सीधी जिले के जनपद पंचायत सिहावल के अंतर्गत ग्राम गोडाही में पिछले सात महीनों से दहशत का कारण बना लगभग 10 फीट लंबा मगरमच्छ को शनिवार शाम को रेस्क्यू किया गया। वन विभाग की टीम ने करीब चार घंटे की भारी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को पकड़ा और उसे सोन नदी स्थित अभयारण्य में सुरक्षित छोड़ दिया, जिसके बाद गांव वालों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले सात महीनों से इस तालाब में मगरमच्छ डेरा डाले हुए था, जिसकी वजह से पूरे गांव में डर का माहौल था। लोग तालाब के पास जाने से भी कतराने लगे थे। स्थिति यह थी कि तालाब में पानी पीने जाने वाले कई मवेशी कभी लौटकर वापस नहीं आए और वे इस मगरमच्छ का निवाला बन गए, जिससे ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ा। डीएफओ ने की कार्रवाई गांव के लोगों ने पहले भी कई बार वन विभाग को इसकी सूचना दी थी, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद, करीब एक महीने पहले ग्रामीणों ने मामले की शिकायत डीएफओ राजेश कन्ना टी से की। डीएफओ ने इस समस्या को गंभीरता से लिया और तुरंत एक स्पेशल रेस्क्यू टीम का गठन कर निर्देश जारी किए। चार घंटे चला चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन शनिवार को वन विभाग की टीम ग्राम गोडाही पहुंची और दोपहर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। बीट प्रभारी जोखीलाल प्रजापति ने बताया कि अधिकारियों के निर्देश पर टीम तुरंत एक्शन में आई। मगरमच्छ बेहद सतर्क और चालाक था, जिसके कारण उसे जाल में फंसाना काफी चुनौतीपूर्ण रहा। करीब चार घंटे की कड़ी मेहनत के बाद शाम लगभग 6 बजे टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित काबू में कर लिया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में बीट प्रभारी जोखीलाल प्रजापति, अंजली शर्मा, रामराज शर्मा और जोगदहा टीम के सदस्य शामिल रहे।
