जबलपुर में एक गर्भवती महिला के साथ उसके रिश्तेदारों ने बेरहमी से मारपीट की। पेट में लात मारने से उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। घटना 13 जून को जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर मझौली की है। यहां उनका अपने मामा-मामी से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। 13 जून को उनसे फिर कहासुनी हो गई। झूमाझटकी के दौरान मामा गिरकर घायल हो गए। इससे गुस्साए मामी और उनके बेटे दुर्गेश साहू ने महिला को सरेराह पटककर पीटना शुरू कर दिया। मामी ने महिला को कसकर पकड़ लिया और उनके बेटे ने उसके पेट में लात मार दी। घटना के बाद दर्द से तड़पती महिला का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह जमीन पर पड़ी कराह रही है और तेज दर्द होने की बात कह रही है। महिला को 13 दिन मेडिकल कॉलेज में भर्ती रहना पड़ा। डिस्चार्ज होते ही सोमवार को वह एसपी ऑफिस पहुंचीं। यहां उन्होंने एएसपी अंजू बेनीवाल को आवेदन देकर अपनी आपबीती बयां की है। धक्का-मुक्की में मारा गिरे तो करने लगे मारपीट पीड़िता के पति अतुल साहू ने बताया कि लंबे समय से मामा विजय के परिवार के साथ मेरा जमीनी विवाद चल रहा था। 13 जून को मामा झुमाझटकी करने लगे। धक्का लग जाने से मामा गिर गए। नल का पाइप लगने से उन्हें चोट लग गई। मैं उन्हें इलाज के लिए जबलपुर ले आया। कुछ ही देर बाद मेरे पास पत्नी ज्योति का फोन आया। उसने बताया कि मामी और उनका बेटा दुर्गेश मारपीट कर रहे हैं। उन्होंने पेट में लात भी मारी है। यह सुनते ही मैं तुरंत घर पहुंचा। वहां देखा की पत्नी जमीन पर पड़ी दर्द से तड़प रही है। मैंने तुरंत पत्नी को लेकर सबसे पहले मझौली स्वास्थ्य केंद्र गया, हालत गंभीर होने के चलते उसे मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया गया। जहां उसी दिन गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। पत्नी की हालत गंभीर होने के चलते उसे 13 दिन यानी 25 जून तक भर्ती रखा गया। इसके बाद अस्पताल से छुट्टी दी गई। 30 स्केयर फीट जमीन को लेकर विवाद
अतुल साहू का कहना है कि मैं प्राइवेट काम करता हूं। मामा और हमारा घर आसपास ही है। परिवार में बंटवारे के बाद 30 स्केयर फीट जमीन बच रही थी। विवाद उसी जमीन का है। मैंने मामा विजय से कहा था कि पत्नी गर्भवती है, उसे घूमकर आना पड़ता है। अगर यह जमीन मुझे मिल जाएगी तो दरवाजा खोल लेंगे। लेकिन, इसके लिए मामा-मामी और उनका बेटा तैयार नहीं था। केस दर्ज कर लिया, गिरफ्तारी नहीं की
महिला के पति अतुल का आरोप है कि पुलिस ने मामा-मामी और उनके बेटे के खिलाफ मारपीट की धाराओं में केस तो दर्ज कर लिया है, लेकिन अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं की, जिसके चलते उनके हौसले और बुलंद हैं। मैं 25 जून से रोजाना मझौली थाने के चक्कर काट रहा हूं। मैंने पत्नी के तड़पते हुए वीडियो भी पुलिस को सौंपे थे, बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से मैं और मेरी पत्नी सोमवार (29 जून) को एसपी ऑफिस पहुंचें और शिकायत की है। एएसपी ने कहा- बारीकी से जांच के दिए निर्देश एएसपी अंजू बेनीवाल का कहना है कि मझौली थाने में घटना के संबंध में प्राथमिकी (FIR) पहले ही दर्ज की जा चुकी है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया है। पूरा मामला अभी जांच के अधीन है। मेडिकल रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मैंने अधिकारियों को मामले की बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए हैं।
