मध्य प्रदेश के बैतूल, खंडवा, खरगोन और बड़वानी जिलों में बेहतर सड़कों के लिए 4,415.60 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की केंद्रीय मंत्रिमंडलीय समिति ने एमपी के लिए एक बड़ी सड़क अवसंरचना परियोजना को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने बैतूल को गुजरात के वडोदरा से जोड़ने वाले एनएच-347बी के अलग-अलग हिस्सों में निर्माण को मंजूरी दी है। फैसले के अनुसार, हिवारखेड़ी-रोशनी-आशापुर-रुधी खंड और देशगांव-जुलवानिया खंड के उन्नयन कार्य को हाइब्रिड वार्षिकी मॉडल (HAM) पर स्वीकृति प्रदान की है। 233.653 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर कुल 4,415.60 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। सड़क को पक्के शोल्डर के साथ लेन में बनाएंगे
यह परियोजना बैतूल, खंडवा, खरगोन और बड़वानी जिलों को बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करेगी। इसके तहत हिवारखेड़ी-रोशनी-आशापुर-रुधी खंड की मौजूदा मध्यवर्ती लेन सड़क को पक्के शोल्डर के साथ दो लेन में विकसित किया जाएगा, जबकि देशगांव-जुलवानिया खंड की दो लेन सड़क को चार लेन में चौड़ा किया जाएगा। खंडवा और आसपास के जिलों को मिलेगा बड़ा लाभ
एनएच-347बी का यह कॉरिडोर बैतूल-खंडवा-वडोदरा मार्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सड़क के उन्नयन से क्षेत्र में लंबे समय से बनी यातायात संबंधी समस्याओं का समाधान होगा। वर्तमान मार्ग पर कई स्थानों पर तीखे मोड़, ज्यामितीय खामियां और शहरी क्षेत्रों में भारी ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है। पूरी होने के बाद वाहनों की औसत गति बढ़ेगी, यात्रा समय में कमी आएगी और सड़क सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार होगा। खरगोन जिले में बनेगा 16.20 किमी का ग्रीनफील्ड बाईपास
परियोजना के अंतर्गत खरगोन जिले में 16.20 किलोमीटर लंबा विस्तारित ग्रीनफील्ड बाईपास भी विकसित किया जाएगा। इसके अलावा दोनों खंडों में कुल 124 किलोमीटर से अधिक लंबाई के बाईपास बनाए जाएंगे, जिससे शहरों और कस्बों में यातायात का दबाव कम होगा। इसके साथ ही भारी वाहनों की आवाजाही सुगम हो सकेगी। पीएम गति शक्ति योजना को मिलेगा बल
यह परियोजना प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी। उन्नत कॉरिडोर छह प्रमुख आर्थिक केंद्रों से जुड़ाव स्थापित करेगा, जिनमें एक वस्त्र क्लस्टर, दो मेगा फूड पार्क, एक औद्योगिक पार्क और दो सुपर थर्मल पावर प्लांट शामिल हैं। साथ ही यह पांच महत्वपूर्ण सामाजिक केंद्रों से भी जुड़ेगा, जिनमें खंडवा और बड़वानी जैसे आकांक्षी जिले तथा बेतूल, खंडवा और खरगोन जैसे आदिवासी बहुल जिले शामिल हैं। रेल, सड़क और हवाई संपर्क होगा बेहतर
यह कॉरिडोर इंदौर और नागपुर हवाई अड्डों, बैतूल और खंडवा रेलवे स्टेशनों तथा इंदौर स्थित मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क (एमएमएलपी) को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से माल परिवहन और यात्री आवागमन दोनों अधिक तेज और किफायती होंगे। ईंधन और समय की होगी बचत
एनएचएआई खंडवा के डायरेक्टर आशुतोष सोनी के अनुसार, सड़क चौड़ीकरण और बाईपास निर्माण से यात्रा समय में कमी आएगी, वाहनों की परिचालन लागत घटेगी और ईंधन की बचत होगी। बेहतर सड़क संपर्क से कृषि, उद्योग, व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्रमुख तथ्य एक नजर में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद मध्य प्रदेश के निमाड़ और आदिवासी अंचल की सड़क कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
