भोपाल के अलग-अलग वार्डों से सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में दैनिक भास्कर एप का ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस मंच के जरिए नागरिक अपनी शिकायतें सीधे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। शिकायत पोस्ट होते ही संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि संज्ञान लेकर कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे लोगों को समय पर राहत मिल रही है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्याएं और शहर की जमीनी हकीकत पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें…) जोन-17 के AHO रामरतन लोहिया बने आज के “स्टार ऑफिसर” देव चौहान ने भास्कर समाधान पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने लिखा कि उनके घर के पास स्थित खाली प्लॉट में लंबे समय से कचरा फेंका जा रहा था। समय के साथ यहां कचरे का ढेर लग गया, जिससे आसपास काफी बदबू फैल रही थी। गंदगी के कारण रहवासियों में बीमारियां फैलने का भी डर बना हुआ था। शिकायत भास्कर समाधान पर पोस्ट होने के बाद जोन-17 के AHO रामरतन लोहिया ने मामले पर संज्ञान लिया और खाली प्लॉट में जमा कचरे की सफाई कराकर समस्या का समाधान कराया। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में फैली गंदगी और बदबू से रहवासियों को राहत मिली। एप से लोगों को मिल रहा समाधान अयोध्या बाईपास: 15 दिन से बंद स्ट्रीट लाइट हुई चालू, यूजर ने की पुष्टि अयोध्या नगर फेज-3 निवासी रितेश आर्य ने स्ट्रीट लाइट बंद होने की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने लिखा कि खंभे की लाइट पिछले 15 दिनों से बंद थी और शिकायत करने के बाद भी निराकरण नहीं हो रहा था। अंधेरे के कारण क्षेत्रवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिकायत भास्कर समाधान पर सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने स्ट्रीट लाइट चालू कराकर समस्या का समाधान किया। समाधान की पुष्टि खुद शिकायतकर्ता रितेश आर्य ने एप पर की। गड्ढे, कचरा, स्ट्रीट लाइट और सीवेज की समस्याओं से जूझ रहे भोपालवासी अशोका गार्डन: टूटे चेंबर से हादसे का खतरा अशोका गार्डन निवासी इशाक खान ने शिकायत दर्ज कराई है कि 15 अगस्त की रात ट्रक का पहिया चढ़ जाने से सड़क का चेंबर टूट गया। टूटे चेंबर के कारण दुर्घटना की आशंका बनी हुई है और बच्चों व बुजुर्गों को भी परेशानी हो रही है। संयुक्त विहार: पानी की टंकी के पास कचरे का ढेर, संक्रमण का खतरा राघवेंद्र शुक्ला ने संयुक्त विहार क्षेत्र में कचरा जमा होने की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने लिखा कि कॉलोनी में पानी की टंकी के आसपास कई दिनों से कचरे का ढेर लगा हुआ है। गंदगी के कारण संक्रमण फैलने के साथ ही कीड़े-मकौड़े और मच्छरों की समस्या भी बढ़ रही है। दानिश नगर: एक महीने पहले लगी स्ट्रीट लाइट अब तक चालू नहीं राम पटेल ने दानिश नगर रोड की स्ट्रीट लाइट को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि सड़क पर करीब एक महीने पहले स्ट्रीट लाइट लगाई गई थी, लेकिन अभी तक उसे चालू नहीं किया गया है। इसके कारण रात में सड़क पर अंधेरा रहता है और लोगों को परेशानी होती है। शाहपुरा: सीवेज लाइन डालने के बाद सड़क की हालत खराब मयूर दुबे ने शाहपुरा क्षेत्र में सीवेज लाइन डालने के बाद सड़क की खराब स्थिति की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने लिखा कि भोपाल नगर निगम की अमृत परियोजना के तहत सीवेज लाइन डाली गई थी। काम पूरा होने के बाद सड़क को पहले जैसी स्थिति में किया जाना था, लेकिन सड़क को टूटी हालत में ही छोड़ दिया गया। इससे रहवासियों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप पर भास्कर समाधान सेगमेंट देश का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी खुद अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू पोस्ट कर सकते हैं। यह पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा माध्यम बना है। एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। अधिकारी बता सकेंगे, क्या एक्शन लिया दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है, तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। यूजर बता सकते हैं, समाधान हो गया एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। भास्कर समाधान सेगमेंट बदलाव लाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। इसके पीछे भास्कर एप की सोच यही है कि शहर के हर कोने से लोगों की समस्याएं प्रशासन तक रियल टाइम पहुंचें, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच एक सेतु बन सके। लोग सीधे अपनी बात कह सकें। ऐसे में सरकार और अधिकारियों को चाहिए कि वे इन पोस्ट को सकारात्मक रूप से लें और समाधान का रास्ता चुनें।
