भिंड के लहार थाना क्षेत्र में दो महीने पहले हुई 6 साल की बच्ची की मौत की आरोपी उसकी ही मां निकली। महिला का उसके पति के दोस्त से अफेयर था। उसी प्रेमी के साथ मिलकर महिला ने बेटी को कुएं में फेंककर मार डाला। दरअसल महिला का पति गुजरात के वडोदरा में पेंटिंग का काम करता था। वहां पर महिला के मायके के पास वाले गांव का एक व्यक्ति रहता था। पति पत्नी उसी के फोन से बात किया करते थे। धीरे-धीरे महिला की उससे बात होने लगी। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकी बड़ी और फिर प्रेम हो गया। सबसे चौंकाने वाली बात पड़ोस के गांव का होने की वजह से महिला पहले प्रेमी को भाई ही कहती थी। हालांकि नजदीकी बढ़ने के बाद दोनों साथ रहने की योजना बनाने लगे। पति को पता लगा तो उनमें झगड़ा हुआ। महिला अपने मायके चली गई। यहीं से वह प्रेमी के साथ बेटी को लेकर निकल गई। जब बेटी नाना-नानी को उनकी सच्चाई बताने का कहने लगी तो फिर दोनों ने मिलकर उसे मार डाला। रविवार को पुलिस ने आरोपी महिला ज्योति और उसके प्रेमी को ग्वालियर से गिरफ्तार कर हत्या का खुलासा किया। महिला ने पुलिस को पूरी कहानी बताई। पढ़िए रिपोर्ट… प्रेम कहानी से लेकर हत्या की पूरी कहानी फोन पर बात और नजदीकियां बढ़ीं
महिला ज्योति ने बताया कि उसकी शादी करीब आठ-नौ साल पहले अटेर क्षेत्र के ज्ञानपुर गांव निवासी धर्मेंद्र सिंह के साथ हुई थी। उसके दो बच्चे हैं। बेटा 8 साल का और बेटी 6 साल की थी। पति गुजरात के वडोदरा में पेंटिंग का काम करता है। इधर ही उसकी मुलाकात भिंड के मेहरा गांव निवासी रामशंकर शर्मा उर्फ पल्लू से हुई थी। रामशंकर का गांव उसके मायके मेहरी गांव से करीब एक किलोमीटर दूर है, इसलिए वह पहले रामशंकर को भाई कहती थी। रामशंकर और उसका पति वडोदरा में एक साथ पेंटिंग का काम करते थे। दोनों का आना-जाना साथ था और रामशंकर का कमरा भी उसके पति के कमरे के पास ही था। पति के पास मोबाइल फोन नहीं था, इसलिए जब उसे घर पर बात करनी होती थी तो वह रामशंकर के मोबाइल से फोन करता था। इसी वजह से महिला की भी रामशंकर से कभी-कभार फोन पर बातचीत होने लगी। बोली- रामशंकर से मिलने लगी आर्थिक मदद
महिला ने पुलिस को बताया कि उसका पति कमाने के साथ अधिकांश समय शराब के नशे में रहता था। घर की जरूरत का सामान और अन्य आवश्यकताएं भी वह ठीक से पूरी नहीं कर पाता था। पैसों के लेन-देन को लेकर भी महिला की रामशंकर से बातचीत होने लगी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला लगातार बढ़ता गया और नजदीकियां बन गईं। पति के शराब के नशे में रहने और उसका ख्याल नहीं रखने के कारण वह परेशान रहने लगी। दूसरी ओर रामशंकर उसकी जरूरतों और सुख-सुविधाओं का ख्याल रखने लगा था। इसी वजह से महिला ने पति को छोड़कर रामशंकर के साथ रहने का फैसला किया। रामशंकर की शादी नहीं हुई थी और उसने भी महिला के साथ जीवन बिताने की इच्छा जताई थी। पति को भनक लगी तो गुजरात से गांव आ गया
महिला के अनुसार, जब उसके पति को दोनों के संबंधों की भनक लगी तो वह गुजरात से गांव वापस आ गया। अप्रैल माह में महिला ने पति को छोड़कर रामशंकर के साथ जाने का फैसला किया और अपनी बेटी को लेकर उसके साथ चली गई। करीब 10 दिन तक वह रामशंकर के साथ रही। इसके बाद पिता से संपर्क हुआ। पिता ने उसे समझाया और पति को छोड़कर रामशंकर से शादी करने का आश्वासन दिया। इसके बाद वह वापस लौट आई। महिला ने बताया कि वह अपने मायके मेहरी गांव में पिता के साथ रहने लगी। परिवार ने जब उसे समझाया तो उसे दोबारा पति के पास भिंड भेज दिया गया। उसने कहा कि मैंने सोचा कि शायद पति सुधर जाए और वह उसके साथ ही रह लेगी, लेकिन उसकी आदतों में कोई बदलाव नहीं आया। इससे वह फिर परेशान होने लगी। इस दौरान रामशंकर से उसकी लगातार बातचीत होती रही। 27 मई को दोबारा घर से निकली, जालौन के बाद ग्वालियर पहुंची
महिला ने पुलिस को बताया कि 27 मई को रामशंकर से उसकी दोबारा बातचीत हुई। इसके बाद दोनों ने घर से निकलने की योजना बनाई। वे पहले सीधे जालौन में एक रिश्तेदार के घर रुके। इसके बाद ग्वालियर पहुंचे। यहां करीब पांच-छह दिन तक रहे। इस दौरान कुछ समय स्टेशन और मेला ग्राउंड मैदान में भी बिताया। लगातार पैसे कम पड़ते जा रहे थे और कमाई का कोई साधन नहीं था। आर्थिक स्थिति खराब होने पर वे सेवढ़ा आकर रुके। पैसों की जरूरत होने पर रामशंकर ने अपना एंड्राइड मोबाइल करीब तीन हजार रुपये में किसी परिचित को बेच दिया और पैसे का इंतजाम किया। इसके बाद दोनों सेवढ़ा से महिला के मायके के आसपास के क्षेत्र में आए। बेटी बोली- नाना के घर नहीं ले जाओगी तो सबको बता दूंगी
