इंदौर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अमलतास परिसर में आवंटित आवासीय इकाइयों में नियम विरुद्ध गतिविधियों के खिलाफ निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने शुक्रवार को कार्रवाई की। संयुक्त कार्रवाई में 15 आवासीय इकाइयों को सील किया गया, जबकि फ्लैटों में संचालित दुकानों का सामान भी जब्त किया गया। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि कुछ आवंटित आवासीय इकाइयों में नियमों के विपरीत मवेशी पाले जा रहे थे। वहीं, कुछ हितग्राहियों ने आवास किराये पर देकर अवैध गतिविधियां संचालित कर रखी थीं। कई फ्लैटों में आवासीय उपयोग के बजाय दुकानें भी संचालित होती मिलीं। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ हितग्राहियों ने प्रारंभिक राशि 20 हजार रुपए जमा करने के बाद शेष 1.80 लाख रुपए की राशि अब तक जमा नहीं की है। कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम मौजूद रही। तेजाजी नगर थाना प्रभारी, क्षेत्रीय तहसीलदार, कार्यपालन यंत्री मितेश सिंगोड, सीएलटीसी संतोषी गुप्ता सहित निगम की रिमूवल टीम और पुलिस बल कार्रवाई में शामिल रहा। निगम ने हितग्राहियों को 15 दिन की मोहलत देते हुए बकाया राशि जमा कर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। ऐसा नहीं करने पर आवास खाली करवाकर आवंटन निरस्त किया जाएगा और पात्र हितग्राही को आवास आवंटित किया जा सकता है। मुनादी के जरिए बकायादार हितग्राहियों को भी चेतावनी दी गई है कि तय अवधि में राशि जमा नहीं करने पर पूर्व में जमा राशि राजसात कर आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
