शादी का मंडप सजा था, बारात धूमधाम से पहुंची, वरमाला हुई, सात फेरे पड़े और दूल्हे ने पूरे रीति-रिवाज से दुल्हन की मांग में सिंदूर भी भर दिया। दोनों परिवार नई जिंदगी की शुरुआत की खुशियां मना रहे थे। लेकिन विदाई से पहले ही कहानी ने ऐसा मोड़ लिया कि पूरी शादी क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई। रायसेन के बेगमगंज में आयोजित इस शादी में दुल्हन विदिशा जिले के पठारी क्षेत्र की रहने वाली थी, जबकि दूल्हा बेगमगंज का रहने वाला है। शुक्रवार रात अर्चना मैरिज गार्डन में विवाह समारोह हुआ। सभी वैवाहिक रस्में पूरी होने के बाद जब लोग विदाई की तैयारी में जुटे थे, तभी नवविवाहिता अचानक गायब हो गई। परिजनों को तलाश करने पर पता चला कि दुल्हन अपने कथित प्रेमी के साथ चली गई है। बताया जा रहा है कि वह अपने साथ शादी में चढ़ाए गए करीब 15 लाख रुपए के गहने और नकदी भी ले गई थी। जानकारी मिलते ही वर पक्ष में हड़कंप मच गया और रिश्तेदारों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। राहतगढ़ तिगड्डे पर मिली दुल्हन
काफी खोजबीन के बाद दुल्हन और उसका प्रेमी राहतगढ़ तिगड्डे के पास मिल गए। दोनों को पकड़कर बेगमगंज थाने लाया गया। घटना की जानकारी लगते ही दोनों पक्षों के परिजन भी थाने पहुंच गए। सूत्रों के अनुसार, शुरुआत में दुल्हन गहने और अन्य सामान लौटाने को तैयार नहीं थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच लंबी बातचीत और समझाइश के बाद समझौता हो गया। दुल्हन ने वर पक्ष द्वारा दिए गए गहने, कपड़े और नकदी वापस कर दी। स्टांप पर लिखकर खत्म किया रिश्ता
थाने में आपसी सहमति से स्टांप पर लिखित समझौता किया गया, जिसमें दोनों पक्षों ने वैवाहिक संबंध समाप्त करने पर सहमति जताई। इसके बाद दुल्हन अपने परिजनों के साथ मायके रवाना हो गई। वहीं दूल्हे और उसके परिवार के लिए यह शादी एक रात में ही टूट गई। शादी के कुछ घंटों बाद ही दुल्हन के प्रेमी के साथ फरार होने और फिर पकड़कर थाने लाए जाने की घटना पूरे बेगमगंज क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो जाने के कारण पुलिस में किसी प्रकार का मामला दर्ज नहीं कराया गया।
