राजगढ़ पुलिस ने फर्जी लोन ऐप के जरिए लोगों को ब्लैकमेल कर रुपए वसूलने वाले अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के अमेठी से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में आरोपियों के बैंक खातों में करीब 30 लाख रुपए के संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आए हैं। मोबाइल का डेटा लेकर करते थे ब्लैकमेल बुधवार को पुलिस कंट्रोल रूम में एसपी अमित तोलानी ने प्रेस वार्ता में बताया कि गिरोह फर्जी लोन ऐप के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाता था। जैसे ही कोई व्यक्ति मोबाइल में ऐप डाउनलोड करता, आरोपी उसकी कॉन्टैक्ट लिस्ट, फोटो गैलरी और अन्य निजी जानकारी तक पहुंच बना लेते थे। इसके बाद फोटो एडिट कर अश्लील तस्वीरें तैयार की जाती थीं और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर रुपए वसूले जाते थे। शिकायत के बाद शुरू हुई जांच मामले की शुरुआत 2 जून को हुई, जब राजगढ़ निवासी एक युवक ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। युवक ने बताया कि कुछ लोग खुद को लोन रिकवरी एजेंट बताकर व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए धमका रहे हैं। आरोपियों ने उसकी फोटो एडिट कर अश्लील तस्वीरें बना लीं और रिश्तेदारों को भेजने की धमकी देकर अलग-अलग यूपीआई खातों में 28 हजार रुपए जमा करवा लिए। अमेठी से चार आरोपी गिरफ्तार शिकायत के बाद कोतवाली पुलिस ने साइबर फ्रॉड, ब्लैकमेलिंग और आईटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी जांच और बैंक खातों की पड़ताल के दौरान पुलिस को उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले तक सुराग मिले। इसके बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर मोहम्मद आकीब खान (22), इस्माइल (28), मोहम्मद इल्तिफात (28) और अरमान हुसैन को गिरफ्तार कर लिया। क्रिप्टो करेंसी में बदलते थे ठगी की रकम पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ठगी से मिली रकम को बाइनेंस प्लेटफॉर्म के जरिए USDT क्रिप्टो करेंसी में बदल देते थे, ताकि लेन-देन को ट्रेस करना मुश्किल हो जाए। पुलिस को आरोपियों के बैंक खातों में करीब 30 लाख रुपए के संदिग्ध ट्रांजैक्शन मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि गिरोह कई राज्यों में सक्रिय है और बड़ी संख्या में लोगों को अपना शिकार बना चुका है। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच कर रही है। मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। एसपी अमित तोलानी ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लोन ऐप पर भरोसा न करें और मोबाइल में ऐप डाउनलोड करते समय दी जाने वाली परमिशन को ध्यान से पढ़ें। यदि कोई व्यक्ति फोटो या वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगता है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने में शिकायत करें।
