सागर के गोपालगंज थाना क्षेत्र के तिली तिगड्डा में ड्राइवर सौरभ अहिरवार के मकान से मिले 3 करोड़ 2 लाख 14 हजार रुपए नकद के मामले में अब रकम के मालिकाना हक और उसके स्रोत को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस की कार्रवाई के बाद परिवार के लोगों ने पूछताछ में रकम को रिश्तेदार रमेश कुमार अहिरवार का बताया था। उनका कहना था कि रमेश भोपाल में पीडब्ल्यूडी में इंजीनियर रहे हैं और रिटायर हो चुके हैं। वर्तमान में वह संविदा पर एमपीआरआरडीए के सीजीएम हैं। हालांकि, रमेश अहिरवार का कहना है कि रकम से उनका कोई संबंध नहीं है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान पूरी रकम जब्त कर ली है। अब आयकर विभाग समेत अन्य जांच एजेंसियों को पत्र भेजकर रकम के स्रोत और मामले की आगे जांच कराने की तैयारी है। इस मामले में परिवार के सदस्यों से पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया है। अलमारी में दस्तावेज बताए, अंदर मिले नोटों से भरे बैग पुलिस ने सौरभ के घर दबिश देकर सर्चिंग की तो एक अलमारी मिली। परिवार के लोगों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें अलमारी में दस्तावेज रखे होने की जानकारी दी गई थी। अलमारी के दरवाजे पर टेप लगा हुआ था। जब पुलिस ने अलमारी खुलवाई तो अंदर बैग रखे मिले, जिनमें बड़ी मात्रा में नकद राशि थी। रकम इतनी ज्यादा थी कि नोटों की गिनती के लिए मशीन मंगानी पड़ी। गिनती पूरी होने के बाद पुलिस ने करीब 3.2 करोड़ रुपए जब्त किए। पुलिस ने अलमारी की चाबी के बारे में भी पूछताछ की। घर में चाबी नहीं मिली। परिवार के अनुसार नई अलमारी रिश्तेदार लेकर आए थे। उन्होंने उसमें बैग रखा और अलमारी लॉक करके चाबी अपने साथ ले गए थे। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अलमारी का लॉक खुलवाया। परिवार ने बताया- मौसा-मौसी पैसा रखकर गए थे पूछताछ में परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया कि यह पैसा सौरभ के मौसा रमेश कुमार अहिरवार का है। उनके अनुसार रमेश अपनी पत्नी के साथ पैसा लेकर सागर आए थे और अलमारी में रखकर चले गए। परिवार के लोगों का कहना था कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि अलमारी में इतनी बड़ी रकम रखी है। हालांकि, रमेश अहिरवार ने रकम को अपना मानने से इनकार किया है। ऐसे में अब जांच का अहम बिंदु यही है कि रकम वास्तव में किसकी है और सौरभ के घर तक कैसे पहुंची। दादी ने कहा- रिश्तेदार भोपाल में बड़े अधिकारी कार्रवाई के समय घर में सौरभ की दादी भी मौजूद थीं। पुलिस की पूछताछ में उन्होंने रिश्तेदार के बारे में बताया कि वे भोपाल में बड़े अधिकारी रहे हैं और रकम उनकी तनख्वाह की है। दादी शनिचरी इलाके में रहती हैं, लेकिन कार्रवाई के समय तिली स्थित घर में मौजूद थीं। हालांकि, रकम को लेकर दादी के बयान और रमेश अहिरवार के इनकार के बाद मामले में रकम के वास्तविक मालिक की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। सोशल मीडिया पर पिस्टल वाली फोटो से शुरू हुई थी कार्रवाई पुलिस ने सौरभ की सोशल मीडिया पर पिस्टल के साथ फोटो देखी थी। इसके आधार पर उसके घर दबिश देकर सर्चिंग की गई। तलाशी के दौरान घर से करोड़ों रुपए की नकदी मिली, लेकिन कोई पिस्टल बरामद नहीं हुई। पूछताछ में परिवार की ओर से बताया गया कि फोटो में सौरभ के हाथ में पिस्टल नहीं, बल्कि बंदूकनुमा लाइटर था। मोहल्ले में नोटों को लेकर धौंस दिखाने की चर्चा मोहल्ले के कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सौरभ और उसका भाई अंकित टैक्सी चलाते हैं। कुछ समय पहले उन्होंने मकान बनवाया था और हाल ही में महंगा आईफोन भी खरीदा था। लोगों के अनुसार दोनों कई बार पैसों को लेकर धौंस दिखाते थे। एक दुकानदार ने बताया कि सौरभ एक रात दुकान पर आया था और उसने कहा था कि “खड़े-खड़े खरीद लूंगा।” तब दुकानदार को यह बात मजाक लगी थी। अब घर से करोड़ों रुपए मिलने के बाद मोहल्ले के लोगों को उसकी वह बात याद आ रही है। रकम जब्त, परिवार को छोड़ा; अब एजेंसियां जांच करेंगी पुलिस ने घर से मिली पूरी नकदी जब्त कर ली है। पूछताछ के बाद परिवार के सदस्यों को छोड़ दिया गया। पुलिस ने इनकम टैक्स समेत अन्य जांच एजेंसियों को पत्र भेजे हैं, ताकि रकम के स्रोत और इसके मालिकाना हक की जांच हो सके। एसपी अनुराग सुजानिया के अनुसार मकान से गिनती के बाद करीब तीन करोड़ रुपए जब्त किए गए हैं। परिवार ने रकम रिश्तेदार की बताई है। पुलिस के अनुसार घर के सदस्यों को भी रकम के बारे में जानकारी नहीं होने की बात सामने आई है। आगे की कार्रवाई संबंधित जांच एजेंसियों द्वारा की जाएगी। रमेश अहिरवार बोले- पैसा मेरा नहीं, मेरा नाम क्यों लिया जा रहा पीडब्ल्यूडी से रिटायर्ड इंजीनियर और संविदा पर एमपीआरआरडीए के सीजीएम रमेश अहिरवार ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि जिन लोगों ने उनका नाम लिया है, वे उनके दूर के तीन-चार पीढ़ी पुराने रिश्तेदार हैं। उन्होंने कहा कि उनके बारे में कही गई बातें निराधार हैं और जब्त हुई रकम उनकी नहीं है। उनका इस पैसे से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है कि उनका नाम इस मामले में क्यों लिया जा रहा है। संबंधित खबर पढ़ें… सागर में नोट गिनने मशीन मंगानी पड़ी; परिजन बोले- PWD इंजीनियर की रकम मध्यप्रदेश के सागर में रविवार को पुलिस एक युवक के घर बंदूक की तलाश में पहुंची थी। सोशल मीडिया पर पिस्तौल के साथ फोटो मिलने के बाद पुलिस उसकी तस्दीक करने पहुंची। तलाशी के दौरान बंदूक तो नहीं मिली, लेकिन एक लॉक अलमारी से बैग में करीब 3 करोड़ रुपए कैश मिला। नोटों की गिनती के लिए मशीन मंगानी पड़ी। पूरी खबर पढ़ें
