रीवा के बाल संप्रेषण गृह से मंगलवार 2 जून की सुबह करीब 7 बजे बाल संप्रेषण गृह से 6 बच्चे भाग गए। जब बच्चे मिसिंग मिले तो तलाश शुरू की गई। इसी दौरान संप्रेषण गृह में मौजूद बाथरूम की खिड़की का कांच टूटा हुआ था। इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया तथा बच्चों की तलाश शुरू कर दी गई है। पहले भी सामने आ चुकी घटनाएं
समान थाना क्षेत्र में संचालित बाल संप्रेषण गृह से बच्चों के फरार होने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार यहां से बच्चे भाग चुके हैं। बार-बार घटनाएं सामने आने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपेक्षित सुधार नहीं किए गए, जिसका परिणाम एक बार फिर सामने आया है। बताया जा रहा है कि सभी बच्चे अलग अलग समय पर किसी न किसी प्रकरण में लाए गए थे। जिसमें चोरी और हॉफ मर्डर के मामले शामिल हैं। बच्चों को सुधार एवं पुनर्वास के उद्देश्य से यहां रखा गया था। फरार बच्चों की तलाश में जुटी पुलिस
घटना के बाद बाल संप्रेषण गृह की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संस्थानों का उद्देश्य बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना और उनमें सकारात्मक बदलाव लाना होता है, लेकिन लगातार हो रही घटनाएं व्यवस्थागत कमियों की ओर इशारा कर रही हैं। पुलिस फरार बच्चों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और आसपास के क्षेत्रों में भी सूचना प्रसारित की गई है। समान थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि सुबह सूचना मिली थी कि बाल संप्रेषण गृह से 6 बच्चे बाथरूम की खिड़की का कांच तोड़कर भाग गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीमों को उनकी तलाश में लगाया गया है। बच्चों की खोजबीन लगातार जारी है और जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा।
