इंदौर में भीषण गर्मी के बीच पानी का संकट लगातार गहराता जा रहा है। शहर के कई वार्डों की कॉलोनियां और मोहल्ले इन दिनों गंभीर जल संकट से जूझ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि टैंकर पहुंचते ही लोग पानी भरने के लिए टूट पड़ते हैं। नगर निगम ट्रैक्टर-टैंकरों के जरिए पानी सप्लाई तो कर रहा है, लेकिन यह व्यवस्था जरूरत के मुकाबले नाकाफी साबित हो रही है। पालदा में रहवासियों ने किया चक्काजाम पानी की समस्या को लेकर रविवार को शहर के अलग-अलग हिस्सों में कांग्रेस नेताओं और स्थानीय रहवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया। पालदा चौराहे पर कांग्रेस पार्षद कुणाल सोलंकी ने क्षेत्रीय लोगों के साथ मिलकर चक्काजाम किया। प्रदर्शनकारियों ने पर्याप्त पानी सप्लाई, टैंकर व्यवस्था और नर्मदा लाइन की मांग उठाई। लोगों का कहना है कि पानी की भारी किल्लत के कारण उन्हें महंगे दामों पर पानी खरीदना पड़ रहा है या दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है। पार्षद के साथ विरोध करने पहुंचे लोग वहीं दीनदयाल उपाध्याय चौराहा, सुखलिया जोन-5 पर भी कांग्रेस नेताओं और स्थानीय रहवासियों ने प्रदर्शन किया। पार्षद राजू भदौरिया के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन में वार्ड-27 के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कांग्रेस नेता विनोद बब्बू यादव पिछले 12 वर्षों से क्षेत्र में निशुल्क पानी वितरण कर रहे थे, लेकिन नगर निगम अधिकारियों और भाजपा नेताओं ने पिछले दो दिनों से पानी की सप्लाई बंद कर दी है। इससे क्षेत्र में जल संकट और बढ़ गया है। नाराज रहवासियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महापौर के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। तस्वीरों देंखें प्रदर्शन 22 जोनल कार्यालयों में प्रदर्शन कर चुकी है कांग्रेस इससे पहले कांग्रेस शहर के सभी 22 जोनल कार्यालयों पर भी पानी की समस्या को लेकर प्रदर्शन कर चुकी है। कई इलाकों में लोग सड़क पर उतरकर चक्काजाम और धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। शनिवार को भी बड़ी संख्या में लोग “पानी दो… पानी दो…” के नारे लगाते हुए पैदल विधायक रमेश मेंदोला के घर तक पहुंच गए थे। लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा वार्ड-75 के पार्षद कुणाल सोलंकी ने बताया कि वार्ड की कई कॉलोनियों और मोहल्लों में लगातार पानी की किल्लत बनी हुई है। नगर निगम से पर्याप्त टैंकर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे लोगों तक नियमित पानी पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। कई क्षेत्रों में अब तक नर्मदा लाइन भी नहीं पहुंची है। फिलहाल टैंकरों के माध्यम से जैसे-तैसे पानी सप्लाई की जा रही है।
