Homeमध्यप्रदेशसोम डिस्टिलरीज की याचिका पर जस्टिस मिश्रा नहीं करेंगे सुनवाई:केस अलग बेंच...

सोम डिस्टिलरीज की याचिका पर जस्टिस मिश्रा नहीं करेंगे सुनवाई:केस अलग बेंच में होगा ट्रांसफर; संजय पाठक केस से भी खुद को किया था अलग

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सोम डिस्टिलरीज की याचिका पर सुनवाई हुई। जिससे जस्टिस विशाल मिश्रा ने खुद को इस सुनवाई से अलग कर लिया है। जस्टिस ने हाईकोर्ट रजिस्ट्रार को निर्देश दिया है कि मामले से जुड़ा केस किसी दूसरी कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया जाए। हालांकि न्यायाधीश ने इस केस की सुनवाई से अलग होने का कोई कारण नहीं बताया है। इससे पहले भी जस्टिस विशाल मिश्रा ने भाजपा विधायक संजय पाठक के अवैध उत्खनन केस से खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने कहा था कि मुझे एक पर्टिकुलर मैटर (पाठक परिवार की खनन कंपनियों ) पर चर्चा करने की कोशिश की है, इसलिए मैं इस रिट याचिका पर विचार करने का इच्छुक नहीं हूं। मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी को होगी। सोम डिस्टिलरीज के सभी लाइसेंस हो चुके रद्द दरअसल, करीब 20 दिन पहले रायसेन जिले में स्थित सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज लिमिटेड और मेसर्स सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड का लाइसेंस आबकारी आयुक्त ने सस्पेंड कर दिया है। आदेश तत्कालीन आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल ने जारी किया था। जिसमें बताया था कि कंपनियों के संचालक, प्रतिनिधि, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता और कर्मचारियों के खिलाफ इंदौर जिले के देपालपुर अपर सत्र न्यायालय के प्रकरण 21/2021 में पारित निर्णय के आधार पर कार्रवाई की गई है। इसमें कहा है कि उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर ने संबंधित आपराधिक अपीलों (CRA) में सजा के क्रियान्वयन पर रोक लगाई है, लेकिन दोषसिद्धि अभी भी प्रभावी है। 23 दिसंबर 2023 को कोर्ट पहुंचा था मामला आदेश में आबकारी आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 31 के तहत लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई कानून सम्मत है और इससे न्यायालय की अवमानना का कोई प्रश्न नहीं बनता। मामला 23 दिसंबर 2023 को कोर्ट पहुंचा था। इससे पहले कंपनी को कोर्ट ने 26 फरवरी 2024 को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। आदेश में कहा है कि नकली शराब परिवहन परमिट और अवैध शराब का परिवहन करने के मामले में कंपनी के उमाशंकर शर्मा, जीडी अरोरा, दिनकर सिंह और मोहन सिंह तोमर, दीनानाथ सिंह के विरुद्ध कोर्ट ने कारावास और अर्थदंड तय किया है। तैयार किए थे फर्जी परमिट आरोपी मदन सिंह ने 5 फर्जी परमिट बुक, वीरेंद्र भारद्वाज ने 272, रामप्रसाद मिश्रा ने 25, प्रीति गायकवाड़ ने 279, संजय गोहे ने 282, कैलाश बंगाली ने 29, मोहन सिंह तोमर ने 676, उमाशंकर ने 75, दिनकर सिंह ने 65 फर्जी परमिट तैयार किए थे। यह खबर भी पढ़ें… जज का खुलासा-विधायक संजय पाठक ने फोन किया 1 सितंबर को एमपी हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा ने लिखा- बीजेपी विधायक संजय पाठक ने मुझे एक पर्टिकुलर मैटर पर चर्चा करने की कोशिश की है, इसलिए मैं इस रिट याचिका पर विचार करने का इच्छुक नहीं हूं। याचिका बीजेपी विधायक संजय पाठक के परिवार से जुड़ी कंपनियों के अवैध खनन पर कार्रवाई के लिए लगाई गई थी। पढे़ं पूरी खबर… विधायक पाठक पर चल सकता है अवमानना का केस हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा को सीधे फोन करने और अपने एक नजदीकी रिश्तेदार के माध्यम से अप्रोच करने के मामले में विधायक संजय पाठक के खिलाफ अदालत की अवमानना का केस चल सकता है। पाठक के वकील अंशुमान सिंह ने भी केस लड़ने से इनकार कर दिया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here