कोलार रोड के इनायतपुर गांव में बिजली चोरी का हाई-लोड मामला सामने आया है, जिसने बिजली कंपनी के अफसरों को भी चौंका दिया। यहां दो आलीशान हवेलियों में घरेलू कनेक्शन की आड़ में मिनी-कॉमर्शियल स्तर का भारी लोड चोरी की बिजली से चलाया जा रहा था। बिजली कंपनी की विजिलेंस टीम की जांच में मीटर के इनकमिंग साइड में फ्लेक्सिबल कॉपर वायर जोड़कर सीधे सप्लाई लेने और दीवारों के भीतर सर्विस केबल से गुप्त टैपिंग कर बिजली चोरी करने का खुलासा हुआ। सिटी सर्किल के सुपरटेंडेंट इंजीनियर प्रदीप सिंह चौहान ने बताया कि इकबाल खान की हवेली में स्वीकृत भार 4 किलोवॉट के मुकाबले 51.17 किलोवॉट लोड मिला। यहां 6 एसी, 41 पंखे, 58 एलईडी, 8 फ्रीजर-कूलिंग उपकरण सहित कई हाई-पावर मशीनें संचालित थीं। इस पर 7.52 लाख रुपए की बिलिंग की गई। वहीं गुफरान खान के परिसर में 4.5 किलोवॉट की अनुमति के विरुद्ध 65.63 किलोवॉट लोड पाया गया। यहां दीवार के अंदर छिपी सर्विस केबल में टैपिंग कर बिजली चोरी की जा रही थी। मौके पर 8 एसी, ई-व्हीकल चार्जर, डीप फ्रीजर, वॉटर हीटर और माइक्रोवेव संचालित मिले। इस मामले में 8.94 लाख रुपए का आंकलन किया गया। बिजली कंपनी ने दोनों मामलों में कार्रवाई शुरू कर दी है। अवैध लोड से ट्रांसफॉर्मर पर दबाव बढ़ता है ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार सामान्य 4 से 5 किलोवॉट के घरेलू कनेक्शन पर सीमित घरेलू उपकरण ही आराम से संचालित हो सकते हैं। लेकिन 50 से 65 किलोवॉट तक का लोड छोटे होटल, मिनी इंडस्ट्री या बड़े कॉमर्शियल प्रतिष्ठान के बराबर माना जाता है। इतनी बड़ी मात्रा में अवैध लोड चलने से ट्रांसफॉर्मर पर दबाव बढ़ता है। केबल जब्त कर पंचनामा बनाया, 19 प्रकरण दर्ज अन्य कार्रवाई में मशरूर खान के नाम वाले परिसर में टीम पहुंची तो घर में ताला लगाकर लोग गायब हो गए। विजिलेंस अमला पड़ोसी के मकान की छत पर चढ़ा और वहां से संदिग्ध केबल तक पहुंचकर लाइन काटी। अधिकारियों ने केबल जब्त कर पंचनामा बनाया। इनके खिलाफ बिजली अधिनियम की धारा-135 के तहत 19 प्रकरण दर्ज किए गए। कुल 41 प्रकरणों में 31.36 लाख रुपए की वसूली तय की गई।
