निवाड़ी जिले के तरीचर कला में सोमवार को श्री श्री 1008 श्री दुर्गा महायज्ञ और श्रीमद्भागवत कथा की शुरुआत धूमधाम से हुई। धार्मिक आयोजन के पहले दिन बड़ी माता मंदिर परिसर से कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यह कलश यात्रा ढोल-नगाड़ों, सजे-धजे घोड़ों और डीजे पर बजने वाले धार्मिक गीतों के साथ पूरे नगर में घूमी। यात्रा के दौरान श्रद्धालु माता रानी के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे, जिससे पूरा इलाका भक्ति के रंग में डूब गया। नगर के मुख्य रास्तों से होकर गुजरी इस भव्य यात्रा का स्थानीय लोगों ने अलग-अलग जगहों पर फूलों की बारिश कर स्वागत किया। वृंदावन के कथावाचक कराएंगे प्रवचन कलश यात्रा के बाद बड़ी माता मंदिर परिसर में पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महायज्ञ और भागवत कथा की शुरुआत की गई। जगतगुरु आश्रम वमनुआ धाम के यज्ञाचार्य श्री अंश जी महाराज द्वारा यज्ञ की सभी विधियां पूरी कराई जा रही हैं। वहीं, वृंदावन धाम से आए कथावाचक रामजीवन पस्तोर जी महाराज श्रद्धालुओं को अपनी मधुर आवाज में श्रीमद्भागवत कथा सुनाएंगे। 21 जून को भंडारे के साथ होगा समापन आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि यह धार्मिक अनुष्ठान आगामी 21 जून (रविवार) तक लगातार चलेगा। कथा के आखिरी दिन महायज्ञ की पूर्णाहुति होगी, जिसके बाद एक बड़े भंडारे (प्रसाद वितरण) का आयोजन किया जाएगा। इस भंडारे में पूरे क्षेत्र से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इन्होंने लिया जजमान बनने का सौभाग्य इस महायज्ञ के मुख्य जजमान बनने का सौभाग्य श्रीमती बीना वीरेंद्र पटेल और पार्षद परीक्षित पटेल को मिला है। उनके साथ सह-जजमान के रूप में रीमा हरिओम पटेल, शोभा कमलेश मिश्रा, लक्ष्मी जितेंद्र पटेल, शिल्पी भानु पटेल, ज्योति धतू ठेकेदार शामिल हैं। साथ ही कई अन्य श्रद्धालु अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
