कांग्रेस की सीनियर लीडर और तेलंगाना की प्रभारी मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा चुनाव में नामांकन खारिज होने से बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार महेश केवट निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुने गए। मीनाक्षी चुनाव आयोग से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गईं, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। अब वे हाईकोर्ट में इलेक्शन पिटीशन फाइल करेंगी। प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में बहुमत का आंकड़ा न होने के बाद भी मिली जीत को लेकर दैनिक भास्कर ने नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद महेश केवट से बातचीत की। भास्कर: इस जीत को लेकर आप क्या कहेंगे? महेश केवट: भाजपा के नेतृत्व, प्रधानमंत्री मोदी जी, अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को एक सामान्य कार्यकर्ता को इतनी बड़ी जिम्मेदारी देने के लिए हार्दिक धन्यवाद। भास्कर: तीन साल पहले आप पार्टी से निष्कासित हो गए थे। अब एक महीने में दो बड़ी जिम्मेदारियां मिल गईं? महेश केवट: आप सन् 2022 की बात कर रहे हैं। मैं लगातार भाजपा का काम करता रहा हूं और पार्टी हमें काम देती रही। 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने मुझे प्रदेश स्तरीय चुनाव प्रबंधन ग्रुप का सदस्य बनाया था। उस ग्रुप में रहकर मैंने प्रदेश स्तरीय चुनाव प्रबंधन का काम किया है। हमें तो ऐसी जानकारी नहीं थी। अगर कागज-पत्रों में किसी जिले के पूर्ववर्ती किसी व्यक्ति ने झूठी जानकारी दी हो तो पता नहीं। हम भाजपा के खिलाफ कभी चुनाव नहीं लड़े। जब तक भाजपा ने हमें अधिकृत नहीं किया, तब तक कभी चुनाव नहीं लड़ा। पार्टी ने जो काम बताया, हम काम करते रहे। 2023 के बाद लगातार हम पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले में जब भी मुख्यमंत्री जी प्रवास पर आते थे, सरकारी कार्यक्रम हों या पार्टी के कार्यक्रम, हम हमेशा मंचों पर रहे। अगर गलती से कुछ मामला आया होगा तो पार्टी ने उस पर संज्ञान लेकर पटाक्षेप किया होगा। पार्टी की नजर हर कार्यकर्ता पर रहती है। ऊपर वाले ईश्वर की नजर हर प्राणी पर रहती है। हम सही करेंगे तो सही परिणाम मिलेगा, यदि गलत करेंगे तो गलत मिलेगा। भास्कर: एक महीने पहले आप मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष बने, फिर अचानक राज्यसभा में नाम आ गया। दो बड़ी जिम्मेदारियां कैसे मिल गईं? महेश केवट: भाजपा का अद्भुत नेतृत्व है। कब किस कार्यकर्ता को कहां काम पर लगाना है, यह भाजपा से अच्छा कोई सोच ही नहीं सकता। हम किशोरावस्था से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में राष्ट्रसेवा के लिए काम करते रहे। शुरुआत में तो हम खेल और व्यायाम में ही रहे। उसके बाद संघ में राष्ट्रीयता की भावना पैदा हुई और उस विचारधारा से हम आए। फिर विद्यार्थी परिषद में काम करते रहे। फिर टीकमगढ़-निवाड़ी संयुक्त जिले में भाजपा के मंत्री रहे, उपाध्यक्ष और दो बार प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य रहे। भाजपा कब किसको क्या काम देना है, वो देती है। पार्टी आपको जो काम दे रही है, उस पर ध्यान देते हैं तो हमारी पार्टी के नेता उस पर नजर रखते हैं। भास्कर: तीसरी सीट पर जब आपका नाम आया तो ऐसा नहीं लगा कि पार्टी ने आपको उलझा दिया? महेश केवट: ऐसा कुछ नहीं है। जब भाजपा ने हमें प्रत्याशी बनाया तो यह मानकर चलिए कि भाजपा जो तय करती है, पार्टी के पास पर्याप्त समर्थन था। केंद्र में मोदी जी की और राज्य में मोहन यादव की सरकार विकास के काम और विकसित भारत 2047 बनाने के लिए काम कर रही है। विधायक किसी भी पार्टी के हों, लेकिन कुछ ऐसे होते हैं जिनके मन में सपना होता है कि हमारा मप्र विकसित हो जाए। मोहन जी अच्छा काम कर रहे हैं तो हम उनके हाथ में हाथ बंटाएं। भाजपा के पास पूरा समर्थन था और कोई भी ऐसी परिस्थिति