Homeदेशकांग्रेस सांसद गोगोई बोले- CM हिमंता असम के जिन्ना:नेताओं को 'हिंदू सर्टिफिकेट'...

कांग्रेस सांसद गोगोई बोले- CM हिमंता असम के जिन्ना:नेताओं को ‘हिंदू सर्टिफिकेट’ देना बंद करें, जो भी भाजपा में गया, वह गैरजरूरी हुआ

असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा और कांग्रेस छोड़कर भाजपा जॉइन करने जा रहे भूपेन कुमार बोरा पर कमेंट किया है। उन्होंने बुधवार को गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- सरमा ने बोरा को कांग्रेस का आखिरी हिंदू नेता बताया है, हिमंता ‘असम के जिन्ना’ हैं, उन्हें नेताओं को ‘हिंदू सर्टिफिकेट’ देना बंद करना चाहिए। गोगोई ने कहा- भाजपा में शामिल होने वाले नेता अपने राजनीतिक सफर में गैर जरूरी हो जाते हैं। ऐसा ही हाल असम कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा का होगा। जो 22 फरवरी को भाजपा में शामिल होंगे। गोगोई ने कहा- जो नेता भाजपा में गए हैं, वे अप्रासंगिक हो गए हैं। सर्बानंद सोनोवाल इसका उदाहरण हैं। एजीपी पार्टी भी लगभग खत्म होने की कगार पर है। भूपेन बोरा के भाजपा में जाने से कांग्रेस पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह लड़ाई असली कांग्रेस-पुरानी कांग्रेस के बीच गोगोई ने कहा है कि कांग्रेस एक मजबूत संगठन है और किसी एक नेता के जाने से पार्टी की चुनावी संभावनाएं प्रभावित नहीं होंगी। आगामी विधानसभा चुनाव में मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच नहीं, बल्कि असली कांग्रेस और पुरानी कांग्रेस के बीच होगा। भाजपा में कई ऐसे नेता हैं, जो पहले कांग्रेस में थे और राज्य में 15 साल के शासन के दौरान भ्रष्टाचार से जुड़े रहे। भूपेन बोरा का आरोप- गौरव गोगोई ने मुझे अपमानित किया इधर, कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने पार्टी नेतृत्व, खासकर गौरव गोगोई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बोरा ने कहा कि उन्होंने विभिन्न दलों के साथ गठबंधन वार्ता शुरू की थी, लेकिन 11 फरवरी को गौरव गोगोई ने उन्हें AIUDF नेता रकीबुल हुसैन को बातचीत में शामिल करने को कहा। बोरा के अनुसार बोरा बोले- मैंने 32 साल कांग्रेस को दिए बोरा ने अपने 32 साल के राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने उन्हें विधायक से लेकर असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) अध्यक्ष तक बनाया। 2021 में प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद मैंने कांग्रेस और AIUDF के बीच गठबंधन खत्म किया और बाद में INDIA गठबंधन बनने से पहले 16 दलों को साथ लाने में भूमिका निभाई। बोरा ने आरोप लगाया कि एक उपचुनाव में पहले एक सीट CPI(ML) को देने का फैसला हुआ था, लेकिन अचानक उस सीट पर ऐसे व्यक्ति को उम्मीदवार बना दिया गया, जो कभी कांग्रेस का सदस्य नहीं था। उन्होंने दावा किया कि इससे गौरव गोगोई चुनाव हार गए। 17 फरवरी: हिमंता बोले- बोरा 22 फरवरी को भाजपा में शामिल होंगे असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 17 फरवरी की शाम बोरा के घर जाकर उनसे मुलाकात की थी। इसके बाद CM ने बोरा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि वे 22 फरवरी को पार्टी की सदस्यता लेंगे। बोरा ने एक दिन पहले कांग्रेस से इस्तीफा दिया था। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़के को अपना इस्तीफा पत्र सौंपा था। अपने इस्तीफे में लिखा था कि उन्हें पार्टी नेतृत्व की ओर से नजरअंदाज किया जा रहा है। वहीं, 16 फरवरी को असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (AICC) इंचार्ज जितेंद्र सिंह ने कहा था कि बोरा ने इस्तीफा वापस ले लिया है। बोरा की राहुल गांधी से 15 मिनट बात हुई। हिमंता बोले- बोरा की तरह मैंने भी दर्द सहा हिमंता ने बोरा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भाजपा में शामिल होने से भोरा सच्ची छवि बनेगी। भूपेन बोरा के साथ गुवाहाटी और उत्तरी लखीमपुर में कांग्रेस के कई नेता 22 फरवरी को भाजपा में शामिल होंगे। हिमंता ने कहा- कांग्रेस अब असमिया लोगों की पार्टी नहीं रही। पार्टी चुनाव जीतने के लिए संघर्ष नहीं कर रही है। कोई भी सच्चा