राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रपति भवन के अमृत उद्यान परिसर में पारंपरिक ‘एट होम’ रिसेप्शन आयोजित किया। समारोह में करीब 650 मेहमान शामिल हुए, जिनमें 100 VVIP गेस्ट रहे। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, CJI सूर्यकांत, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला समेत केंद्रीय मंत्री, राजनयिक और अलग-अलग क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां समारोह में पहुंचीं। पैरा-क्रिकेटर आमिर हुसैन लोन को भी खास मेहमान के तौर पर आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् और राष्ट्रगान के गायन से हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव भी समारोह में मौजूद रहे। कार्यक्रम की 5 तस्वीरें… पूर्व राष्ट्रपति कोविंद पत्नी के साथ पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपनी पत्नी सविता कोविंद के साथ ‘एट होम’ समारोह में पहुंचे। कार्यक्रम में लोकसभा स्पीकर बिड़ला भी उनके साथ आए थे। पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और CJI सूर्यकांत भी मौजूद रहे। राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि दी इससे पहले स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उनके साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी मौजूद रहे। लाल किले पर पहली बार गूंजा वंदे मातरम् इस साल स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम् का गायन हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से अपने संबोधन में भी राष्ट्रगीत का जिक्र किया। उन्होंने कहा- आज हर दिल वंदे मातरम् की लय पर धड़क रहा है। आज हर घर तिरंगा है, हर मन तिरंगा है। PM मोदी ने कहा कि राष्ट्रगीत की आवाज पूरे देश में गूंज रही है और तिरंगा स्वतंत्रता दिवस की भावना का प्रतीक है। ———————– यह खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- दिमागी नक्सलियों को पहचानें, उन्हें अलग करें:ये समाज को भटका रहे; महिलाओं के आरक्षण पर पार्टियां राजनीति न करें 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने कहा- ‘हथियारी नक्सल तो चले गए, लेकिन दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं। समाज को गलत राह पर ले जाने के लिए तरह-तरह के काम कर रहे हैं। ऐसे लोग हिंसा अराजकता के रास्ते खोज रहे हैं। इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा और इन्हें आइसोलेट करना होगा और विकसित राष्ट्र बनाने की ओर देश की युवा पीढ़ी को जोड़ना होगा।’ पूरी खबर पढ़ें…
