अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या हो गई। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की हत्या की है। हार्डकोर बंदी विष्णु और जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने इसकी पुष्टि की है। सोमवार दोपहर 11 से 3 बजे के बीच सेल बंद होने के समय ड्यूटी स्टाफ राउंड पर आया था। बैरक खोली तो डकैत जगन गुर्जर की बॉडी पड़ी थी और उसका साथी अंदर था। एफएसएल टीम मौके पर पहुंची है। डकैत जगन गुर्जर करीब 27 साल पहले 1994 में अपराध की दुनिया में आया था। उसका ऐसा खौफ था कि डर से कई गांवों में शादियां तक होनी बंद हो गई थीं। उसके खुद के गांव में 10 साल तक कोई शादी नहीं हुई थी। उसकी दहशत से न सिर्फ गांव वाले बल्कि उसके पिता भी गांव छोड़कर चले गए थे। जगन गुर्जर ने अपने जीजा के हत्यारों को भी जान से मार डाला था। चौतरफा बीहड़ों से घिरे धौलपुर के डांग क्षेत्र में उसने अपना ठिकाना बनाया था। जगन गुर्जर से जुड़े 3 बड़े घटनाक्रम… महिलाओं को निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया था जगन पर 2019 में महिलाओं से मारपीट और दुर्व्यवहार करने के भी आरोप लगे थे। धौलपुर जिले के करनपुर-सायका पुरा गांव में दो महिलाओं से मारपीट कर उन्हें निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया था। एक पुलिसकर्मी की हत्या का भी आरोप लगा था। वसुंधरा राजे का धौलपुर महल उड़ाने की धमकी दी थी साल 2008 में गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का धौलपुर महल उड़ाने की धमकी देकर देशभर में चर्चा में आया था। तब पुलिस ने उस पर 11 लाख रुपए का इनाम रखा था और वह चंबल का सबसे बड़ा दस्यु बन गया था। बेटी की शादी में जुर्म की दुनिया छोड़ने की खाई थी कसम करीब 15 साल पहले जगन गुर्जर ने अपनी बेटी की शादी की थी। तब उसने जुर्म की दुनिया छोड़ने की कमस खाई थी। वह आत्मसमर्पण भी कर चुका था, लेकिन उसने हर बार जमानत पर बाहर आकर जुर्म की राह पकड़ ली थी। अब जानिए अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के बारे में… सामान्य जेल और हाई सिक्योरिटी जेल में क्या अंतर है?
पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
