मध्यप्रदेश के मुरैना में जौरा थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल नीरज तोमर और एक वकील के बीच बातचीत का ऑडियो सामने आया है। इसमें चालान पर अधिकारी के साइन कराने और उसे कोर्ट में पेश करने के नाम पर पैसों की बातचीत सुनाई दे रही है। ऑडियो में हेड कॉन्स्टेबल कहता है कि अधिकारी बिना पैसे लिए साइन नहीं करेगा। बातचीत में कंप्यूटर ऑपरेटर और कोर्ट मुंशी को भी पैसे देने का जिक्र है। हालांकि, ऑडियो की सत्यता की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। 2 हजार से शुरू हुई बात, 5 हजार तक पहुंची बातचीत में वकील पूछता है कि चालान पर साइन कराने के लिए कितने रुपए देने होंगे। हेड कॉन्स्टेबल कहता है कि अधिकारी बिना पैसे लिए साइन नहीं करेगा। वकील 2 हजार रुपए देने की बात करता है, लेकिन हेड कॉन्स्टेबल कहता है कि इतनी रकम में काम नहीं होगा। इसके बाद वह 5 हजार रुपए की बात करता है। साथ ही कहता है कि इसमें से कंप्यूटर ऑपरेटर और कोर्ट मुंशी को भी पैसे देने पड़ेंगे। बातचीत में कोर्ट मुंशी के तौर पर धर्मेंद्र भदौरिया का नाम लिया जाता है। ‘TI को भी देना पड़ता है, बर्थडे गिफ्ट समझो’
ऑडियो में वकील कम रकम में काम कराने की बात करता है। हेड कॉन्स्टेबल जवाब देता है कि थाना और कोर्ट की प्रक्रिया में अलग-अलग जगह खर्च होता है। इसी दौरान TI को पैसे देने का भी जिक्र आता है। वकील इसे ‘सहयोग राशि’ बताने की बात करता है। हेड कॉन्स्टेबल इसे मजाकिया अंदाज में ‘बर्थडे गिफ्ट’ कहता सुनाई देता है। वह यह भी कहता है कि सामने वाला अधिकारी साइन तभी करेगा, जब उसकी बात के मुताबिक किया जाए। पढ़िए पूरी बातचीत सोना मिलने पर 20-30 हजार तक की बात बातचीत आगे बढ़ने पर वकील और हेड कॉन्स्टेबल सोने से जुड़ी रकम पर भी चर्चा करते हैं। हेड कॉन्स्टेबल कहता है कि अगर सोना निकल आया तो 10-15 हजार रुपए किए जा सकते हैं। वकील 4-5 लाख रुपए के सोने की स्थिति में 20-30 हजार रुपए देने की बात करता है। हेड कॉन्स्टेबल कहता है कि सोना निकलना चाहिए और वह उसे ‘तोड़ने’ की बात करता है। बातचीत के अंत में वह कहता है कि उसका मुख्य उद्देश्य अगले दिन चालान पेश करना है। थाना प्रभारी ने फोन नहीं उठाया मामले में जौरा थाना प्रभारी एसआई पंकज यादव से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया। उन्होंने कई बार फोन नहीं उठाया। बाद में फोन उठाने पर उन्होंने कहा कि वह अभी व्यस्त हैं और बाद में बात करेंगे। इसके बाद फोन काट दिया गया। SDOP बोले- ऑडियो की जांच होगी
जौरा SDOP नितिन बघेल ने कहा कि ऑडियो पुलिस को भी मिला है। पहले ऑडियो की सत्यता की जांच की जाएगी। इसके बाद संबंधित हेड कॉन्स्टेबल और थाना प्रभारी से पूछताछ की जाएगी। जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
