मध्यप्रदेश के छतरपुर में 6 साल के बेटे की मौत का सदमा मां बर्दाश्त नहीं कर सकी। जिला अस्पताल पहुंचने से पहले मां की गोद में लेटे मासूम के शरीर में हलचल बंद हुई। बेटे की मौत के करीब 10 मिनट बाद मां रजिया खातून भी सीट पर टिकी ऐसी शांत हुई कि फिर नहीं उठी। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना हरपालपुर के स्टेशन मोहल्ले की सोमवार रात की है। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद मां-बेटे के शव परिवार को सौंप दिए गए। CMHO डॉ. राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि मां-बेटे ने तरबूज खाया था और पेप्सी (कोल्ड ड्रिंक) पी थी, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। प्रथम दृष्टया फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है। हालांकि मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी। पहले बच्चे की तबीयत बिगड़ी परिजनों के मुताबिक हरपालपुर निवासी 6 साल का हुसैन, पिता सुभान अहमद, सोमवार दोपहर करीब 3 बजे अचानक बीमार पड़ गया था। उसे उल्टी-दस्त, तेज बुखार और पेट दर्द की शिकायत हुई। हालत बिगड़ने पर परिवार उसे शाम करीब 4 बजे हरपालपुर अस्पताल लेकर पहुंचा था। यहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे नौगांव अस्पताल रेफर कर दिया। शाम करीब 7 बजे परिवार हुसैन को नौगांव अस्पताल लेकर पहुंचा। वहां डॉक्टरों ने करीब एक घंटे तक इलाज किया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। उल्टी-दस्त लगातार जारी थे और बुखार के कारण वह तड़प रहा था। इसके बाद डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल छतरपुर ले जाने की सलाह दी। बेटे को गोद में लेकर सहला रही थी मां बच्चे के मामा मो. सलीम ने बताया कि जब परिवार नौगांव से छतरपुर आ रहा था, तब मां रजिया खातून (36) बेटे को गोद में लेकर बैठी थी। वह कभी उसके सिर पर हाथ फेर रही थी तो कभी पेट सहला रही थी। रास्ते में हुसैन की हालत लगातार बिगड़ती गई। जिला अस्पताल पहुंचने से कुछ दूर पहले बच्चे के शरीर में हलचल बंद हो गई। बेटे के रिस्पॉन्स नहीं देने पर मां को अहसास मो. सलीम के मुताबिक बेटे के रिस्पॉन्स नहीं देने पर रजिया शायद समझ गई थी कि अब वह नहीं रहा। इसके बाद वह रोते-रोते अचानक शांत हो गई और सीट पर सिर टिकाकर बैठ गई। परिवार को पहले कुछ समझ नहीं आया, लेकिन जब वह उठी नहीं तो उन्हें शक हुआ। करीब 5 मिनट बाद परिवार जिला अस्पताल पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मां-बेटे दोनों को मृत घोषित कर दिया। CMHO बोले- मृत अवस्था में अस्पताल पहुंचे थे CMHO डॉ. राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि जिला अस्पताल के RMO अमित अग्रवाल से मिली जानकारी के अनुसार, मां और बेटे ने तरबूज खाया था और पेप्सी पी थी। इसके बाद दोनों की तबीयत बिगड़ गई थी। उन्होंने बताया कि दोनों को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया था और वे मृत अवस्था में अस्पताल पहुंचे थे। मां पर थी पूरे परिवार की जिम्मेदारी परिजनों के मुताबिक रजिया पर पूरे घर की जिम्मेदारी थी। पति सुभान अहमद (38) कैंसर की लास्ट स्टेज से जूझ रहे हैं और लंबे समय से बिस्तर पर हैं। परिवार में बड़ा बेटा सैफ (15), बेटी नौसीन (14) और छोटी बेटी आलिया (12) हैं। रजिया घर पर किराने की दुकान चलाकर परिवार का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और पति का इलाज संभाल रही थी।
