झाबुआ के सारंगी में मामेरा रस्म के दौरान दूल्हे की मां को दिल का दौरा पड़ गया। कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। घटना गुरुवार दोपहर की है। मृतका की पहचान गायत्री पाटीदार के रूप में हुई है। गुरुवार शाम उनका अंतिम संस्कार किया गया। दरअसल, महिला के बेटे गोलू की शादी बुधवार 25 फरवरी को थी। बारात बरवेट गांव से दुल्हन लेकर लौट आई थी। गुरुवार को रिसेप्शन (स्वागत समारोह) रखा गया था। सुबह के भोज के बाद दोपहर में मायरा कार्यक्रम था। इसी दौरान गायत्री के मायके वाले मामेरा की रस्म के लिए पहुंचे। परंपरा के मुताबिक, गायत्री अपने मायके वालों का स्वागत करने के लिए आगे बढ़ीं। गायत्री का एक ही भाई था। कई साल पहले गंभीर बीमारी के चलते उनका निधन हो गया। मामेरा की रस्म के लिए जब भतीजा पहुंचा था, तो उसे देखकर वह भावुक हो गईं। वे भतीजे को गले लगाकर रोने लगीं। उनका बीपी लो रहता था। शादी की व्यस्तता के कारण वह दवा लेना भूल गई थीं। ज्यादा रोने और मानसिक तनाव के कारण उनका ब्लडप्रेशर गिर गया। देखिए तस्वीरें मामेरा की चुनरी अर्थी पर ओढ़ाई ब्लडप्रेशर में अचानक गिरावट के कारण उन्हें दिल का दौरा पड़ा। विवाह के खुशी के माहौल में अचानक चीख-पुकार मच गई। अचानक तबीयत बिगड़ने पर गायत्री को परिवार वाले अस्पताल लेकर पहुंचे। हालांकि, जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मायके पक्ष की ओर से लाए गए मामेरा की चुनरी उनकी अर्थी पर ओढ़ाने पड़े। किसी ने ऐसी उम्मीद नहीं की थी महिला के मायके पक्ष के साथ ग्रामीण रामचंद्र पाटीदार ने बताया कि उत्सव के दौरान ऐसे क्षण की कल्पना किसी ने नहीं की थी। बहन के अचेत होते ही परिजन उन्हें लेकर अस्पताल की ओर दौड़े। रास्ते में ही खराब हुई थी हालत महिला को इलाज के लिए पेटलावद अस्पताल ले जाने वाले मौसी के लड़के रवि पाटीदार ने बताया कि तत्काल अपनी कार से लेकर पहुंचे, लेकिन स्थिति रास्ते में ही बिगड़ती गई। हॉस्पिटल में निधन की पुष्टि हुई। किसी को नहीं दी सूचना जब यह घटनाक्रम हुआ, तब घर में कुछ रस्में बची हुई थी। इसीलिए तत्काल सूचना नहीं दी। बाद में परिजनों को बताया गया। शाम को अंत्येष्टि की गई।
