जबलपुर में गुरुवार रात गढ़ा थाना के सामने एक युवती के हंगामे से करीब आधे घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। बताया जा रहा है कि युवती अचानक एक कार के सामने आ गई। कार चालक ने जाम लगने की बात कहते हुए उसे किनारे हटने को कहा। इस पर युवती नाराज हो गई और चालक से बहस करने लगी। युवती ने चालक से सवाल किया कि उसने उसे ‘दीदी’ क्यों कहा। इसके बाद वह कार के सामने खड़ी हो गई और रास्ता रोक दिया। इस दौरान सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से जाम की स्थिति बन गई। थाने के सामने आधे घंटे तक हंगामा बताया जा रहा है कि युवती करीब आधे घंटे तक सड़क के बीच खड़ी रही। वह आने-जाने वाले वाहनों को भी रोकती रही, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। त्योहार के चलते सड़क पर पहले से अधिक आवाजाही थी, ऐसे में जाम के कारण लोगों को परेशानी हुई। हैरानी की बात यह रही कि पूरा घटनाक्रम गढ़ा थाना के ठीक सामने चलता रहा, लेकिन मौके पर पुलिस की सक्रियता नजर नहीं आई। यातायात पुलिस भी मौके पर दिखाई नहीं दी। इससे पुलिस की निगरानी और यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। अचानक वाहनों के रुकने से हादसे का खतरा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवती काफी देर तक सड़क के बीच खड़ी रही और वाहनों को रोकती रही। तेज रफ्तार से आने वाले वाहनों के अचानक रुकने से हादसे की आशंका भी बनी रही। इसके बावजूद मौके पर यातायात को सुचारु कराने के लिए पुलिस की मौजूदगी नहीं दिखी। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि अगर थाने के सामने ही सड़क पर वाहन रोके जा रहे थे और जाम की स्थिति बन रही थी, तो पुलिस को इसकी जानकारी क्यों नहीं लगी। लोगों का कहना है कि किसी आम वाहन चालक के कारण ऐसी स्थिति बनती तो पुलिस तत्काल कार्रवाई करती। फिलहाल युवती की पहचान और उसके हंगामे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पूरे मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस की जांच और संबंधित लोगों से पूछताछ के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
