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दावा-भीड़ के डर से बिस्तर के नीचे छिपा TMC नेता:’कट मनी’ वापस मांगने पहुंचे लोगों ने घर घेरा, पुलिस ने बाहर निकाला

पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के माथाभांगा में तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता शाहिदुल मियां का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में वे बिस्तर के नीचे छिपते नजर आ रहे है। आरोप है कि शाहिदुल ने सरकारी आवास योजना में घर दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे लिए थे। लोगों को योजना का लाभ नहीं मिलने पर बुधवार को बंड़ी संख्या में लोग उनके घर पर पहुंच गए। भीड़ बढ़ने पर शाहिदुल घर के एक कमरे में जाकर बिस्तर के नीचे छिप गया। हालात बिगड़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें वहां से निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले गई। हालांकि दैनिक भास्कर इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। बेड के नीचे छिपने की 2 तस्वीरें पुलिस ने भीड़ से बचाया आरोप- 5 हजार से 20 हजार तक ‘कट मनी’ लिए माथाभांगा-1 ब्लॉक के जोरपारकी ग्राम पंचायत क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि शाहिदुल ने 5 हजार से 20 हजार रुपए तक लिए थे। दावा है कि इस तरह करीब 8 लाख रुपए जुटाए गए, लेकिन किसी को योजना का लाभ नहीं मिला। शाहिदुल मियां कूचबिहार TMC नेता और सिविक वॉलंटियर है। 25 मई को भी ग्रामीणों ने उसके घर के बाहर प्रदर्शन किया था। BJP बोली- जांच के बाद लोग छिपने की कोशिश कर रहे BJP आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने वीडियो शेयर करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में कट मनी के आरोपों के बाद ऐसे दृश्य सामने आ रहे हैं, जहां नेताओं को लोगों से बचने के लिए छिपना पड़ रहा है। कई जगह पैसे लौटाने के वीडियो सामने आए मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल के दिनों में माथाभांगा और अन्य इलाकों में लोगों ने सरकारी योजनाओं के नाम पर लिए गए पैसे वापस मांगने शुरू कर दिए हैं। दक्षिण 24 परगना के नामखाना इलाके में एक TMC पंचायत सदस्य ने 45 लोगों को 5-5 हजार रुपए लौटाए थे। वहीं, TMC की जिला इकाई का कहना है कि पार्टी का ऐसे अवैध वसूली मामलों से कोई लेना-देना नहीं है। पार्टी ने कहा कि यदि किसी ने व्यक्तिगत स्तर पर पैसे लिए हैं तो उसकी जिम्मेदारी उसी की होगी। जांच के लिए आयोग गठित, सीधे कर सकेंगे शिकायत राज्य सरकार ने 18 मई को कथित कट-मनी, सरकारी फंड के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए ‘इंस्टिट्यूशनल कमीशन’ गठित किया है। रिटायर्ड जज विश्वजीत बसु इसकी अध्यक्षता करेंगे। सरकार को उम्मीद है कि आयोग शुरू होने के बाद लोग सीधे शिकायत दर्ज करा सकेंगे। 2019 में ममता ने मानी थी ‘कट मनी’ की बात ‘कट मनी’ पश्चिम बंगाल की राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा रहा है। इसका मतलब सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने या आवास, सड़क, मनरेगा जैसी योजनाओं में लाभार्थियों से कथित कमीशन वसूलना है। भाजपा ने इसे तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ चुनावी मुद्दा बनाया। ————— ये खबर भी पढ़ें… बंगाल में TMC नेता घूस के पैसे लौटा रहे:सरकारी लाभ के बदले लिए थे; नादिया में महिलाओं की योजना में 173 पुरुषों के नाम पश्चिम बंगाल से तृणमूल नेताओं के लोगों को पैसे बांटने के वीडियो वायरल हैं। दावा है कि यह वो कट मनी यानी कमीशन है जो उन लोकल नेताओं ने स्थानीय लोगों से सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के बदले में लिया था। पूरी खबर पढ़ें…

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