Homeदेशयोगी बोले- मारीच और सुबाहु लैंड जिहादी थे:राम लव जिहाद रोकने के...

योगी बोले- मारीच और सुबाहु लैंड जिहादी थे:राम लव जिहाद रोकने के लिए आदर्श उदाहरण, रामभद्राचार्य की कथा में पहुंचे

सीएम योगी मंगलवार को लखनऊ में जगद्गुरु रामभद्राचार्य की श्रीरामकथा में पहुंचे। उन्होंने कहा- प्रभु श्रीराम ने नारी गरिमा के लिए काम किया। यह आज के समय में लव जिहाद रोकने के लिए आदर्श उदाहरण है। शायद ही कोई ऐसा भारतीय हो, जिसके डीएनए में भारत हो और वह श्रीराम को न मानता हो। सीएम ने कहा- याद करिए रावण का राज्य था। खर और दूषण पूरे दंडकारण्य में कब्जा जमाए थे। ताड़का बक्सर तक आ गई थी। ये सब मिलकर पूरा उजाड़ मचाए हुए थे। जब भी नकारात्मक ताकतें आती हैं तो उजाड़ ही करती हैं। उन्होंने कहा- खर-दूषण और मारीच-सुबाहु क्या कर रहे थे? वो भी रावण के साथ लैंड जिहाद के अभियान में जुड़े हुए थे। साधु-संतों को उनकी जगह से हटाकर लैंड जिहाद करते थे। रामकथा केवल सुनने का विषय नहीं है। इसे सुनकर समझना होगा। सीएम ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य को शॉल ओढ़ाया। इस दौरान जगद्गुरु 1 मिनट तक सीएम योगी के कान में कुछ कहते रहे। फिर पोटली से कुछ निकालकर सीएम को भेंट दिया। राम कथा का आज 9वां और आखिरी दिन है। 3 तस्वीरें देखिए- सीएम योगी की 4 बड़ी बातें- 1- जिसने राम का द्रोह किया, वह मिट गया
योगी ने कहा- नकारात्मक ताकतें हर कालखंड में आएंगी, लेकिन सज्जन शक्ति को इनका डटकर मुकाबला करना होगा। राम जब पहली बार घर से निकले तो उन्हें सबसे पहले ताड़का मिली। वह रावण से प्रेरित थी। गलत को गलत ही मिलते हैं। जिसने भी राम को अपने जीवन का आदर्श बनाया, उसका कल्याण हुआ। जिसने राम का द्रोह किया, उसको इस धरती पर कोई जगह नहीं मिली। मारीच, रावण उच्च कुल और श्रेष्ठ व्यवस्था में जन्म लेते हैं और पशुवत मारे जाते हैं। क्योंकि, राम के साथ द्रोह करते हैं। हमारे पवनसुत हनुमानजी हैं, विभीषण हैं… इनको भले ही जन्म के समय सामान्य जीवन मिला। लेकिन, राम की संगत का असर हुआ कि ये पूज्य हो गए। हम सुबह जो 7 नाम लेते हैं, उनमें विभीषण का भी नाम है। हमारे यहां हर समस्या का समाधान हनुमान चालीसा है। 2- अगर आस्था नहीं, तो यह धरती धर्मशाला नहीं
सीएम ने कहा- जो भारत के प्रति निष्ठा नहीं रखते, जिनकी भारत के प्रति आस्था नहीं है, भारत के संस्कारों का सम्मान नहीं कर सकते, उन लोगों के लिए भारत की धरती धर्मशाला नहीं हो सकती। इस संकल्प के साथ हम सब आगे बढ़ेंगे। संत शक्ति सबको एकजुट कर आगे ले जाना चाहती है। उन्होंने कहा- कोई धर्म के नाम पर, कोई जाति के नाम पर बांटने का प्रयास करेगा, लेकिन हम सबको कथा के उस मर्म को समझना पड़ेगा, जो यहां पर व्यासपीठ से जगद्गुरु ने समझाने का प्रयास किया। हमारे जो आदर्श हैं, उनके अनुसार जीवन जीने का प्रयास करें। हम शिव और राम की पूजा करते हैं तो अपना जीवन उनके आदर्श पर जीएं। 3- शायद ही कोई भारतीय हो, जो श्रीराम को न मानता हो
सीएम ने कहा- रामजन्मभूमि को सभी पूज्य संतों ने अपने जन्म-मरण का विषय बना दिया था। पूज्य संतों ने इसलिए नहीं किया था कि उन्हें कुछ लाभ मिले। उन्होंने श्रीराम के लिए किया। एक नाम उत्तर से दक्षिण, पूर्व से पश्चिम तक जोड़ सकता था। एक लंबे समय तक उनके लिए आंदोलन चला। 491 वर्षों तक रामजन्मभूमि के लिए किसी न किसी रूप में आंदोलन चलता रहा। 4- जो काम तुलसीदास ने किया, वही रामभद्राचार्य कर रहे
योगी ने कहा- मध्यकाल में तुलसीदास ने जनचेतना जागृत की, समाज को एकजुट करने की, विदेशी आक्रांतों के सामने आने की, प्रभु राम के प्रति भक्ति का संदेश देकर पूरे उत्तर भारत को एकता में जोड़ने का काम किया। वही काम आज जगद्गुरु रामभद्राचार्य कर रहे हैं। वह आम व्यक्ति नहीं, वह जगद्गुरु हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश ही नहीं, देश के पहले दिव्यांग विश्वविद्यालय की स्थापना चित्रकूट में करवाई है। वह उस विश्वविद्यालय के अभी भी कुलाधिपति हैं। इसके बावजूद वह भक्तों का सम्मान रखने के लिए रामकथा सुनाते हैं। इसके पीछे एक ही उद्देश्य होता है कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के आचरणों का कोई अनुसरण कर ले, तो देश का बहुत बड़ा कल्याण होगा। ————————- ये खबर भी पढ़ें- ‘भारतीय संस्कृति में वाइफ नहीं, धर्मपत्नी है’:लखनऊ में रामभद्राचार्य बोले- महिलाओं के बिना समाज की कल्पना अधूरी है रामभद्राचार्य महाराज ने सोमवार को लखनऊ में कहा- भारतीय संस्कृति में पत्नी सिर्फ जीवनसाथी नहीं होती, बल्कि धर्म निभाने वाली साथी मानी जाती है। मां का स्थान बहुत ऊंचा होता है और उसे पिता से भी बड़ा दर्जा दिया गया है। इस कथा के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि महिलाएं परिवार, समाज और देश के निर्माण में अहम भूमिका निभाती हैं और उनके बिना समाज की कल्पना अधूरी है। पढ़िए पूरी खबर

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here