भोपाल के बागसेवनिया इलाके में साइबर ठगों ने पहले 160 रुपए का बोनस देकर एक युवक का भरोसा जीता और फिर क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर करीब 12 लाख रुपए ठग लिए। ठगों ने युवक को वॉट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर अलग-अलग टास्क दिए। शुरुआत में टास्क पूरा करने पर 160, 100 और 1500 रुपए तक बोनस दिया। इसके बाद बड़े मुनाफे का लालच देकर अलग-अलग बैंक खातों और UPI ID में रुपए ट्रांसफर कराते रहे। पीड़ित ने ठगों के झांसे में आकर अपने खातों के अलावा पत्नी, भाई, भतीजे, दोस्तों और अन्य परिचितों के खातों से भी रकम भेज दी। 19 और 20 अगस्त के बीच 32 ट्रांजेक्शन में करीब 11.98 लाख रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए गए। वॉट्सएप ग्रुप में जोड़कर छोटे टास्क दिए पुलिस के अनुसार बागमुगलिया निवासी 36 वर्षीय सतेन्द्र करोसिया को 18 अगस्त को एक मोबाइल नंबर से 24-कंपार्टेंडो नाम के वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था। ग्रुप में प्रोडक्ट खरीदकर उसका स्क्रीनशॉट शेयर करने पर बोनस देने की बात कही गई। शुरुआत में जब उसके खाते में बोनस की रकम पहुंची तो उसे भरोसा हो गया कि यह वास्तविक ऑनलाइन काम है। इसके बाद ठगों ने उसे टेलीग्राम ग्रुप की लिंक भेजी। वहां निवेश के नाम पर अलग-अलग टास्क दिए गए। हर टास्क पूरा करने के लिए रकम जमा कराई जाती थी। ज्यादा निवेश पर ज्यादा मुनाफे का लालच दिया गया। ठग हर बार अलग-अलग बैंक खाते और UPI ID भेजकर रकम ट्रांसफर कराते रहे। 11.98 लाख जमा करने के बाद मांगे 60 हजार सतेन्द्र ने जब करीब 11.98 लाख रुपए जमा कर दिए तो उसने अपनी रुपए और मुनाफा वापस मांगा। इस पर ठगों ने कहा कि पूरी रकम निकालने के लिए 60 हजार रुपए और जमा करने होंगे। इस मांग के बाद सतेन्द्र को संदेह हुआ। उसने रुपए वापस लेने के लिए दबाव बनाया, लेकिन ठग 60 हजार रुपए जमा करने की बात पर अड़े रहे। इसके बाद उसे साइबर ठगी का अहसास हुआ। शिकायत के आधार पर बागसेवनिया पुलिस ने मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस बैंक खातों, UPI ID, मोबाइल नंबर और ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाकर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
