क्राइम फाइल्स के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि सीहोर जिले के आष्टा की इंदिरा कॉलोनी में पिता की तेरहवीं के दौरान एक घर से महिला की लाश मिलने से सनसनी फैल गई थी। घटना के समय बच्चे सचिन और अंजली को दुकान भेज दिया गया था। लौटने पर घर में अफरा-तफरी मची हुई थी और कुछ ही देर में पता चला कि मामला हत्या का है। तेरहवीं में शामिल होने आईं 6 सगी बहनें-ललता, सुमित्रा, सजनबाई, बिंदा, लक्ष्मी और कांता संदेह के घेरे में आ गईं। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि घर के भीतर आखिर हुआ क्या था। किसकी मौत हुई, हत्या की वजह क्या थी और बच्चों ने ऐसा क्या देखा जिसने छह बहनों को अदालत के कटघरे तक पहुंचा दिया? पढ़िए क्राइम फाइल्स के इस पार्ट में… घर में तेरहवीं का कार्यक्रम चल रहा था। रिश्तेदारों का आना-जाना था, लेकिन दोपहर होते-होते माहौल अचानक बदल गया। घर के भीतर से चीख-पुकार और विवाद की आवाजें आने लगीं।
कुछ देर बाद उसी घर से एक और दु:खद खबर बाहर निकली। घर की बहू सुनीता अचेत अवस्था में मिली। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पड़ोसियों ने सुनी थी झगड़े की आवाज पुलिस ने सबसे पहले घर और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की। पड़ोसियों ने बताया कि घटना से पहले घर के अंदर जोरदार बहस हो रही थी। जांच में सामने आया कि विवाद पैतृक मकान और संपत्ति को लेकर था। सुनीता के पति शांतिलाल की पहले ही मौत हो चुकी थी। वह अपने बच्चों और सास-ससुर के साथ उसी घर में रह रही थी। परिवार की देखभाल भी वही करती थी। इसी दौरान ननदों और सुनीता के बीच संपत्ति को लेकर तनाव बढ़ने लगा था। बच्चों ने देखी थी घर के अंदर की तस्वीर मामले की तब और साफ हो गई, जब पुलिस ने सुनीता के बेटे सचिन और बेटी अंजली से बात की। घटना के समय दोनों बच्चे घर के बाहर थे। तभी उन्हें घर के भीतर से झगड़े की आवाज सुनाई दी। बच्चे अंदर पहुंचे तो जो दृश्य उन्होंने देखा, वही बाद में इस केस का सबसे अहम हिस्सा बना। सचिन ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी बुआओं को मां के साथ मारपीट करते देखा था। इसके बाद एक बुआ ने उन्हें कुछ पैसे देकर दुकान भेज दिया। जब दोनों बच्चे वापस लौटे तो घर का माहौल पूरी तरह बदल चुका था। सचिन ने देखा कि उसकी मां जमीन पर पड़ी हुई है और कोई जवाब नहीं दे रही। उसने पानी डालकर जगाने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने की मारपीट की पुष्टि इसी बीच पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी सामने आ गई। रिपोर्ट में सुनीता के शरीर पर कई चोटों के निशान मिले। मेडिकल जांच से साफ हुआ कि उसके साथ मारपीट हुई थी। गला दबाकर हत्या की पुष्टि भी हुई। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, परिवार के भीतर लंबे समय से चल रहे संपत्ति विवाद की परतें भी खुलती चली गईं। बच्चों ने पुलिस को बताया कि दादा-दादी और उनकी मां के बीच संबंध सामान्य थे। परिवार में कोई बड़ा विवाद नहीं था। लेकिन पिता और दादा की मौत के बाद संपत्ति को लेकर तनाव बढ़ गया था। अंजलि ने बयान दिया कि कुछ रिश्तेदार चाहते थे कि सुनीता बच्चों के साथ घर छोड़ दे, ताकि मकान पर उनका कब्जा हो सके। हालांकि सुनीता ऐसा करने को तैयार नहीं थी। पुलिस के सामने खुलती गई साजिश की परत पुलिस ने छहों बहनों ललताबाई, सुमित्राबाई, सजनबाई, बिंदाबाई, लक्ष्मीबाई और कांताबाई से अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उनके बयानों और घटनास्थल से मिले तथ्यों में कई विरोधाभास सामने आए। दूसरी तरफ बच्चों की बातों, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और सबूतों ने पुलिस के संदेह को मजबूत कर दिया। कोर्ट में बच्चों की गवाही बनी सबसे बड़ा सबूत मुकदमे के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा सचिन और अंजलि की गवाही की रही। बचाव पक्ष ने अदालत में यह साबित करने की कोशिश की कि बच्चों को सिखाकर बयान दिलवाए गए हैं। उनसे लंबी जिरह की गई। कई सवाल पूछे गए ताकि उनके बयानों में विरोधाभास निकाला जा सके। लेकिन दोनों बच्चे अपने बयान पर अडिग रहे। उन्होंने अदालत के सामने वही बातें दोहराईं जो उन्होंने जांच के दौरान पुलिस को बताई थीं। अदालत ने पाया कि बच्चों के बयान स्वाभाविक, सुसंगत और विश्वसनीय हैं। साथ ही मेडिकल और अन्य साक्ष्य भी उनकी बातों का समर्थन कर रहे थे। सभी 6 बहनों को आजीवन कारावास की सजा करीब एक साल तक चली सुनवाई के बाद 31 मार्च 2022 को फैसला सुनाने की तारीख तय हुई। आष्टा कोर्ट के कोर्ट रूम नंबर-2 में सभी की निगाहें जज कंचन सक्सेना पर टिकी थीं। कटघरे में छहों बहनें खड़ी थीं। अदालत में मौजूद हर व्यक्ति फैसले का इंतजार कर रहा था। फाइलों, गवाहियों और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने अपना निर्णय सुनाया। कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में सफल रहा है। बच्चों की गवाही को विश्वसनीय माना गया और अन्य साक्ष्यों से उसका समर्थन भी मिला। क्राइम फाइल्स पार्ट-1 भी पढ़ें… मायके आई 6 बहनों पर लगा हत्या का आरोप मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज कहानी उस सनसनीखेज मामले की, जिसने रिश्तों, भरोसे और परिवार की परिभाषा पर कई सवाल खड़े कर दिए। पिता की मौत के बाद तेरहवीं में शामिल होने मायके आईं छह बहनें अचानक हत्या के मामले में आरोपी बन गईं। पढ़ें पूरी खबर…
