Homeदेशभारत को मिलने वाले 114 में से 24 होंगे सुपर-राफेल:F-5 होगा नाम,...

भारत को मिलने वाले 114 में से 24 होंगे सुपर-राफेल:F-5 होगा नाम, अभी वायुसेना के पास F-3; 2030 के बाद होगी डिलीवरी

फ्रांस के साथ भारत 114 राफेल लड़ाकू विमानों का सौदा 3.25 लाख करोड़ रुपए में करने जा रहा है। 17 फरवरी से फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैंक्रॉ की तीन दिन की भारत यात्रा शुरू हो रही है। इसी दौरान इस डील पर मुहर लगेगी। इन 114 में से 24 विमान सुपर राफेल होंगे, जिन्हें फ्रांस की​ ​विमान निर्माता कंपनी दसॉ एविएशन एफ-5 नाम से बना रही है। अभी वायुसेना के पास एफ-3 राफेल हैं, जो 4.5 जेनरेशन के लड़ाकू ​विमान हैं। इनमें स्टेल्थ क्षमता और परमाणु हथियार दागने की शक्ति है। लेकिन, नए ​विमान एफ-4 पीढ़ी के हैं। इस​लिए इन्हें 5वीं जेनरेशन का कहा जा रहा है। यूरोपीय मानकों के हिसाब से एफ-5 राफेल असल में छठी पीढ़ी के जेट होंगे। फ्रांस के बाद इस तरह के सबसे बेहतर ​विमान भारतीय वायुसेना के पास होंगे। एफ-5 ​अभी विकास के चरण में हैं। एफ-4 की आपूर्ति 2028-29 से शुरू होगी। 2030 के बाद जो भी ​विमान मिलेंगे, वो एफ-5 श्रेणी के सुपर राफेल होंगे। F-35 और सुखोई-57 से बेहतर होंगे सुपर राफेल वायु सेना के एक अधिकारी ने बताया कि सुपर राफेल अमेरिका के एफ-35 और रूस के सुखोई-57 से अगली पीढ़ी का फाइटर होगा। इस सौदे के तहत 88 राफेल ​सिंगल सीटर और 26 डबल सीटर होंगे, जिन्हें प्रशिक्षण और लड़ाकू दोनों भूमिका में इस्तेमाल किया जा सकेगा। 114 में से 96 राफेल भारत में बनेंगे दसॉ एविएशन से 18 विमान उड़ने के लिए तैयार स्थिति में मिलेंगे। बाकी 96 भारत में बनेंगे। इनके 60% कलपुर्जे स्वदेशी होंगे। भारत का यह सबसे बड़ा रक्षा सौदा है। अब यह प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) के पास भेजा जाएगा। प्रस्ताव को 16 जनवरी को रक्षा खरीद बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी थी। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, नए राफेल विमानों की खरीद से एयर डिफेंस और बॉर्डर एरिया में तैनाती की क्षमता मजबूत होगी। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली कमेटी ने नेवी के लिए 6 अमेरिकी बोइंग P8-I सर्विलांस एयरक्राफ्ट, कॉम्बैट मिसाइलों और एयर-शिप बेस्ड हाई एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट्स के प्रपोजल को भी मंजूरी दी है। इन सभी सौदों की कुल कीमत 3.60 लाख करोड़ रुपए है। सेना एंटी टैंक माइंस, नौसेना टोही विमान खरीदेगी HAL से 2,312 करोड़ रुपए में 8 डोर्नियर विमान खरीदने की डील रक्षा मंत्रालय ने भारतीय तटरक्षक बल (ICG) के लिए आठ डोर्नियर 228 विमान खरीदने हेतु हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ 2,312 करोड़ रुपये का समझौता किया है। यह समझौता गुरुवार को रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में हुआ। यह खरीद बाय (इंडियन) श्रेणी के तहत की गई है। इन विमानों में ऑपरेशनल उपकरण लगे होंगे, जिससे तटरक्षक बल की क्षमता और समुद्री सुरक्षा मजबूत होगी। रक्षा बजट के लिए 7.8 लाख करोड़ मिले केंद्रीय बजट 2026-27 में रक्षा मंत्रालय को 7.8 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जो कुल बजट का 14.67% है। आधुनिकीकरण के लिए निर्धारित 2.19 लाख करोड़ रुपए में से 1.85 लाख करोड़ रुपए पूंजीगत खरीद के लिए तय किए गए हैं, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में लगभग 24% अधिक है। मेक इन इंडिया के तहत होगा सौदा यह सौदा ‘मेक इन इंडिया’ के तहत किया जाएगा। डसॉल्ट एविएशन एक भारतीय कंपनी के साथ मिलकर इन विमानों को बनाएगी। हाल ही में डसॉल्ट ने डसॉल्ट रिलायंस एयरोस्पेस लिमिटेड (DRAL) में अपनी हिस्सेदारी 49% से बढ़ाकर 51% कर ली है। इस जॉइंट वेंचर में अनिल अंबानी की रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर भी भागीदार है। डसॉल्ट सभी 114 राफेल जेट में भारतीय हथियार, मिसाइल और गोला-बारूद को इंटीग्रेट करेगा। साथ ही सुरक्षित डेटा लिंक भी उपलब्ध कराएगा, जिससे विमानों को भारतीय रडार और सेंसर सिस्टम से जोड़ा जा सकेगा। कंपनी एयरफ्रेम निर्माण के लिए टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (ToT) भी देगी। इंजन निर्माता साफ्रान और एवियोनिक्स कंपनी थेल्स भी इस प्रक्रिया का हिस्सा होंगी। टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पूरा होने के बाद इन विमानों में स्वदेशी कंटेंट 55 से 60 फीसदी तक होने की उम्मीद है। एयरफोर्स ने सितंबर 2025 में मांग की थी एयरफोर्स ने सितंबर 2025 में 114 अतिरिक्त राफेल जेट की मांग रक्षा मंत्रालय को भेजी थी। एयरफोर्स के पास पहले से 36 राफेल विमान है, जबकि नौसेना ने 26 मरीन वेरिएंट राफेल का ऑर्डर दिया है। अंबाला एयरबेस पर राफेल का ट्रेनिंग और MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) सेंटर पहले से चालू है। एयरफोर्स के पास तुरंत दो स्क्वाड्रन (36–38 विमान) शामिल करने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, स्पेयर पार्ट्स और प्रशिक्षित स्टाफ मौजूद है। —————————————- ये खबर भी पढ़ें… यूरोपीय यूनियन ने भारत से रक्षा समझौते को मंजूरी दी, EU बोला- आतंकवाद के खिलाफ लड़ने में मदद मिलेगी यूरोपीय यूनियन (EU) ने भारत के साथ नए रक्षा समझौते (सिक्योरिटी और डिफेंस एग्रीमेंट) को मंजूरी दे दी है। EU की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने कहा यह साझेदारी एक बड़े रणनीतिक एजेंडे का हिस्सा होगी। इस एजेंडे में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी मुक्त व्यापार समझौता (FTA), डिफेंस एंड सिक्योरिटी डील, साइबर सिक्योरिटी, समद्री सुरक्षा और काउंटर टेररिज्म शामिल है। पूरी खबर पढ़ें…

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here