कांग्रेसी इस बात से दुखी होगा। मैंने भी यही दर्द सहा है। जब मैं भाजपा में शामिल होने गया था, तब मुझे भी ऐसे फोन आते थे। ये लोग सामंतों की तरह जीते हैं। उन्हें लगता है कि एक फोन करने से फैसला बदल जाएगा। असम CM ने आगे कहा- भूपेन बोरा को भाजपा में पूरा सम्मान और गरिमा दी जाएगी। भाजपा में शामिल होना उनके लिए घर वापसी जैसा होगा क्योंकि यह एक ऐसी पार्टी है जिसमें उनके जैसे कई लोग हैं, जिनके पिता किसी उच्च पद पर नहीं रहे। गौरव गोगोई ने बोरा को मनाने की कोशिश की थी बोरा को मनाने के लिए पूर्व असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, सांसद प्रद्युत बोरदोलोई और नेता विपक्ष देबाब्रत सैकिया सोमवार को उनके निवास पहुंचे थे। गौरव गोगोई ने उनसे माफी तक मांगी थी। गौरव गोगोई ने बोरा से मुलाकात के बाद कहा कि भूपेन पार्टी के लिए एक मजबूत स्तंभ हैं। हमेशा राज्य में नकारात्मक ताकतों के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। अगर उन्हें किसी मुद्दे से आघात पहुंचा हो, तो मैं छोटे भाई के रूप में उनसे माफी मांगता हूं। 32 साल से कांग्रेस से जुड़े थे बोरा, दो बार विधायक रहे असम में 126 विधानसभा सीटों पर मार्च-अप्रैल में चुनाव होने की संभावना है। भूपेन बोरा राज्य में कांग्रेस के बड़े नेता थे। वे 32 साल से कांग्रेस से जुड़े थे। वे 2021 से 2025 तक असम कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं और दो बार विधायक रह चुके हैं। बोरा 2026 के चुनाव में भाजपा के टिकट पर बिहपुरिया या रंगनदी से चुनाव लड़ सकते हैं। सीएम हिमंता ने BJP में आने का ऑफर दिया था मुख्यमंत्री हिमंता ने बोरा को कल ही BJP में शामिल होने का ऑफर दिया था। हिमंता ने कहा कि अगर बोरा BJP में आते हैं, तो हम उन्हें सुरक्षित सीट से चुनाव लड़वाने में मदद करेंगे। अगर वह शामिल नहीं होते हैं, तो भी हम उन्हें शुभकामनाएं देंगे। सरमा ने बोरा को कांग्रेस का ‘अंतिम हिंदू नेता’ बताते हुए कहा कि उनका परिवार सामान्य है और कांग्रेस में सामान्य परिवार से आने वाले नेताओं को पहचान नहीं मिलती। हिमंता ने कहा कि BJP में उन्हें साधारण परिवार से आने के बावजूद मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला। बोरा के भाजपा में जाने के राजनीतिक मायने 2026 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बोरा के भाजपा में शामिल होने की खबर कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। भूपेन बोरा असम कांग्रेस में हिंदू खिलंजिया असमिया समुदाय के प्रमुख नेता थे। उनके इस्तीफे से कांग्रेस को ऊपरी असम (उजनी असम) और उत्तरी असम में लगभग 45 विधानसभा सीटों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। वर्तमान में कांग्रेस के पास प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई और नेता प्रतिपक्ष देवब्रत सैकिया के सिवा कोई बड़ा हिंदू असमिया नेता नहीं बचा है। हिंदू बेल्ट में पहले से ही वोट बैंक खो रही कांग्रेस के लिए भूपेन बोरा का जाना बहुत बड़ा नुकसान साबित होगा। तीन बार के विधायक रहे अब्दुल रशीद मंडल ने कांग्रेस छोड़ी बोरा के इस्तीफे के कुछ घंटे के बाद असम में कांग्रेस को एक और झटका लगा था। तीन बार से कांग्रेस विधायक अब्दुल रशीद मंडल कांग्रेस छोड़कर रायजोर दल में शामिल हो गए। मंडल ने कहा कि मैं रायजोर दल में शामिल होकर गोगोई के हाथ मजबूत करने के लिए काम करूंगा। हालांकि, कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने कहा था कि मंडल ने पार्टी को अभी तक औपचारिक इस्तीफा नहीं दिया है। ———– ये खबर भी पढ़ें… हिमंता शूटिंग वीडियो मामला, सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार:कहा- चुनाव से पहले कोर्ट का दरवाजा खटखटाना ट्रेंड बन गया है, इसे प्लेग्राउंड मत बनाइए सुप्रीम कोर्ट ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ वायरल वीडियो पर कार्रवाई की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। वीडियो में सीएम को एक खास समुदाय के सदस्यों पर राइफल से निशाना साधते और फायरिंग करते हुए दिखाया गया था। पूरी खबर पढ़ें…

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