भोपाल में आवासीय भवनों के कमर्शियल उपयोग पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद नगर निगम ने नोटिस दे रहा है। अब तक कुल 5778 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें नरेला और गोविंदपुरा विधानसभाओं में नोटिस की संख्या सबसे ज्यादा है। 5 से 9 अगस्त के बीच जिन लोगों को नोटिस दिए गए थे, उनकी अवधि 10 दिन की अवधि खत्म हो रही या हो गई है। ऐसे लोगों को सोमवार को 24 घंटे के नोटिस जारी किए जाएंगे। जिसमें आदेश के उल्लंघन का उल्लेख रहेगा। इस अंतिम नोटिस के बावजूद यदि आवासीय में कमर्शियल एक्टिविटी बंद नहीं की गई तो प्रतिष्ठान को सील किए जाने की कार्रवाई होगी। 62 हजार से ज्यादा प्रॉपर्टी लिस्टेड निगम के मुताबिक, 62 हजार से ज्यादा ऐसी प्रॉपर्टी लिस्टेड की गई है, जो रहवासी इलाके में हैं और कारोबार हो रहा है। 5 अगस्त से पहले तक 1018 रहवासियों को नोटिस दिए थे। सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी के बाद निगम ने सर्वे का दायरा बढ़ाया और पूरे शहर में सर्वे शुरू किया। 5 से 12 अगस्त तक 1163, जबकि 13 अगस्त को 1135 नोटिस और दिए गए। 14 अगस्त को 1478 नोटिस और दिए गए। 16 अगस्त तक नरेला विधानसभा में 1470, हुजूर विधानसभा में 1032, गोविंदपुरा विधान सभा में 1250, मध्य विधानसभा में 1093, उतर विधानसभा में 371 और दक्षिण-पश्चिम विधानसभा में 652 नोटिए दिए जा चुके हैं। रहवासियों की बैठक, शनिवार को निकालेंगे टॉर्च रैली इस मामले को लेकर रविवार को रहवासियों ने बैठक की। इसमें आगामी शनिवार को सेवाएं कॉम्प्लेक्स से औरा मॉल तक टॉर्च जलाकर रैली निकालने का निर्णय लिया गया। साथ ही जागरूकता के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाने, अन्य समितियों को जोड़ने का भी निर्णय निया। कारोबारियों में दहशत नए सर्वे में भवन से जुड़े दूसरे उल्लंघनों की भी जांच की जा रही है। अर्बन प्लानिंग के विशेषज्ञों के मुताबिक यदि समय पर मास्टर प्लान आता तो रहवासियों और कारोबारियों के सामने यह स्थिति नहीं खड़ी होती। रहवासी और व्यावसायिक इलाके अलग-अलग चिह्नित बनाए जाते। सख्ती के बाद शहर के उन इलाकों के कारोबारियों में दहशत है, जो रहवासी इमारतों में दुकानें चला रहे हैं। अवधपुरी, अयोध्या बायपास, गौतम नगर, अशोका गार्डन, लालघाटी समेत जैसे इलाकों में दुकानदार नोटिस के बाद कमर्शियल इलाकों में दुकानें तलाश रहे हैं। अनुमति के विपरीत निर्माण व कारोबार की जांच संपत्ति कर रिकॉर्ड के आधार पर 62 हजार 500 संपत्तियां चिन्हित हुई हैं। हालांकि, नोटिस देने का आंकड़ा 1 लाख तक पहुंच सकता है, क्योंकि गली-मोहल्लों में भी दुकानें खुल गई हैं। मुख्य मार्गों से सर्वे, नदी-तालाब किनारे भी जांच निगम ने मुख्य मार्गों के दोनों ओर और उनसे जुड़ी गलियों में सर्वे शुरू किया है। नदी-तालाब किनारे, ग्रीन बेल्ट, बफर जोन और कैचमेंट एरिया में बने भवन प्राथमिकता से जांचे जाएंगे। अवैध मैरिज गार्डन को भी नोटिस दिए जाएंगे।
