ग्वालियर शहर से करीब 70 किलोमीटर दूर भितरवार के धार्मिक स्थल धूमेश्वर धाम में रविवार शाम पिकनिक मनाने आए बाइक मैकेनिकों के ग्रुप के एक मजदूर की सिंध नदी में डूबने से मौत हो गई। कपड़े बदलते समय पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चला गया। तेज बहाव के कारण साथी उसे बचा नहीं सके। मुकेश को बचाने के लिए दोस्तों ने तौलियों को जोड़कर रस्सी बनाई और नदी के भंवर की ओर फेंकी। कुछ देर बाद पानी से एक हाथ बाहर आया और उसने तौलियों से बनी रस्सी पकड़ ली। करीब 38 सेकंड तक हाथ रस्सी को पकड़े रहा, लेकिन इसके बाद तेज बहाव में फिर पानी के अंदर समा गया। इस दौरान एक साथी ने पूरे रेस्क्यू का VIDEO बना लिया। घटना की सूचना पुलिस और प्रशासन को दी गई। इसके बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद मुकेश का शव बरामद किया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर सोमवार को पोस्टमार्टम कराया। कपड़े बदलते समय फिसला पैर ग्वालियर से करीब 35 से 40 मैकेनिक और मजदूर पिकनिक मनाने धूमेश्वर धाम पहुंचे थे। सभी लोहारी गांव की ओर सिंध नदी के किनारे मौजूद थे। कुछ लोग खाना बनाने में व्यस्त थे, जबकि 10 से 12 लोग नदी में नहा रहे थे। नहाने के बाद बिजौली थाना क्षेत्र के बोबई गांव निवासी बाइक मैकेनिक मुकेश जाटव नदी किनारे कपड़े बदल रहा था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरा। तेज बहाव में वह कुछ ही देर में नदी में डूब गया। मणिखेड़ा और हरसी डैम से पानी छोड़े जाने के बाद उफान पर नदियां इन दिनों मणिखेड़ा और हरसी डैम के गेट खोले जाने के कारण धूमेश्वर धाम के पास सिंध और पार्वती नदियां उफान पर हैं। जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने के कारण प्रशासन लोगों से नदी के तट और गहरे पानी से दूर रहने की अपील कर रहा है। इसके बावजूद लोग नदी में पहुंच रहे हैं। तैरना जानता था मुकेश, तेज बहाव में फंसा ऐसा कुछ लोगों का कहना है कि मुकेश को तैरना आता था। बताया गया कि नहाने के बाद उसने शरीर पर तेल लगाया था। इसके बाद अंडरवियर धोने के दौरान पत्थर पर उसका पैर फिसल गया। वह पत्थर से रगड़ते हुए तेज बहाव में चला गया और देखते ही देखते गहरे पानी में समा गया। कुछ देर तक उसका एक हाथ पानी के ऊपर दिखाई दिया। दोस्तों ने उसे बचाने के लिए तौलियों से बनी रस्सी उसकी ओर फेंकी, जिसे उसने पकड़ लिया। हालांकि, कुछ सेकंड बाद हाथ भी पानी में गायब हो गया। दो बच्चों का पिता था मुकेश मुकेश के रिश्तेदार रंजीत सिंह ने बताया कि उसकी उम्र 42 साल थी। उसका एक बेटा और एक बेटी है। दोनों की शादी हो चुकी है। परिवार की जिम्मेदारी मुकेश के कंधों पर थी। उन्होंने फिलहाल किसी पर आरोप नहीं लगाया है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। सोमवार दोपहर गांव में मुकेश का अंतिम संस्कार किया गया। रेस्क्यू टीम की मदद से शव बाहर निकाल गया भितरवार थाना प्रभारी बलवीर सिंह मावई ने बताया कि कुछ लोग पिकनिक मनाने धूमेश्वर आए थे। कपड़े बदलते समय एक मजदूर का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूब गया। रेस्क्यू टीम की मदद से उसका शव बाहर निकाल लिया गया। पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम किया गया है।