बनती तो तीसरी सीट भी इतने बहुमत से जीतती, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की होगी। भास्कर: कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि भाजपा के पास बहुमत नहीं था? महेश केवट: कांग्रेस ने तो झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत किया। उसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन फार्म निरस्त किया। इसके बाद कांग्रेस निर्वाचन आयोग और सुप्रीम कोर्ट गई, लेकिन वहां भी सत्य की जीत हुई। कांग्रेस की आज जो शैली बन गई है कि वो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर टीका-टिप्पणी कर रहे हैं, उसे मानने को तैयार नहीं हैं। हम देश के नागरिक हैं तो सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को हमें स्वीकार करना चाहिए। अब कांग्रेस स्वीकार नहीं कर रही तो उसके लिए हम क्या कह सकते हैं। भास्कर: कांग्रेस कह रही है कि हम इलेक्शन पिटीशन लगाएंगे और तीनों सीटों का चुनाव कैंसिल होगा? महेश केवट: अब कांग्रेस के कहने से निर्णय नहीं होते हैं। पिटीशन लगाने का उनका अधिकार है तो पिटीशन लगाएं, लेकिन जो झूठ उन्होंने शपथ पत्र में दिया है, वह निर्वाचन आयोग से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक झूठ सिद्ध हुआ है। हाईकोर्ट में भी वह झूठ ही सिद्ध होगा। न्यायालय स्वतंत्र संस्था होती है। वहां सत्य की जीत होती है। अभी सुप्रीम कोर्ट ने जो आदेश दिया, हाईकोर्ट में भी परिणाम वही रहेंगे। भास्कर: केवट-मांझी समाज के आप पहले राज्यसभा सांसद बनने जा रहे हैं, तो अब आगे क्या प्लान है? महेश केवट: यह सही बात है कि पहली बार निषादवंशी समाज को यह स्थान मिला है, यह भाजपा की देन है। मुझे त्रेता युग की एक बात याद आती है। जब भगवान राम वनवास को गए तो वहां वे साधु-संतों, ऋषि-मुनियों से भी मिले। ऐसे लोगों से भी मिले और उन्हें स्नेह व अपनत्व दिया, जिनसे कोई नहीं मिला था। इसी दौरान भगवान श्रीराम निषादराज से मिले और उन्हें गले लगाने का काम किया। जो त्रेता युग में निषादराज को भगवान राम ने गले लगाया था, आज भाजपा के नेतृत्व ने प्रधानमंत्री मोदी जी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हमें गले लगाने का काम किया है। हमारा समाज और भाजपा के कार्यकर्ता उत्साहित हैं और नेतृत्व का आभार व्यक्त कर रहे हैं। भास्कर: आप ओरछा से आते हैं। अब राज्यसभा में बुंदेलखंड के प्रति आपकी क्या जिम्मेदारी होगी? महेश केवट: मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार ने 12 साल में जो काम किया है, वह अद्भुत है। पिछले 70 साल और मोदी जी के 12 वर्षों के कामों की तुलना करें तो फर्क बहुत साफ नजर आता है। मोदी जी विकसित भारत 2047 का संकल्प लेकर चल रहे हैं। मुख्यमंत्री जी के विकसित मप्र के संकल्प में भागीदारी का सौभाग्य मिला है। भास्कर: मतदान की स्थिति बनती तब जीत पाते? महेश केवट: हां, भाजपा सौ प्रतिशत जीत हासिल करती। प्रत्याशी घोषित होने के पहले ही यह तय था कि भाजपा के पास पर्याप्त समर्थन है। अब उन्होंने जबरन हार छिपाने के लिए गलत शपथ पत्र प्रस्तुत किया। क्या किया भगवान जाने। वो 75 सीटर फ्लाइट ले जा रहे थे, उनमें आधे ही नहीं बैठे। लोकतंत्र में लोग आत्मा की आवाज सुनकर वोट करते हैं। राष्ट्र से बड़ा कुछ नहीं है। ये खबर भी पढ़ें… MP में महेश केवट भाजपा के तीसरे राज्यसभा प्रत्याशी घोषित मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट का मुकाबला दिलचस्प हो गया है। भाजपा ने कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के सामने मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट को उम्मीदवार बनाया है। दोनों प्रत्याशी आज नामांकन दाखिल करेंगे। भाजपा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर रविवार शाम मुख्यमंत्री निवास में करीब एक घंटे तक बैठक चली। इसमें चुनावी रणनीति और नामांकन प्रक्रिया पर चर्चा हुई।पूरी खबर पढ़ें
