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रामगोपाल की गिरफ्तारी का विरोध:3400 करोड़ के शराब घोटाला केस में ED ने किया अरेस्ट; भूपेश बोले- हमारी सरकार आई तो सबका हिसाब होगा

छत्तीसगढ़ के कथित 3400 करोड़ रुपए के शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रहे रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार कर रायपुर कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें 5 दिनों की रिमांड पर लिया गया है। 17 अगस्त को फिर उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। मंगलवार को कोर्ट पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रामगोपाल अग्रवाल से मुलाकात की। बघेल ने कहा कि केवल परेशान करने के लिए कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसियों के पास नकली गवाह है, कोई सबूत नहीं है। बुधवार को रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने ED दफ्तर का घेराव कर दिया। प्रदर्शन में शामिल हुए भूपेश बघेल ने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा कि हमारी सरकार दोबारा बनी तो सभी का हिसाब लिया जाएगा। बघेल ने इस कार्रवाई को राजनीतिक विद्वेषवश की गई कार्रवाई बताया। रामगोपाल अग्रवाल पर क्या हैं आरोप EOW के मुताबिक, आरोप है कि शराब घोटाला, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े पैसों को ठिकाने लगाने में रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका थी। इसी वजह से एजेंसी ने आगे की पूछताछ के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। 8 जुलाई को किया था सरेंडर कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल करीब तीन साल तक फरार रहे। 8 जुलाई को उन्होंने EOW कार्यालय पहुंचकर सरेंडर किया था। इसके बाद मेडिकल परीक्षण कर उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से 9 जुलाई को 17 जुलाई तक की पुलिस रिमांड मंजूर की गई थी। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद 5 अगस्त तक EOW की कस्टडी में भेज दिया गया था। रामगोपाल अग्रवाल से 2 बार मिले भूपेश बघेल 25 जुलाई को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई सीनियर नेताओं ने रामगोपाल अग्रवाल के जेल भेजे जाने से पहले उनसे मुलाकात की थी। इस दौरान भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि पार्टी को बदनाम करने के लिए एजेंसियों का उपयोग किया जा रहा है। 11 अगस्त को दूसरी बार कोर्ट पहुंचकर भूपेश बघेल ने रामगोपाल अग्रवाल से मुलाकात की। 3400 करोड़ के शराब घोटाले की जांच छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में जांच एजेंसियां कथित तौर पर सरकारी शराब कारोबार में अनियमितताओं, अवैध वसूली और पैसों के लेन-देन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं। एजेंसियों का आरोप है कि शराब कारोबार में एक संगठित नेटवर्क के जरिए बड़ी रकम का लेन-देन हुआ। ईडी इस मामले में पहले भी कई लोगों से पूछताछ और कार्रवाई कर चुकी है। अब रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है। अदालत में पेशी के दौरान ईडी उनकी रिमांड की मांग कर सकती है, जिसके बाद पूछताछ में मामले से जुड़े नए नाम और लेन-देन सामने आने की संभावना है। क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था। डुप्लीकेट होलोग्राम लगाकर बेची गई शराब ED की ओर से दर्ज कराई गई FIR की जांच ACB कर रही है। ACB से मिली जानकारी के अनुसार साल 2019 से 2022 तक सरकारी शराब दुकानों से अवैध शराब डुप्लीकेट होलोग्राम लगाकर बेची गई। इससे शासन को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हुआ है। ………………… इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… शराब घोटाला, आरोपी रामगोपाल अग्रवाल से मिले भूपेश बघेल: रायपुर कोर्ट में जेल जाने से पहले की मुलाकात; घोटाले का पैसा ठिकाने लगाने का आरोप छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में आरोपी और कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल की न्यायिक रिमांड बढ़ा दी गई है। कोर्ट ने उन्हें 5 अगस्त तक न्यायिक हिरासत (जेल) में भेजने का आदेश दिया है। पढ़ें पूरी खबर…

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