मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। भाजपा विधायक ने शपथ में कर दी मिस्टेक
बोलते समय कोई शब्द इधर-उधर हो जाए, कोई अतिरिक्त शब्द जुड़ जाए या कोई शब्द छूट जाए, तो अर्थ का अनर्थ हो जाता है। सिंगरौली में भाजपा विधायक रामनिवास शाह के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। विधायक एक कार्यक्रम में नशा मुक्ति की शपथ दिला रहे थे, लेकिन उन्होंने नशा न करने की बजाय नशा करने की शपथ दिला दी। विधायक ने शपथ दिलाते हुए कहा- ‘मैं शपथ लेता हूं कि.. मैं जीवन में.. कभी नशा करूंगा..।’ दरअसल, वे ‘नहीं’ शब्द बोलना भूल गए। हैरानी की बात यह रही कि यह गलती तब हुई, जब वे कागज देखकर शपथ पढ़ रहे थे। फिर क्या था, शपथ ले रहे छात्र-छात्राओं को उनकी गलती समझ आ गई और उनके चेहरों पर मुस्कुराहट आ गई। हालांकि, विधायक के शपथ दिलाते ही वहां मौजूद एक अधिकारी ने तुरंत उसे सुधारते हुए दोहराया, ‘नशा नहीं करूंगा।’ इसके बावजूद विधायक को अपनी गलती का अहसास नहीं हुआ। वे उसी अंदाज में शपथ दिलाते रहे। हालांकि, यह विधायक की जुबान फिसलने का मामला था, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद उनकी जमकर किरकिरी हो रही है। अब लोग यही कह रहे हैं कि कुछ भी बोलो, तोल-मोल कर बोलो और जुबान संभालकर बोलो। कांग्रेस विधायक अपने ही नेताओं पर बरसे
कांग्रेस की अंदरूनी कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई। आगर के नलखेड़ा में सुसनेर से कांग्रेस विधायक भेरों सिंह परिहार नाराज हो गए। उन्होंने मंच से ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय सिंह को खरी-खोटी सुनाई और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की तुलना धृतराष्ट्र से कर दी। दरअसल, अजय सिंह आगर के नलखेड़ा में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की बैठक लेने पहुंचे थे। इसे लेकर विधायक ने आरोप लगाया कि उनकी विधानसभा क्षेत्र में संगठन की ब्लॉक स्तरीय बैठक आयोजित की गई, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं दी गई। विधायक का दावा है कि उन्होंने खुद पहल कर अजय सिंह को फोन किया, लेकिन उन्हें जवाब मिला कि वे विधायक से बात करने नहीं आए हैं। इसके बाद विधायक बैठक में पहुंचे और मंच से ही अपनी नाराजगी जाहिर कर दी। विधायक ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जिस तरह काम कर रहे हैं, उससे पार्टी कैसे मजबूत होगी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इसे पूरे मध्य प्रदेश में कांग्रेस को कमजोर करने की नीति माना जाए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा- जीतू पटवारी आंखें बंद करके बैठे हैं, बोल भी नहीं सकते। अपनी बात कहने के बाद विधायक समर्थकों के साथ कार्यक्रम छोड़कर चले गए। बाहर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा- इन गद्दारों को संदेश देना चाहता हूं कि मेरी विधानसभा में कोई भी आया, तो उसका काला मुंह करके भेजेंगे। अब लोग कह रहे हैं कि कांग्रेस भले ही एकजुटता के दावे करती रहे, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर उन दावों की पोल खोल दी। आखिर, बात निकली है… तो दूर तलक जाएगी ही। आमने-सामने बैठे खंडेलवाल और पटवारी
मध्य प्रदेश की राजनीति में एक तस्वीर इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। तस्वीर में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ट्रेन में आमने-सामने की सीट पर बैठे नजर आ रहे हैं। दरअसल, दोनों ही दलों के प्रदेश अध्यक्ष दतिया उपचुनाव के प्रचार के लिए जा रहे थे। इसी दौरान ट्रेन में दोनों नेताओं की मुलाकात हुई और उनके बीच कुछ देर बातचीत भी हुई। इस तस्वीर को देखकर इतना जरूर कहा जा सकता है। दो नेता, एक सफर… मंजिल भी एक, दतिया उपचुनाव। फर्क सिर्फ इतना है कि मंजिल पर जीत का परचम किसी एक का ही लहराएगा। दतिया की जनता किसे चुनती है, इसका फैसला 3 अगस्त को सामने आ जाएगा। और.. अब अंदर की बात
सत्ताधारी दल के दो विधायकों से परेशान पार्षद
राजधानी भोपाल में सत्ताधारी दल के दो विधायकों से उनके ही क्षेत्र के पार्षद परेशान हैं। हालात ऐसे हैं कि पार्षद, विधायकों की मंजूरी के बिना अपनी पार्षद निधि तक खर्च नहीं कर पा रहे हैं। इसका असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है, जिससे क्षेत्र की जनता भी नाराज बताई जा रही है। पार्षदों ने इस मामले की शिकायत महापौर से की। हालांकि, महापौर ने उन्हें पार्टी फोरम पर अपनी बात रखने की सलाह दे दी। अब नाराज पार्षद पार्टी संगठन के सामने यह मामला उठाने की तैयारी में हैं। अंदरखाने की चर्चा है कि ये पार्षद अपने साथ उन वार्डों के पार्षदों को भी ले जाने की तैयारी कर रहे हैं, जहां विधायक बिना किसी दखल के विकास कार्य होने दे रहे हैं। अब देखना होगा कि पार्टी संगठन इस मामले में क्या रुख अपनाता है, क्योंकि दोनों ही विधायक संगठन और सरकार में मजबूत पकड़ रखते हैं। इनपुट सहयोग – राज द्विवेदी (सिंगरौली), मनीष सोनी (आगर) ये भी पढ़ें –
आंसू के बाद एक्शन, नरोत्तम बोले- मैं भूलने वाला नहीं: कांग्रेस विधायक ने सीनियर नेताओं को दिया धक्का दतिया उपचुनाव में टिकट कटने के बाद भावुक नजर आए पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा अब आक्रामक तेवरों में दिखे। टिकट कटने के बाद हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर उन्होंने गुस्सा जताया। एसपी को संबोधित करते हुए कहा, एसपी साहब, मैं भूलने वाला प्राणी नहीं हूं। दोस्ती भी याद रखता हूं और दुश्मनी भी। पूरी खबर पढ़ें
