छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में 2 साल पहले स्टील कारोबारी अक्षत अग्रवाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामला गांधी नगर थाना क्षेत्र का था। 21 अगस्त 2024 को अंबिका स्टील इंडस्ट्रीज के मालिक महेश केडिया के बेटे अक्षत अग्रवाल (23) का शव कार में मिला था। अक्षत के सीने में गोली लगी थी। पुलिस ने हत्या के आरोप में कंपनी के पूर्व कर्मचारी संजीव मंडल को गिरफ्तार किया था। आरोपी का दावा था कि कारोबारी ने खुद अपनी हत्या की सुपारी दी थी। इस दौरान आरोपी का नार्को टेस्ट और पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराया गया, लेकिन इनमें कोई नया तथ्य सामने नहीं आया। हत्या की असल वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। पहले देखिए ये तस्वीरें… 2 साल चली सुनवाई, 33 गवाहों के बयान दर्ज अतिरिक्त सरकारी वकील विनोद कुमार दुबे ने बताया कि गांधीनगर पुलिस ने घटना के अगले दिन यानी 22 अगस्त 2024 को ही आरोपी संजीव मंडल को हिरासत में ले लिया था। आरोपी के कब्जे से 3 पिस्टल और 31 कारतूस बरामद किए गए थे। इसके अलावा 50 हजार रुपए कैश, अक्षत अग्रवाल की सोने की चेन, ब्रेसलेट और अंगूठी भी बरामद हुई थी। आरोपी संजीव मंडल ने दावा किया था कि अक्षत अग्रवाल ने खुद अपनी हत्या की सुपारी दी थी। आरोपी के मुताबिक, तीनों पिस्टल और 31 कारतूस भी अक्षत अग्रवाल ही लेकर आया था। मामले की सुनवाई जिला कोर्ट के सप्तम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश महेश कुमार राज की अदालत में हुई। करीब 2 साल चली सुनवाई में पुलिस अधिकारियों और जवानों, डॉक्टर, फॉरेंसिक टीम, परिजनों और दोस्तों समेत कुल 33 लोगों की गवाही हुई। कोर्ट ने संजीव मंडल को हत्या और आर्म्स एक्ट (हथियार रखने) के तहत दोषी ठहराया। कोर्ट ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत आजीवन सश्रम कारावास और आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 के तहत 5 साल के कारावास की सजा सुनाई है।
खुद की हत्या की सुपारी देने का पहला मामला अतिरिक्त सरकारी वकील के मुताबिक, आरोपी संजीव मंडल उर्फ भानू ने गिरफ्तारी के बाद दावा किया था कि अक्षत अग्रवाल ने खुद अपनी हत्या की सुपारी दी थी। आरोपी ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि अक्षत ने उसे खुद को गोली मारने के लिए कहा था। संजीव के मुताबिक, उसने अक्षत पर पिस्टल तानी, लेकिन गोली नहीं चला पाया। इसके बाद अक्षत ने खुद ट्रिगर दबा दिया, जिससे गोली उसके सीने में लगी। संजीव ने दावा किया कि इसके बाद उसने भी दो फायर किए। हालांकि, कोर्ट में आरोपी अपने पुलिस बयान से मुकर गया और खुद को निर्दोष बताया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, अक्षत को तीनों गोलियां पास से मारी गई थीं। परिस्थितिजन्य और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों से घटना के समय अक्षत अग्रवाल और संजीव मंडल की घटनास्थल पर मौजूदगी की पुष्टि हुई। पुलिस ने कोर्ट की अनुमति लेकर आरोपी संजीव मंडल का नार्को टेस्ट और पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराया था। जांच में घटना में किसी अन्य व्यक्ति के शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई। इन जांचों से मिले तथ्यों को भी कोर्ट के सामने रखा गया था। ………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… छत्तीसगढ़ में स्टील कारोबारी के बेटे की गोली मारकर हत्या: आरोपी बोला- उसने खुद को मरवाया; सीने-पेट में धंसी बुलेट, कार में मिली 3 पिस्टल छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एक स्टील कारोबारी के बेटे अक्षत अग्रवाल (25) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि उसे रिवॉल्वर से 3 गोलियां मारी गई हैं। 2 गोली उसके सीने और एक पेट में लगी है। युवक का शव अंबिकापुर-मनेंद्रगढ़ रोड के किनारे जंगल के पास कार में मिला है। पढ़ें पूरी खबर…
