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स्कूलों में ई-अटेंडेंस सिस्टम पर दूसरे राज्य कर रहे स्टडी:अफसरों से सीएम ने कहा -एजुकेशन में IT बेस्ड इनोवेशन जारी रखें

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए हैं कि एजुकेशन सेक्टर में इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) बेस्ड इनोवेशंस को लगातार जारी रखा जाए। उन्होंने प्रदेश में लागू ई-अटेंडेंस व्यवस्था के सफल परिणामों की सराहना करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की “हमारे शिक्षक” ऐप जैसी एआई-संचालित तकनीक का अब दूसरे राज्य भी अध्ययन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर देते हुए स्कूलों में बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। स्कूलों में 95% तक पहुंची टीचर्स की उपस्थिति प्रदेश के सरकारी स्कूलों में ई-अटेंडेंस अनिवार्य होने के बाद उपस्थिति का ग्राफ 95 प्रतिशत तक पहुंच गया है। “हमारे शिक्षक” ऐप के माध्यम से तैयार की गई ऑनलाइन एआई-संचालित व्यवस्था की सफलता को देखते हुए अन्य राज्य भी इस मॉडल को अपनाने के लिए इसका अध्ययन कर रहे हैं। इस तकनीक से स्कूलों में तय समय-सीमा के अनुसार नियमित पठन-पाठन सुनिश्चित करने में बड़ी कामयाबी मिली है। सवा करोड़ विद्यार्थियों को ₹696 करोड़ की छात्रवृत्ति राज्य सरकार द्वारा शिक्षा पोर्टल के माध्यम से पूरी पारदर्शिता के साथ समेकित छात्रवृत्ति योजना का संचालन किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने नोडल विभाग के रूप में कार्य करते हुए सीधे विद्यार्थियों के खातों में ऑनलाइन राशि ट्रांसफर की है। पिछले 2 वर्षों में प्रदेश के लगभग सवा करोड़ छात्र-छात्राओं को 696 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति का भुगतान सीधे उनके खातों में किया गया है। स्कूलों के कायाकल्प के लिए जिला स्तर पर विशेष अभियान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर और रखरखाव के लिए जिला स्तर पर शालावार (स्कूलवार) विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। इसके लिए जिला कलेक्टरों को समन्वय और पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्कूलों में नियमित साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल और चालू शौचालयों की व्यवस्था स्थानीय निकायों के माध्यम से कराई जाएगी। इसके साथ ही सीएसआर (CSR), डीएमएफ (DMF), विधायक व सांसद निधि और निवेशकों का सहयोग भी लिया जा रहा है। स्कूलों में अब पूर्व छात्र सम्मेलन होंगे स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल करते हुए अब प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पूर्व छात्र सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कई पूर्व छात्र अपनी पुरानी शिक्षण संस्थाओं के विकास में सहयोग करने के इच्छुक होते हैं, ऐसे में जनभागीदारी और इस अभिनव पहल के माध्यम से स्कूलों की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जा सकेगा। मध्य प्रदेश के दो स्कूल राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत हुए बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि भारत सरकार द्वारा संचालित ‘स्वच्छ और हरित विद्यालय कार्यक्रम’ के अंतर्गत मध्य प्रदेश के दो विद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत किया गया है। इनमें रतलाम जिले के जावरा का शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और भोपाल का शासकीय कमला नेहरू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए विभाग की पीठ थपथपाई है।

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