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बेंगलुरु डे-केयर मामला, पैरेंट्स बोले- बच्चों में डर फैला:वॉशरूम जाने से डरते हैं, केयरटेयर की आवाज सुनकर कांप जाते थे

बेंगलुरु के डे-केयर सेंटर में बच्चों से बदसलूकी मामले में नया खुलासा हुआ है। वायरल वीडियो में जिस बच्ची के साथ बेहरमी की गई। पुलिस ने उसके पैरेंट्स से पूछताछ की। मां ने बताया कि उनकी बेटी के मन में डर बैठ गया। वह बाथरूम जाने से मना करती, रोने लगती और वहां से भाग जाती थी। बच्ची में यह बदलाव डे-केयर सेंटर में डालने के दो महीने बाद ही दिखने लगा था। वहीं एक तीन साल के बच्चे के माता-पिता ने बताया कि उनके बेटे के व्यवहार में भी बदलाव दिखा। वह डे-केयर में कुछ केयरगिवर्स की आवाज सुनकर कांप और सहम जाता था। दरअसल 1 जुलाई को बेंगलुरु की आईटी कंपनी कैपजेमिनी के एचएएल कैंपस स्थित डे-केयर सेंटर का वीडियो सामने आया था। जिसमें बच्चों को टॉयलेट में बंद कर दिया गया था। चेहरे पर जेट स्प्रे से पानी डाला गया और वॉशिंग मशीन में बिठाया गया था। मामले में पुलिस ने पहले पांच महिला केयरगिवर्स के खिलाफ केस दर्ज किया था। एक को अरेस्ट कर लिया है। घटना से जुड़ी तस्वीर… डे-केयर केस से जुड़े 3 बड़े अपडेट्स… कंपनी ने डे-केयर सेंटर बंद किया कैपजेमिनी ने कहा कि कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कंपनी जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है। एहतियात के तौर पर बेंगलुरु स्थित ऑन-कैंपस डे-केयर सेंटर को फिलहाल अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। कैपजेमिनी के देशभर में 8 शहरों में ऑफिस कैपजेमिनी दुनिया की बड़ी IT कंपनियों में शामिल है। इसका हेडक्वॉर्टर फ्रांस की राजधानी पेरिस में है। कंपनी सॉफ्टवेयर, क्लाउड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी और कंसल्टिंग से जुड़ी सेवाएं देती है। इसके ऑफिस 50 से ज्यादा देशों में है। भारत में इसके 8 शहरों में ऑफिस हैं, जहां करीब 2.3 लाख कर्मचारी काम करते हैं। अब जानिए क्या होते हैं डे-केयर डे-केयर सेंटर वह जगह होती है, जहां छोटे बच्चों की दिनभर देखभाल, सुरक्षा और शुरुआती सीखने की गतिविधियों का ध्यान रखा जाता है। बड़े शहरों में माता-पिता दोनों की नौकरी पेशा हैं तो ऐसे में कपल अपने बच्चों को इन डे-केयर में तय समय के लिए छोड़ देते हैं, यहां बच्चों की देखभाल की है। इसके बदले में हर महीने तय फीस ली जाती है। कई कंपनिया भी अपने डे-केयर सेंटर चलाती हैं, जहां उनके कर्मचारी अपने छोटे बच्चों को नौकरी करने के समय तक छोड़ देते हैं। छुट्टी के बाद बच्चों को अपने साथ ले जाते हैं। कैपजेमिनी की ही तरह अन्य कंपनियां भी अपने कर्मचारियों को डे-केयर की सुविधा देती हैं। डे-केयर में बच्चों के साथ गलत व्यवहार पर माता-पिता क्या कानूनी एक्शन लें? अगर किसी डे-केयर में बच्चों के साथ गलत व्यवहार होता है तो माता-पिता सबसे पहले घटना की रिपोर्ट संबंधित पुलिस थाने में दर्ज कराएं। साथ ही सेंटर के खिलाफ स्थानीय बाल सुरक्षा अधिकारी या बाल कल्याण समिति से शिकायत करें। कानूनी मदद लेने के लिए किसी वकील से संपर्क करें और बच्चों की मेडिकल जांच भी करवाएं। ऐसी घटनाओं को सोशल मीडिया या मीडिया के माध्यम से भी उजागर किया जा सकता है ताकि अन्य माता-पिता सतर्क रहें। माता-पिता को डे केयर सेंटर की नियमित निगरानी कैसे करें माता-पिता को चाहिए कि वे समय-समय पर अचानक डे केयर विजिट करें ताकि वहां का वास्तविक माहौल देख सकें। बच्चे से प्यार से बातचीत करें और पूछें कि उसका दिन कैसा बीता, किसके साथ खेला और क्या खाया। स्टाफ से रोजमर्रा की दिनचर्या, खाने-पीने और व्यवहार में आए बदलावों की जानकारी लें। अगर संभव हो तो समय-समय पर CCTV फुटेज देखने की आदत डालें। बच्चे के पहनावे, चोट-खरोंच या मूड में अचानक बदलाव को हल्के में न लें। ये संकेत किसी समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं। ………………… ये खबर भी पढें… बेंगलुरु में 2 युवतियों समेत 3 का मर्डर:युवक ने डिनर पर बुलाकर गला काटा, फिजियोथेरेपिस्ट कमरे में मृत मिली; बीच रोड पर युवक की हत्या बेंगलुरु में दो अलग-अलग मामलों में दो युवतियों की हत्या कर दी गई। दोनों युवतियों की हत्या का आरोप उनके बॉयफ्रेंड पर है। एक युवती के परिवार ने बॉयफ्रेंड पर लव जिहाद का आरोप लगाया है। वहीं एक अन्य मामले में तीन लोगों ने बीच रोड पर एक शख्स का मर्डर कर दिया। पूरी खबर पढ़ें…

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