शहर की सड़कों पर रात में आपको स्ट्रीट लाइट जलती तो दिखती है, लेकिन उसके नीचे पर्याप्त उजाला नहीं दिखता। इसकी एक बड़ी वजह ग्वालियर स्मार्ट सिटी की एलईडी खरीदी-सप्लाई में सामने आई है। 70 वॉट की एलईडी में 70 वॉट का ड्राइवर (उपकरण) लगना चाहिए, लेकिन भास्कर की पड़ताल में ड्राइवर 50 वॉट का मिला। चौंकाने वाली बात यह है कि करीब ₹150 रुपए बाजार कीमत वाले इस 50 वॉट ड्राइवर के बदले कंपनी से 70W के नाम पर ~₹600 प्लस GST की दर से सप्लाई ली जा रही है। मामला सिर्फ सड़क पर कम रोशनी का नहीं, सरकारी खजाने की बर्बादी का भी है। दिल्ली की फ्लोरिडा इलेक्ट्रिकल इंडस्ट्री को स्मार्ट सिटी ने एलईडी और उपकरण सप्लाई के लिए ~₹10.46 करोड़ से ज्यादा का टेंडर दिया है। पिछले साल दीपोत्सव की आड़ में सिंगल टेंडर के जरिए इसी कंपनी को काम मिला था। यह वही कंपनी है, जो शहर में पहली बार एलईडी लगाने वाली ईईएसएल को मटेरियल सप्लाई करती थी। बाद में स्मार्ट सिटी ने ईईएसएल को बाहर का रास्ता दिखा दिया था। एलईडी की संख्या घटाई… ड्राइवर तीन गुना बढ़ा दिए मूल एस्टीमेट में 14 हजार नई एलईडी थीं- 10 हजार 70W और 4 हजार 110W। कंपनी की सप्लाई कम रहने के बाद संख्या 9 हजार कर दी गई। इसके उलट 70W ड्राइवर 15 हजार से बढ़ाकर 45 हजार कर दिए गए। यानी एलईडी 5 हजार कम, ड्राइवर 30 हजार ज्यादा। नई ₹18 लाख की खेप में भी 50 वॉट… दिल्ली से हाल में 3000 ड्राइवर आए हैं। ₹600 प्रति ड्राइवर के हिसाब से खेप ₹18 लाख प्लस GST की है। इनमें भी ऊपर 70-75W की पर्ची और उसके नीचे 50W की मार्किंग मिली है। ऐसे खुला घोटाला: वॉटेज एंड पीएफ टेस्टर में रीडिंग 49.69 निकली शहर में खराब होने वाली 70 वॉट की एलईडी लाइटों को सुधारने के लिए फ्लोरिडा कंपनी 50 वॉट के ड्राइवर सप्लाई कर रही है। ड्राइवर पर स्मार्ट सिटी के लोगो वाली पर्ची पर ‘LED Driver 70 Watt’ लिखा है, लेकिन भास्कर ने पर्ची हटाई तो नीचे 50W मिला। मूल मार्किंग घिसकर ऊपर 70-75W की पर्ची चिपकाई गई थी। ‘वॉटेज एंड पीएफ टेस्टर’ पर जांच में भी रीडिंग 49.69 आई। जानकारों के मुताबिक 50W ड्राइवर लगाने पर 70W एलईडी चालू तो हो जाएगी, लेकिन पूरी क्षमता से नहीं जलेगी।
{भास्कर ने 50 वॉट के ड्राइवर 750 मिली एम्पीयर खरीदने के लिए मालेगांव (महाराष्ट्र) की स्टार ब्राइड कंपनी के नीतेश से बात की। उन्हें बताया कि 1000-1200 ड्राइवर तीन साल की गारंटी (फुल रिपलेस) में कितनी कीमत में देंगे। उन्होंने वाट्सअप पर ड्राइवर की तस्वीर और कीमत 150 रुपए बताई। रोशनी का गणित: लाइट तो जलेगी, लेकिन सड़क पर प्रकाश कम होगा 9 मीटर ऊंचाई पर लगी 70W एलईडी और 70W ड्राइवर से करीब 24-25 फीट रेडियस में पर्याप्त उजाला मिलना चाहिए। इसमें 50W ड्राइवर लगाने पर एलईडी जलेगी, लेकिन उसकी क्षमता के अनुरूप रोशनी नहीं मिलेगी। नतीजा- सड़क पर कम उजाला। जानकारों के मुताबिक इससे ड्राइवर के बार-बार फुंकने, एलईडी चिप खराब होने और लाइट की लाइफ घटने का भी खतरा है। सफाई- हम 70 वॉट के ड्राइवर दे रहे कंपनी 70 वॉट की एलईडी के लिए 70 वॉट के ही ड्राइवर दे रही है। 50 वॉट के तो मेल ही नहीं करेगा। मैं तसल्ली के बाद ही सामान भेजता हूं।
-रचित अरोरा, डायरेक्टर फ्लोरिडा कंपनी नई दिल्ली जिम्मेदार- ऐसी गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं स्ट्रीट लाइट के लिए अगर कंपनी एलईडी के ड्राइवर 70 वॉट की जगह 50 वॉट के दे रही है तो यह गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं होगी। मामले की जांच कराएंगे।
-टी. प्रतीक राव, प्रभारी सीईओ स्मार्ट सिटी भास्कर एक्सपर्ट – ये तो धोखा है… पहले स्ट्रीट लाइट के लिए स्टैंडर्ड कंपनी की एलईडी ही ली जाती थी। 70 वॉट की एलईडी में 50 वॉट का ड्राइवर (उपकरण) लगाना गलत है। कंपनी सप्लाई में धोखाधड़ी कर रही है, पुलिस में शिकायत होना चाहिए। इसी कारण लाइनमैन स्ट्रीट लाइट लगाता है और 2-3 घंटे में ही खराब हो रही है। -देवी सिंह राठौर, पूर्व प्रभारी कार्यपालन यंत्री ननि
