मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। सड़कों की दुर्दशा पर विधायक को जनता का खौफ
मध्य प्रदेश की सड़कें एक बार फिर सुर्खियों में हैं। यहां अमेरिका जैसी कथित सड़कों की सूरत ऐसी बिगड़ी है कि सत्ताधारी दल के विधायक तक खौफ में हैं। ये खौफ किसी और का नहीं, जनता का है। जबलपुर के पाटन से भाजपा विधायक अजय विश्नोई ने खुलकर कहा है कि पूरे प्रदेश में सड़कों की हालत खराब है। खस्ताहाल सड़कों से जनता परेशान है और इसके लिए सबसे पहले गर्दन पकड़ती है तो विधायक की पकड़ती है। प्रदेश के हर विधायक का यही हाल है। भाजपा विधायक ने सड़कों को लेकर अपनी ही सरकार की पोल खोलते हुए कहा कि सड़क चाहे पीडब्ल्यूडी की हो या प्रधानमंत्री ग्राम सड़क विभाग की, हालत लगभग एक जैसी है। नागरिक परेशान होते हैं, सरकार को गालियां देते हैं और स्थानीय विधायक की कॉलर पकड़ते हैं। उन्होंने कहा कि यह सच है कि विभागीय भ्रष्टाचार दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। ठेकेदार काम लेने की होड़ में कम दाम पर काम ले लेते हैं। ठेकेदार की कमाई और विभाग की रिश्वत के बाद बची रकम से बनी सड़कें आखिरकार ऐसी ही दुर्दशा को प्राप्त हो जाती हैं। खरी बात ये है कि सड़कों की दुर्दशा के मामले में विपक्ष तो छोड़िए, सरकार अपनों से ही घिर गई है। ये सही है कि जनता की अदालत में सबसे पहले विधायक की ही पेशी होती है। ऐसे में विधायक का ये डर अच्छा है, शायद इससे सड़कों की दशा सुधर जाए। भाजपा विधायक और नपा अध्यक्ष को नहीं मिली कुर्सी
नारी शक्ति वंदन की बात करने वाली भाजपा के कार्यक्रम में ही नारी शक्ति को कुर्सी नहीं मिली। मामला गुना का है, जहां भाजपा विधायक प्रियंका मीणा और नगर पालिका अध्यक्ष सविता गुप्ता काफी देर तक खड़ी रहीं। जबकि वहां लगे सोफा और कुर्सियों पर पुरुष नेता बैठे थे। वे यह सब सीन देखकर भी टस से मस नहीं हुए। आखिरकार विधायक ने खुद अपनी कुर्सी लगाई और बैठ गईं। पास में ही नगर पालिका अध्यक्ष भी बैठीं। फिर जब विधायक के भाषण की बारी आई तो उन्होंने अपनी ही पार्टी को आईना दिखा दिया। उन्होंने मंच से कहा कि जब सरकार महिलाओं को 33% आरक्षण देने का काम कर रही है और मुझे भी विधायक बनाया है, तो महिलाओं को बराबरी पर बैठाना चाहिए, ताकि सुंदर दृश्य नजर आए। बता दें कि विधायक प्रियंका मीणा इससे पहले भी महिलाओं के मुद्दे पर भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य से मंच पर ही भिड़ गई थीं। अब लोग तंज कर रहे हैं कि महिला सशक्तीकरण की बात करने वाली भाजपा की ये हालत है कि महिला जनप्रतिनिधियों को ही अपनी जगह बनाने के लिए इस तरह संघर्ष करना पड़ रहा है। थाने में भिड़ गए टीआई और हिंदू संगठन के नेता
भोपाल के जहांगीराबाद थाने में टीआई राजन सिंह और हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी के बीच तीखी बहस हो गई। इस दौरान एसीपी उमेश तिवारी भी मौजूद थे। वे दोनों पक्षों को समझाते रहे, लेकिन कोई भी कम पड़ने को तैयार नहीं था। हुआ यूं कि एक मामले में हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर दिया था। इस मामले में हिंदू नेता ने आरोप लगाया कि शिकायत के बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। इस आरोप पर टीआई का पारा चढ़ गया। उन्होंने कहा- फालतू बात मत करो और खामोशी से बैठो। इधर, चंद्रशेखर तिवारी यह कहते सुनाई दिए कि अंडरस्टैंडिंग बनाकर चलोगे तो फायदे में रहोगे। इस बहस का वीडियो सामने आया है। अब थाने में हुए इस तमाशे पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोग यह भी कह रहे हैं कि चूंकि मामला कैमरे के सामने था, इसलिए कोई कम पड़ने को तैयार नहीं था। किसी को राजनीति चमकानी थी, तो किसी को अपनी दबंगई। और अब अंदर की बात.. मंत्री और भाजपा विधायक के बीच नहीं बैठ रही पटरी
एक बड़े जिले में एक मंत्री और सत्ताधारी दल के एक विधायक के बीच पटरी नहीं बैठ रही है। विधायक के बेबाक बयानों से मंत्री अक्सर परेशान हो जाते हैं। विधायक को शहर के प्रथम नागरिक का भी साथ मिल गया है। इसकी भी वजह है, शहर के प्रथम नागरिक अब मंत्री के विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। इधर, विधायक हाल ही में राजधानी में एक कद्दावर मंत्री से मिले। दोनों के बीच करीब एक घंटे तक बंद कमरे में बात हुई। जिसके बाद से विधायक कुछ ज्यादा ही मुखर हैं। विधायक भी वरिष्ठ हैं, वे भी मंत्री बनने की कतार में थे। लेकिन जब ये ओहदा हासिल न हुआ तो वे अक्सर अपनी ही सरकार में विपक्ष की भूमिका में नजर आ जाते हैं। अब सियासी गलियारों में यही चर्चा है कि आखिर विधायक जी क्या चाहते हैं। वो क्या गणित बैठाने की कोशिश में हैं। क्या उनकी मंशा पूरी हो पाएगी? इनपुट सहयोग – आशीष उरमलिया (जबलपुर), आशीष रघुवंशी (गुना), ईश्वर सिंह परमार (भोपाल) ये भी पढ़ें –
सीएम को सड़क पर टोका- साहब, गड्ढा देख लो: प्लेन में शिवराज-दिग्विजय की गुफ्तगू टीकमगढ़ में सीएम का 35 से ज्यादा वाहनों का काफिला शहर की एक जर्जर सड़क से गुजर रहा था। तभी इसका वीडियो बना रहे शख्स ने सीएम को आवाज लगाई और कहा- साहब जी, ये गड्ढा देख लीजिए। इस पर सीएम ने हाथ जोड़कर उस शख्स का अभिवादन किया और आगे बढ़ गए। पूरी खबर पढ़ें
