Homeमध्यप्रदेशइंदौर में स्वाइन फ्लू का एक और मरीज एडमिट:धार की युवती ICU...

इंदौर में स्वाइन फ्लू का एक और मरीज एडमिट:धार की युवती ICU में भर्ती; दो हफ्ते पहले उज्जैन की महिला की हुई थी मौत

इंदौर में स्वाइन फ्लू से संक्रमित एक और मरीज सामने आया है। 22 वर्षीय युवती धार की रहने वाली है। उसे दो दिन पहले इंदौर के एक निजी अस्पताल की आईसीयू में भर्ती कराया गया है। पिछले दो हफ्तों में यह इंदौर में स्वाइन फ्लू का दूसरा मामला है। इससे पहले उज्जैन की एक 60 वर्षीय महिला का इंदौर में इलाज के दौरान निधन हुआ था। दो हफ्ते पहले उज्जैन की महिला की मौत उज्जैन के ऋषि नगर निवासी 60 वर्षीय सरोज नागर की करीब दो हफ्ते पहले इंदौर के कोकिलाबेन अस्पताल में स्वाइन फ्लू से मौत हो गई थी। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इंदौर लाया गया था, जहां 16 दिन तक इलाज चला। जांच रिपोर्ट में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसे मध्य प्रदेश में इस सीजन में स्वाइन फ्लू से पहली मौत बताया गया था। मेडिकल रिपोर्ट में H1N1 संक्रमण की पुष्टि परिजन के मुताबिक, सरोज नागर 31 जुलाई को बीमार हुई थीं। स्वाइन फ्लू की जांच गुजरात के अहमदाबाद स्थित लैब से कराई गई थी। 3 अगस्त को कोकिलाबेन अस्पताल के डॉक्टरों ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर संक्रमण की पुष्टि की थी। उज्जैन के अवंती सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के मुताबिक, 60 वर्षीय सरोज नागर के नाक और गले के स्वैब सैंपल में इन्फ्लुएंजा-A और 2009 H1N1 वायरस मिला था। सैंपल 30 जुलाई 2026 को लिया गया था। रिपोर्ट में इन्फ्लुएंजा-B और कोरोना वायरस (SARS-CoV-2) की भी जांच की गई थी, लेकिन इनमें संक्रमण नहीं मिला। सरोज नागर के पति बैंक के रिटायर्ड कर्मचारी हैं और उनके दो बेटे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने परिवार की सिर्फ सूची बनाई परिजन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने परिवार की स्क्रीनिंग नहीं कराई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भेजकर परिवार के सदस्यों की सूची तैयार कराई गई थी। परिवार के किसी सदस्य की जांच नहीं हुई और महिला के संपर्क में आए लोगों की भी पहचान नहीं की गई। क्या है स्वाइन फ्लू? स्वाइन फ्लू को H1N1 वायरस से होने वाला इन्फ्लुएंजा संक्रमण कहा जाता है। यह मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है और इसके लक्षण सामान्य फ्लू जैसे हो सकते हैं। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस लेने के दौरान निकलने वाली संक्रमित बूंदों और कणों के संपर्क में आने से फैल सकता है। H1N1 के अलावा H1N2 और H1N3 जैसे अन्य इन्फ्लुएंजा वैरिएंट भी पाए जाते हैं, लेकिन इंसानों में इनके मामले अपेक्षाकृत कम सामने आते हैं। कैसे फैलता है स्वाइन फ्लू? स्वाइन फ्लू इन्फ्लुएंजा वायरस से होने वाला संक्रमण है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों और श्वसन कणों के संपर्क में आने से यह एक व्यक्ति से दूसरे तक फैल सकता है। संक्रमित सतह को छूने के बाद आंख, नाक या मुंह को छूने से भी संक्रमण का खतरा हो सकता है। 2009 में स्वाइन फ्लू के फैलने के दौरान इसे लेकर काफी डर का माहौल था। हालांकि, अच्छी तरह पकाए गए सूअर के मांस से H1N1 संक्रमण होने का जोखिम नहीं माना जाता, क्योंकि खाना पकाने के दौरान वायरस नष्ट हो जाता है। किन लोगों को ज्यादा खतरा? कुछ लोगों में स्वाइन फ्लू गंभीर रूप ले सकता है। छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों में जटिलताओं का जोखिम अधिक हो सकता है। ऐसे लोगों में लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। क्या है स्वाइन फ्लू का इलाज? स्वाइन फ्लू के इलाज में डॉक्टर जरूरत के अनुसार एंटीवायरल दवाएं और लक्षणों के आधार पर अन्य दवाएं दे सकते हैं। पर्याप्त आराम और शरीर में पानी की कमी न होने देना भी महत्वपूर्ण है। हल्का और पौष्टिक भोजन लें तथा पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेते रहें। फल और हरी सब्जियों को आहार में शामिल करें। गंभीर लक्षण होने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें।

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here