नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (एनजीटी) ने भोपाल के शाहपुरा तालाब और वेटलैंड्स संरक्षण को लेकर बड़ा आदेश दिया है। एनजीटी ने अतिक्रमण हटाने और 50 मीटर बफर जोन में अवैध निर्माणों पर सख्ती से रोक लगाने को कहा है। न्यायमूर्ति श्यो कुमार सिंह और विशेष सदस्य डॉ. सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने आदेश दिया। पर्यावरणविद् नितिन सक्सेना की याचिका पर यह आदेश सुनाया गया। अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी। जिसमें रिपोर्ट मांगी गई है। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी अधिवक्ता हरप्रीत सिंह गुप्ता ने की। इन बिंदुओं पर आदेश अवैध निर्माणों और 33 मीटर के पुराने नियमों के दुरुपयोग पर रोक
एनजीटी सेंट्रल जोनल बेंच ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय वेटलैंड्स (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम, 2017 एवं राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार जल निकायों के फुल टैंक लेवल (FTL) से 50 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का पक्का/स्थाई निर्माण पूर्णतः प्रतिबंधित है। भोपाल विकास योजना (मास्टर प्लान 1995–2005) के पुराने 33 मीटर के नियम की आड़ लेकर 50 मीटर के दायरे में दी जा रही निर्माण अनुमतियों को गैर-कानूनी करार दिया गया। स्थानीय प्रशासन और एसडीएम कोलार को सख्त निर्देश
शाहपुरा तालाब के वास्तविक सीमांकन और अतिक्रमण पर स्पष्ट जानकारी न देने पर अधिकरण ने कड़ी नाराजगी जताई। एसडीएम कोलार को निर्देश दिए गए हैं कि वे अतिक्रमण हटाने की पाक्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें और आगामी सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से शपथ-पत्र सहित उपस्थित हों। तालाब का ब्योरा व एफटीएल पब्लिक डोमेन में दर्ज करने का आदेश
नगर निगम को निर्देश दिया गया कि शाहपुरा तालाब के कुल क्षेत्रफल (49.11 हेक्टेयर) तथा इसके बफर/जोन ऑफ इन्फ्लुएंस को नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक किया जाए। साथ ही, सभी संबंधित भवन अनुज्ञा शाखाओं को यह विवरण दिया जाए ताकि प्रतिबंधित क्षेत्र में भविष्य में कोई नई निर्माण अनुमति जारी न हो सके। सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों का हवाला
एनजीटी ने उच्चतम न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षक है। सार्वजनिक जल निकायों को निजी कब्जों और अवैध कॉलोनियों में तब्दील करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। प्रदेश के 15,000 से अधिक वेटलैंड्स का स्पष्टीकरण
मध्यप्रदेश राज्य वेटलैंड प्राधिकरण और ईप्को (EPCO) के रिकॉर्ड में दर्ज वेटलैंड्स की संख्या (13,565 एवं 15,152) में स्पष्टता लाने और 2.25 हेक्टेयर से छोटे वेटलैंड्स की भी सूची पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए।
