विधानसभा चुनाव 2023 से पहले शुरू हुई मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में पात्र महिलाओं की संख्या लगातार घट रही है। 1 जनवरी 2026 से 1 सितंबर 2026 तक 21 हजार 150 महिलाओं के नाम योजना से बाहर हो गए। जनवरी में पात्र हितग्राहियों की संख्या 1 करोड़ 25 लाख 31 हजार थी, जो सितंबर में घटकर 1 करोड़ 25 लाख 10 हजार 150 रह गई। योजना शुरू होने के बाद तीन साल में अब तक करीब 6 लाख 26 हजार महिलाओं के नाम सूची से हटाए जा चुके हैं। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर 2023 में योजना में 1 करोड़ 31 लाख 35 हजार 985 महिलाएं शामिल थीं। इसके बाद पात्रता की शर्तों और अन्य कारणों से यह संख्या लगातार कम होती गई। नए नाम नहीं जुड़ रहे, पुराने होते जा रहे कम लाड़ली बहना योजना में फिलहाल नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया नहीं चल रही है। दूसरी ओर, उम्र और अन्य पात्रता शर्तों के कारण पुराने नाम सूची से हटते जा रहे हैं। यही वजह है कि योजना में हितग्राहियों की संख्या 2023 के बाद बढ़ने के बजाय लगातार कम हुई है। योजना की शुरुआत में 1 करोड़ 31 लाख 35 हजार 985 आवेदन आए थे। आपत्तियों के आधार पर 2 लाख 18 हजार 858 नाम हटाए गए। इसके बाद पात्र हितग्राहियों की संख्या 1 करोड़ 29 लाख 5 हजार 457 रह गई थी। 60 साल की उम्र पूरी होने पर नाम कट रहा विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, योजना में पात्रता की अधिकतम उम्र 60 साल है। इसलिए जो महिलाएं 60 वर्ष की उम्र पूरी कर रही हैं, उनके नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। इसके अलावा हितग्राही की मृत्यु और अन्य अपात्रता की स्थिति में भी नाम बाहर हो रहे हैं। पांच साल में 3 हजार रुपए तक बढ़ाने का फैसला योजना की शुरुआत जून 2023 में 1 हजार रुपए प्रतिमाह की राशि से हुई थी। सरकार ने इसे पांच साल में बढ़ाकर 3 हजार रुपए करने का निर्णय लिया था। योजना शुरू होने के करीब चार महीने बाद राशि बढ़ाकर 1,250 रुपए कर दी गई। नवंबर 2025 से इसमें 250 रुपए की और बढ़ोतरी की गई और वर्तमान में पात्र महिलाओं को 1,500 रुपए प्रतिमाह मिल रहे हैं। दिसंबर 2026 के अंत तक पात्र हितग्राहियों की संख्या में और कमी आने की संभावना है, क्योंकि उम्र और अन्य पात्रता शर्तों के आधार पर नामों की समीक्षा जारी रहती है।
