ब्यावरा के देहात थाना इलाके से एक 17 साल की नाबालिग लड़की और उसकी रिश्तेदार युवती के गायब होने के मामले में पुलिस ने चार लोगों को पकड़ा है। मंगलवार को पुलिस जांच में मानव तस्करी का खुलासा हुआ है, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों पर अपहरण और तस्करी का केस दर्ज किया है। दोनों लड़कियों की गुमशुदगी 29 मई को दर्ज कराई गई थी। नाबालिग की मां ब्यावरा में सब्जी बेचती हैं। घटना के दिन वह किसी धार्मिक स्थल पर गई हुई थीं और दोनों लड़कियां दुकान संभाल रही थीं। इसी बीच राजगढ़ चौराहे का रहने वाला बंटी कंजर अपने तीन साथियों के साथ वहां पहुंचा। बंटी पहले भी सब्जी की दुकान पर आता-जाता था, इसलिए लड़कियां उसे जानती थीं। बंटी ने लड़कियों को झांसा दिया कि वह उन्हें उनकी मां से मिलवाने ले जा रहा है और उन्हें अपनी कार में बैठा लिया। बीयर पिलाई और ढाई लाख में किया सौदा जांच में सामने आया है कि रास्ते में आरोपियों ने बीयर खरीदी और खुद पीने के साथ-साथ लड़कियों को भी जबरन पिलाई। इसके बाद वे उन्हें अलग-अलग जगहों पर ले गए। आरोप है कि रेशमपुरा इलाके में आरोपियों ने नाबालिग लड़की का करीब ढाई लाख रुपए में सौदा कर दिया। पुलिस अब लड़की को खरीदने वाले लोगों की भी तलाश कर रही है। चारों आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके नाम इस प्रकार हैं- बंटी कंजर (32 साल, निवासी कटारियाखेड़ी) उमेश कंजर (30 साल, निवासी छोटा बैरसिया, नई दिल्ली) मिलन कंजर (40 साल, निवासी छोटा बैरसिया, नई दिल्ली) मुकेश कंजर (50 साल, निवासी छोटा बैरसिया, नई दिल्ली) एएसआई गुलाब सिंह धाकड़ ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। नाबालिग की उम्र के कागजात देखे जा रहे हैं। इस काम में शामिल अन्य लोगों का भी पता लगाया जा रहा है, जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
