिन अब तक कोई खास सफलता नहीं मिली है। अब अधिकारी परेशान हो रहे हैं। समस्या ये पैदा हो गई है कि मैदानी अमले के बिना सरकार का ये महत्वपूर्ण अभियान कैसे चलाएं, कैसे काम करें। अब प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि साहब के साथ तो ये उसी मुहावरे की तरह हो गया कि सिर मुंड़वाते ही ओले पड़े। इनपुट सहयोग – संतोष शितोले (इंदौर), आशीष रघुवंशी (गुना), मुकेश सेन (ब्यावरा) ये भी पढ़ें –
धीरेंद्र शास्त्री बोले- अब डायमंड की खड़ाऊ बुक कराएंगे, जलने वालों को जलाएंगे; जब पाइप में घुसे सिंधिया पंडित धीरेंद्र शास्त्री सुनहरे रंग की खड़ाऊ पहनने को लेकर ट्रोल हुए तो उन्होंने ट्रोलर्स को तगड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अब अगर किसी ने उनकी सोने की खड़ाऊ का विरोध किया तो वे सीधे डायमंड की खड़ाऊ बुक कर देंगे। डायमंड की खड़ाऊ पहनेंगे और जलने वालों को जलाएंगे। पूरी खबर पढ़ें