महिला के अनुसार, गर्मी के मौसम में 5 मई की रात वे मेहरा गांव में खेत में बनी एक झोपड़ी में रुके थे। यहां उसकी छह साल की बेटी लगातार नाना के घर जाने की जिद कर रही थी। महिला ने बेटी को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी। उसने यह भी कहा कि यदि उसे नाना के घर नहीं ले जाया गया तो वह पूरी बात सबको बता देगी। महिला ने पुलिस को बताया कि उस समय आर्थिक तंगी के कारण खाने-पीने तक के लाले पड़े हुए थे। एक ओर बेटी की जिद लगातार बढ़ रही थी और दूसरी ओर वह खुद अपने मायके नहीं जाना चाहती थी। उसे डर था कि मायके जाने पर परिवार उसे दोबारा ससुराल भेज देगा। इसी परेशानी में उसने रामशंकर के साथ मिलकर बेटी की हत्या करने की योजना बनाई। दोनों ने मिलकर मासूम की हत्या की, कुएं में फेंक दिया शव
महिला ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने और उसके प्रेमी रामशंकर ने बेटी की हत्या करने और शव कुएं में फेंकने की योजना बनाई। हत्या के दौरान उसने बेटी के दोनों हाथ पकड़ लिए और रामशंकर ने उसका गला दबा दिया। इसके बाद दोनों ने मासूम का शव कुएं में फेंक दिया। महिला के मुताबिक यह घटना 5 और 6 जून की दरमियानी रात की है। हत्या के बाद दोनों वहां से सीधे गुजरात चले गए। इस बार उनके पास मोबाइल फोन सहित अन्य सामान भी नहीं था। दोनों जामनगर जाकर रहने लगे। वहां महिला रामशंकर के साथ रहने लगी और रामशंकर ने जामनगर में पेंटिंग का काम शुरू कर दिया। 15 जून को कुएं में मिली थी मासूम की लाश
इधर, 15 जून की सुबह पुलिस को मेहरा गांव के खेतों में बने एक कुएं में अज्ञात बच्ची का शव पड़े होने की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद बच्ची की पहचान कराने के प्रयास किए गए। बाद में नाना पक्ष के परिवारजनों ने बच्ची की पहचान छह वर्षीय सृष्टि के रूप में की। बच्ची की पहचान होने के बाद पुलिस को पता चला कि उसकी मां भी गायब है और उसका संपर्क रामशंकर से था। पुलिस ने इसी दिशा में जांच आगे बढ़ाई। दोनों के एक साथ गायब होने और बच्ची की हत्या के मामले में उनकी भूमिका संदिग्ध होने लगी। पुलिस लगातार उनकी तलाश और मामले की विवेचना करती रही। ग्वालियर में घेराबंदी कर दोनों को पकड़ा
पुलिस को हाल ही में जानकारी मिली कि रामशंकर और बच्ची की मां ग्वालियर आए हुए हैं। बताया गया कि ग्वालियर में रहने के दौरान दोनों ने किसी से उधार पैसे लिए थे और उन्हें चुकाने के लिए वापस आए हैं। सूचना मिलते ही लहार थाना पुलिस ने दोनों की घेराबंदी की और उन्हें पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, हिरासत में पूछताछ के दौरान दोनों ने हत्या की घटना स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने महिला से विस्तृत पूछताछ की, जिसमें उसने हत्या की पूरी कहानी पुलिस के सामने बता दी। पुलिस ने हत्या की वजह, घटनाक्रम और शव को कुएं में फेंकने से जुड़े सभी बिंदुओं पर पूछताछ की। बेटी की फोटो दिखाई तो शांत बैठी रही महिला
पुलिस पूछताछ के दौरान जब महिला को उसकी मासूम बेटी के शव की फोटो दिखाई गई तो वह शांत बैठी रही। पुलिस के अनुसार, उस समय महिला की आंखों से आंसू नहीं निकले और उसके चेहरे पर किसी तरह का पछतावा भी नजर नहीं आया। पुलिस ने जब उससे पूछा कि उसका आठ साल का बेटा है, क्या वह उससे मिलना चाहती है, तो उसने मिलने से इनकार कर दिया। महिला ने अपने परिवार और रिश्तेदारों से भी मिलने से इनकार कर दिया। पुलिस के लिए यह व्यवहार भी पूछताछ के दौरान चर्चा का विषय रहा। न्यायालय में पेश कर दोनों को जेल भेजा
लहार थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रविवार को दोनों को जेल भेजने की कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि मामले में हत्या की वजह और घटनाक्रम सामने आ चुका है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की है। टीआई बोले- मां ने प्रेमी के साथ रहने के लिए बेटी की हत्या की लहार थाना प्रभारी शिव सिंह यादव ने बताया कि मां ने अपने प्रेमी के साथ रहने के लिए छह साल की मासूम बेटी की निर्दयता से हत्या की है। इस अंधे कत्ल का खुलासा करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने लगातार जांच और संदिग्धों की तलाश के बाद महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में हत्या की वजह भी सामने आ गई है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजने की कार्रवाई की गई है।
