कटनी की पूर्व सीएसपी नेहा पच्चीसिया की एफआईआर रद्द करने की याचिका पर अब भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों की बेंच सुनवाई करेगी। राज्य सरकार की मांग और केस डायरी देखने के बाद हाईकोर्ट ने मामले को दूसरी उपयुक्त बेंच में भेजने का निर्णय लिया है। अब 22 सितंबर को पूर्व सीएसपी की याचिका पर नई बेंच सुनवाई करेगी। इससे पहले 21 सितंबर को जस्टिस हिमांशु जोशी की बेंच में मामले की सुनवाई प्रस्तावित थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने मामले को दूसरी उपयुक्त बेंच में भेजने की मांग की। सरकार की ओर से कहा गया कि एफआईआर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं शामिल हैं, इसलिए इसकी सुनवाई संबंधित बेंच में होनी चाहिए। नेहा के वकीलों ने किया विरोध सरकार की मांग का नेहा पच्चीसिया के वकीलों ने विरोध किया। उनका कहना था कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं पिछली सुनवाई के बाद जोड़ी गई हैं, इसलिए मामले की सुनवाई पहले से तय बेंच में ही होनी चाहिए। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट ने केस डायरी देखी। कोर्ट ने मामले को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाली उपयुक्त बेंच के समक्ष भेजने का निर्णय लिया। तय है भ्रष्टाचार मामलों के लिए अलग बेंच हाईकोर्ट में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए अलग बेंच निर्धारित है। जस्टिस संदीप एस. कलगांवकर की सिंगल बेंच ऐसे मामलों की सुनवाई करती है। वहीं जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस रामकुमार चौबे की डिवीजन बेंच भी इन मामलों की सुनवाई करती है। प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट को चुनौती दिए जाने की प्रकृति के आधार पर तय होगा कि नेहा की याचिका सिंगल बेंच में सुनी जाएगी या डिवीजन बेंच में। एफआईआर रद्द करने की मांग पूर्व सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने अंतरिम राहत की भी मांग की थी। नेहा की ओर से एफआईआर में अपनी भूमिका से इनकार किया गया है। उनके वकील का कहना है कि उनके खिलाफ कोई सीधे सबूत नहीं हैं। राज्य सरकार ने याचिका का विरोध करते हुए जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है। पिछली सुनवाई में सरकार की ओर से नेहा पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। सरकार ने कोर्ट को बताया था कि नेहा के विदेश जाने की आशंका के आधार पर लुक आउट सर्कुलर की कार्रवाई की गई है। साथ ही सह-आरोपियों के साथ मिलीभगत का आरोप भी लगाया गया था। सरकार के मुताबिक, जिला कोर्ट से नेहा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो चुकी है और नेहा सहित अन्य आरोपियों पर इनाम भी घोषित किया गया है। मामले में अब 22 सितंबर को नई बेंच के समक्ष सुनवाई होगी। यह खबर भी पढ़ें… 1. निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया समेत 3 आरोपियों के वारंट जारी कटनी की निलंबित नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) नेहा पच्चीसिया के मामले के पुलिस कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज सामने आए हैं। इस मामले में निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ हनफी के नाम से अलग-अलग गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर… 2. कौन हैं नेहा पच्चीसिया, जिन्हें CM ने सस्पेंड किया:एयर होस्टेस की नौकरी छोड़ DSP बनीं, कभी शिवराज ने किया था सम्मानित; क्या है पूरी कहानी? एयर इंडिया की एयर होस्टेस से पुलिस अफसर बनीं नेहा पच्चीसिया आज FIR और सस्पेंशन के बाद चर्चा में हैं। MPPSC में 20वीं रैंक लाकर पुलिस सेवा में आईं और कटनी की CSP बनीं नेहा पर पहले ट्रांसपोर्टर से कथित वसूली की शिकायत हुई, फिर हत्या के एक केस में लापरवाही और जमीन के सौदे में गड़बड़ी के आरोप सामने आए। अब खुद मुख्यमंत्री ने उन्हें सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं और जांच के लिए CSP ऑफिस भी सीज कर दिया गया है। नेहा पच्चीसिया कौन हैं और आखिर सीएम को क्यों दखल देना पड़ा, मामला सस्पेंशन तक कैसे पहुंचा; समझते हैं आज के मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर में। पढ़ें पूरी खबर…
