शाजापुर में प्रशासनिक कामकाज बिना किसी रुकावट के चलता रहे, इसके लिए कलेक्टर ऋजु बाफना ने बुधवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए नया आदेश जारी किया है। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अनुपमा चौहान के अचानक ड्यूटी से गायब होने की वजह से जिले के दो बड़े पदों की जिम्मेदारी दूसरे अधिकारियों को सौंपी गई है। कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ और अपर कलेक्टर (एडीएम) के पदों का प्रभार नए सिरे से बांट दिया है। इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी कलेक्टर के नए आदेश के मुताबिक, अब अगले आदेश तक जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का पूरा जिम्मा संयुक्त कलेक्टर मनीषा वास्कले संभालेंगी। वहीं दूसरी तरफ, अपर कलेक्टर पद की पूरी जिम्मेदारी डिप्टी कलेक्टर राजकुमार हलदर को दे दी गई है। ये दोनों ही अधिकारी अपने अभी के कामकाज को देखने के साथ-साथ इन बड़े पदों की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभालेंगे। इस आदेश को तुरंत लागू कर दिया गया है। बिना बताए गायब हैं जिला पंचायत सीईओ प्रशासन के गलियारों से छनकर आ रही खबरों की मानें तो जिला पंचायत सीईओ अनुपमा चौहान बीते 8 जून 2026 से दफ्तर नहीं आ रही हैं। खास बात यह है कि वे बिना किसी पूर्व सूचना या छुट्टी की मंजूरी के अपने काम से गायब हैं। उनके इस तरह अचानक अनुपस्थित होने के चलते ही कलेक्टर को प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह इमरजेंसी कदम उठाना पड़ा है। खाली चल रहा था अपर कलेक्टर का पद जिले में अपर कलेक्टर का पद पहले से ही 9 मार्च 2026 से खाली पड़ा हुआ था। उस समय इस पद का अतिरिक्त काम भी अनुपमा चौहान को ही थमाया गया था। अब जब वे खुद ही बिना बताए गायब हो गईं, तो कलेक्टर ने तुरंत एक्शन लिया ताकि सरकारी और जनता से जुड़े काम प्रभावित न हों। अचानक हुए इस बदलाव और सीईओ के गायब होने को लेकर अब कलेक्ट्रेट में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
