आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई फिर अटक गई है। निगम ने 7,512 प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए, इनमें करीब 750 की मियाद 15 अगस्त के बाद खत्म हो चुकी है। हालांकि, अब तक सीलिंग की कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। 19 अगस्त के बाद नए नोटिस भी जारी नहीं हुए। अब निगम सभी 7,512 नोटिस की मियाद 29-30 अगस्त तक खत्म होने का इंतजार कर रहा है। 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में बताना है कि इस मामले में क्या कार्रवाई की गई है। दरअसल, इस पूरे मामले में नगर निगम का स्टैंड भी लगातार बदलता रहा है। पहले अफसरों ने कहा था कि सभी 62,500 व्यावसायिक संपत्तियों को नोटिस दिए बिना सीलिंग नहीं होगी। फिर कहा कि 15 अगस्त के बाद जिनकी नोटिस अवधि खत्म होगी, उन्हें सील करेंगे। 20 अगस्त को उपायुक्त भुवन गुप्ता ने कहा कि सीलिंग के आदेश जारी हो रहे हैं। अगले दिन बताया कि विधानसभा क्षेत्रवार संबंधित अपर आयुक्त आदेश जारी करेंगे। 24 अगस्त तक ये आदेश जारी नहीं हुए। पहले 99 ने ताले लगाए, 48 घंटे में सभी खुले सबसे पहले 101 प्रतिष्ठानों को नोटिस देने की कार्रवाई हुई थी। इनमें 99 संचालकों ने खुद ताले लगाए थे, जबकि दो होटल सील किए गए। पंचनामा बनने के बाद 48 घंटे में 99 प्रतिष्ठान दोबारा खुल गए। इधर 18 से 23 अगस्त के बीच न्यू मार्केट, बागसेवनिया, अवधपुरी और आनंद नगर के व्यापारियों नेकार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किए। व्यापारियों का कहना है कि त्योहार तक उन्हें छूट दी जाए। हालांकि, रहवासी इलाकों में कारोबार के खिलाफ अरेरा कॉलोनी के रहवासी लगातार विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कई बार प्रदर्शन भी किए। सीलिंग कब होगी, अभी बताना संभव नहीं नोटिस के जवाब और व्यापारियों के ज्ञापनों की जांच की जा रही है। आखिरी नोटिस 19 अगस्त तक जारी हुए। सभी की मियाद 29-30 अगस्त तक पूरी हो जाएगी। सीलिंग कब तक होगी, अभी ये बताना संभव नहीं है। -भुवन गुप्ता, उपायुक्त, नगर निगम
