बुरहानपुर कांग्रेस नेताओं द्वारा राष्ट्रगीत वंदे मातरम के कथित अपमान के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने रविवार शाम बुरहानपुर में कैंडल मार्च निकाला। यह प्रदर्शन 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस के राष्ट्रीय मुख्यालय में हुई घटना के विरोध में किया गया। कैंडल मार्च सुभाष स्कूल के पास स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा से शुरू हुआ और सिंधी बस्ती स्थित कांग्रेस जिला कार्यालय तक पहुंचा। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। कांग्रेस कार्यालय पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम का गायन किया। प्रदर्शन में सांसद ज्ञानेश्वर पाटील, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता और बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने, जिला महामंत्री चिंतामन महाजन, ईश्वर चौहान, महापौर माधुरी पटेल, किसान मोर्चा प्रदेश महामंत्री मनोज लधवे और पूर्व जिलाध्यक्ष दिलीप श्रॉफ सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। भाजपा ने कांग्रेस नेताओं से माफी की मांग की भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि 80वें स्वतंत्रता दिवस पर केंद्र सरकार ने वंदे मातरम के संपूर्ण गायन को सम्मान दिया, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने अपने कार्यक्रम के दौरान इसे जानबूझकर रुकवाया। भाजपा नेताओं ने इसे कांग्रेस की ‘ओछी मानसिकता’ बताया। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी से राष्ट्रगीत के कथित अपमान के लिए देश से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की। कांग्रेस बोली- भाजपा नेता कांग्रेस से डरे हुए हैं शहर कांग्रेस अध्यक्ष रिंकू टाक ने भाजपा के प्रदर्शन पर कहा कि भाजपा नेता कांग्रेस से ‘डरे हुए’ हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता बिना सूचना दिए कांग्रेस कार्यालय के बाहर पहुंचे। अगर पहले सूचना दी होती तो कांग्रेस उनका सम्मान करती और उन्हें जवाब भी देती।
