भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने सोमवार को अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया। इसमें मध्य प्रदेश से 8 नेताओं को जिम्मेदारी मिली है। 2023 की पिछली टीम में MP से 3 नेताओं को जगह मिली थी। यानी इस बार प्रदेश की हिस्सेदारी दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। आखिर मध्य प्रदेश को यह बढ़त क्यों मिली, क्या संख्या बढ़ने का मतलब राष्ट्रीय संगठन में कद बढ़ना है? क्या कैलाश विजयवर्गीय और प्रह्लाद पटेल जैसे कद्दावर नेताओं को जानबूझकर बाहर रखा गया, इसके पीछे क्या रणनीति है; समझते हैं मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर में… सवाल 1: इस बार 3 की जगह 8 नेता क्यों…असल में क्या बदला? जवाब- 2023 में मध्य प्रदेश से सिर्फ 3 नेताओं को राष्ट्रीय टीम में जगह मिली थी। 8 में से 6 नाम मुख्य राष्ट्रीय टीम में बिल्कुल नए हैं। सवाल 2: इन 8 नेताओं को दिल्ली क्यों बुलाया…कौन क्या करेगा? जवाब- पदनाम सुनने में भारी लगते हैं, पर असल जिम्मेदारी समझना जरूरी है। सवाल 3: BJP ने कौन-कौन से सामाजिक समीकरण साधे हैं? जवाब- यह भाजपा की क्लासिक जातीय सोशल इंजीनियरिंग है- SC, ST, OBC, ब्राह्मण, बनिया, हर बड़े वर्ग को जगह… क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व: तीन नाम अकेले मालवा-निमाड़ से हैं (गजेंद्र पटेल, बंशीलाल गुर्जर, कविता पाटीदार) जो भाजपा के लिए हमेशा प्राथमिकता वाला इलाका रहा है। वीडी शर्मा बुंदेलखंड सीट से सांसद हैं, हालांकि मूलतः वे ग्वालियर-चंबल क्षेत्र (भिंड-मुरैना) से आते हैं। लाल सिंह आर्य चंबल संभाग से जुड़े हैं। संगठनात्मक अनुभव: सौदान सिंह और तरुण चुघ जैसे पुराने, अनुभवी चेहरे राष्ट्रीय संगठन में बने रहेंगे। सवाल 4: वीडी शर्मा, सौदान सिंह और तरुण चुघ का प्रमोशन या सिर्फ पद बदला? जवाब- इसे प्रमोशन कहना जल्दबाजी होगी। सवाल 5: इसका MP की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा? जवाब- इसे सीधे 2028 के विधानसभा चुनाव से जोड़ना जल्दबाजी होगी। लेकिन टीम की बनावट बताती है कि भाजपा अगली पीढ़ी की लीडरशिप तैयार करने पर भी काम कर रही है। 1. करीब 80% टीम नई: 65 में 51 चेहरे नए हैं। औसत उम्र करीब 55 साल है- 6 पदाधिकारी 40 से कम, 15 की उम्र 40-49 और 21 की 50-59 साल है। यानी 60-70 पार की वरिष्ठ पीढ़ी की जगह 45-58 साल के नेताओं को आगे बढ़ाने की कोशिश दिखती है। 2. MP को खास तवज्जो: 2027 में चुनाव वाले 7 राज्यों में सिर्फ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और पंजाब को प्रतिनिधित्व मिला। गोवा, मणिपुर और हिमाचल प्रदेश से कोई नाम नहीं है। इसके बावजूद 2028 में चुनाव वाले MP को उत्तर प्रदेश के बराबर 8 जगहें मिलीं। 3. बड़े चेहरों से दूरी, नए चेहरों पर दांव: दिनेश गुप्ता के मुताबिक, कैलाश विजयवर्गीय और प्रह्लाद पटेल जैसे राज्य के बड़े लेकिन मौजूदा समीकरणों में असहज माने जाने वाले चेहरों को टीम में जगह नहीं मिली। इसके बजाय नए और अपेक्षाकृत कम विवादित चेहरों को आगे किया गया। वहीं कविता पाटीदार और गजेंद्र पटेल को वे फ्यूचर फेस मानते हैं। राष्ट्रीय जिम्मेदारी इनके लिए एक परीक्षा है। यानी 3 से 8 का उछाल सिर्फ संख्या नहीं है। भाजपा ने MP में बड़े चेहरों से दूरी बनाते हुए नए नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर आजमाने का दांव खेला है। ये भी पढ़ें… BJP की नई टीम में MP के 8 बड़े चेहरे भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में मध्य प्रदेश का दबदबा बढ़ा है। मध्य प्रदेश से जुड़े 8 नेताओं को अहम राष्ट्रीय जिम्मेदारियां दी गई हैं। इनमें लाल सिंह आर्य, गजेंद्र सिंह पटेल, कविता पाटीदार, विष्णु दत्त शर्मा, बंसीलाल गुर्जर, तरुण चुघ, सौदान सिंह और आशीष उषा अग्रवाल शामिल हैं। पढ़ें पूरी खबर…
