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हरियाणा CM नायब सैनी पंजाब में इतने एक्टिव क्यों:जट्‌ट सिख डोमिनेंस का तोड़, OBC पर फोकस; पंथक कार्ड के साथ इमोशनल कनेक्शन

हरियाणा के CM नायब सैनी के पंजाब दौरों ने विरोधियों की टेंशन बढ़ा दी है। हफ्ते के 7 दिन में से एवरेज एक दिन उनका पंजाब में या पंजाबियों के बीच बीत रहा। सैनी ट्रेडिशनल नेताओं की तरह तूफानी दौरे नहीं करते बल्कि माइक्रो मैनेजमेंट की तर्ज पर छोटे टूर करते हैं। जिसमें पंजाबियों से खुलकर मिलते हैं। पगड़ी पहनकर गुरुद्वारों में माथा टेकते हैं। बाहरी तौर पर लोगों को यह भले ही 2027 के लिए पड़ोसी राज्य के CM से पार्टी के लिए प्रचार कराने की BJP की रणनीति लगती हो। लेकिन पॉलिटिकल सिनेरियो में इसके मायने बड़े हैं। पंजाब की जट्‌ट सिख वर्सेज दलित राजनीति के उलट CM सैनी के जरिए भाजपा पंजाब में OBC वर्ग का नया वोट बैंक खड़ा कर रही है। इनकी संख्या पंजाब में करीब 30% मानी जाती है। खास बात ये है कि OBC वर्ग किसी एक धर्म में नहीं हैं। यह सिखों और हिंदुओं, दोनों में हैं। वहीं सैनी समुदाय के भी 5% वोट हैं, जो 7 जिलों की कई सीटों पर निर्णायक असर रखते हैं। सैनी के जरिए भाजपा उन लोगों तक पहुंचना चाहती है जो अब तक बड़े राजनीतिक घरानों की लड़ाई में खुद को अलग-थलग महसूस करते रहे हैं। सैनी की सॉफ्ट इमेज और पंजाबी में बातचीत पंजाब के वोटरों के साथ इमोशनल कनेक्शन बनाने की कोशिश है। यही वजह है कि सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) ने अब सीधे सैनी पर अटैक करते हुए उन पर ऑपरेशन लोटस चलाने का आरोप लगा दिया। कांग्रेस उन्हें हरियाणा पर ध्यान देने की नसीहत दे रही है। हमने 2 पॉलिटिकल एक्सपर्ट डॉ. केके रत्तू और कॉलमनिस्ट विंकलजीत सरां से बात की तो वह भी मानते हैं कि सैनी का दौरा 30 से 35 सीटों को इफेक्ट करेगा। CM सैनी को पंजाब में एक्टिव करने की क्या वजह, इससे भाजपा चुनाव में क्या समीकरण खड़ा कर रही, सैनी से पंजाब में कितना असर पड़ेगा, इन सब सवालों के जवाब के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट… हरियाणा CM के पंजाब दौरों के 6 सियासी समीकरण CM सैनी पर हमलावर विपक्षी दल क्या कह रहे… आप बोली- CM सैनी डेपुटेशन पर भेजा, ऑपरेशन लोटस का हिस्सा
AAP ने नायब सिंह सैनी के पंजाब में बढ़ते दौरों को भाजपा के आपरेशन लोटस का हिस्सा बताया है। पंजाब सरकार ने इन दौरों को लेकर हरियाणा सीएम पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया है। AAP विधायक नरिंदर कौर भराज और प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने कहा कि ऐसा लगता है जैसे भाजपा ने सैनी को हरियाणा से पंजाब में डेपुटेशन पर भेजा है ताकि वे यहां जोड़-तोड़ कर सकें। पार्टी ने आरोप लगाया कि सैनी का असली मकसद धार्मिक दौरा नहीं, बल्कि ऑपरेशन लोटस के जरिए AAP विधायकों को लालच देना है। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाबियों के सम्मान को खरीदना चाहती है, जो कभी संभव नहीं होगा। AAP नेताओं ने कहा कि सैनी को पंजाब की चिंता छोड़ देनी चाहिए और अपने राज्य हरियाणा पर ध्यान देना चाहिए। वड़िंग बोले- पंजाब आने की बजाय अपनी स्टेट पर ध्यान दें सैनी
पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी सैनी के दौरों पर निशाना साधा। वड़िंग ने कहा कि हरियाणा सीएम को पंजाब में दखल देने के बजाय अपने राज्य के किसानों और युवाओं की समस्याओं को सुलझाना चाहिए। भाजपा पंजाब में पूरी तरह जमीन खो चुकी है, इसलिए वह पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री को लाकर माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पंजाब का वोटर बाहरी नेताओं के बहकावे में नहीं आने वाला। भाजपा और अकाली दल अंदरूनी तौर पर मिले हुए हैं और सैनी का आना इस गठबंधन को फिर से जिंदा करने की कोशिश है। सैनी के दौरों पर एक्सपर्ट्स क्या कह रहे… 1984 दंगा पीड़ितों की आवाज केंद्र तक पहुंचाने में कामयाब
पॉलिटिकल कॉल्मनिस्ट विंकलजीत सिंह सरा ने नायब सिंह सैनी के पंजाब के बढ़े अचानक दौरों पर कहा कि पंजाबियों की शुरू से आदत रही है कि जो भी इनके बारे में थोड़ा सा सोचता है, ये उसी के हो जाते हैं। चाहे वो किसी भी स्टेट का क्यों न हो। भाजपा में सैनी का रुतबा है, केंद्र सरकार उनकी बात मानती है, इसलिए उनको पंजाब में प्रोजेक्ट किया गया है। सैनी के दौरों का 3 जिलों में सीधा असर
राजनीतिक विश्लेषक और पॉलिटिकल साइंस के प्रोफैसर रह चुके डॉ. कृष्ण कुमार रत्तू ने हरियाणा सीएम के पंजाब दौरों को लेकर कहते हैं कि पटियाला, फाजिल्का, बठिंडा के साथ अंबाला से जुड़े जिलों में इसका भाजपा को फायदा मिल सकता है। सैनी बहुत सॉफ्ट हार्टेड नेता हैं, लोगों से मिलते हैं और उनकी समस्याएं समझते हैं। पंजाब में आकर पंजाबियत की बात कर खुद के साथ लोगों को जोड़ते हैं। सैनी सरनेम का भी कुछ असर दिखेगा। पंजाब का वोटर सेंटिमेंटल है। कई पंथक मुद्दों, कुछ डेरों के प्रभाव तो कुछ जाति को देख वोट करते हैं। पंजाब के चुनाव तो ऐसे हैं कि यहां जो जितनी ज्यादा फाइट करेगा, उतना ही जीत के करीब जाएगा, चाहे वह कोई भी पार्टी क्यों न हो, जो फाइट करेगा, वो जीतेगा। एक बात और है कि BJP पंजाब में दोआबा में ज्यादा जोर लगा रही है, अगर यहां कि 23 में से 15 सीटों पर भी कोई चमत्कार दिखा जाती है और मालवा-माझा में 4 से 5 सीटें निकालती है तो किसी के साथ भी सरकार बना सकती है। अकाली दल को पंथक वोट का सहारा है। गांवों में आज भी लोग कहते सुने जाते हैं कि हमारा वोट पंथ के लिए होगा। ************* ये खबरें भी पढ़ें… MLA भराज बोलीं- हरियाणा CM पंजाब में विधायक खरीद रहे, मुझे कहा- बंद कमरे में मिलो, टिकट दूंगा; AAP बोली- BJP का ऑपरेशन लोटस-2 पंजाब में 2027 के चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) ने BJP पर पंजाब में ऑपरेशन लोटस पार्ट-2 चलाने का गंभीर आरोप लगाया। आप के प्रवक्ता बलतेज पन्नू व संगरूर से विधायक नरिंदर कौर भराज ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हरियाणा के CM नायब सैनी पर विधायकों को खरीदने का आरोप लगाया। (पढ़ें पूरी खबर) डेरा ब्यास मुखी ने पंजाब के नेताओं को चौंकाया, पहले मजीठिया को क्लीन चिट, फिर सीक्रेट मीटिंग; अचानक एक्टिव क्यों हुए, चुनाव पर क्या इंपैक्ट पड़ेगा पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले डेरा ब्यास के मुखी बाबा गुरिंदर ढिल्लों की सक्रियता ने सबको चौंका दिया है। सीनियर अकाली नेता बिक्रम मजीठिया से नाभा जेल में उनकी मुलाकात की टाइमिंग चर्चित रही। सुबह वह मजीठिया से मिले, बाहर आकर आरोप गलत बताए। दिन चढ़ते ही मजीठिया को जमानत मिल गई। (पढ़ें पूरी खबर)

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