HomeदेशNEET-UG एग्जॉम कैंसिल होने के बाद पहली बैठक:शिक्षा मंत्री के घर अधिकारी...

NEET-UG एग्जॉम कैंसिल होने के बाद पहली बैठक:शिक्षा मंत्री के घर अधिकारी पहुंचे; नई डेट पर चर्चा, अभी घोषणा बाकी

NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घर गुरुवार को हाईलेवल बैठक हुई। यह बैठक NEET-UG 2026 परीक्षा के रद्द होने के दो दिन बाद हुई। मीटिंग में NEET के दोबारा एग्जॉम कराने पर चर्चा हुई। नई डेट की एनाउंसमेंट अभी बाकी है। बैठक में उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी, स्कूली शिक्षा सचिव संजय कुमार, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह, CBSE चेयरपर्सन राहुल सिंह और केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) तथा नवोदय विद्यालय समिति (NVS) के कमिश्नर सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। NEET पेपर लीक पर देशभर में विरोध के बीच गुरुवार को अहमदाबाद में NSUI कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को काले झंडे दिखाए और काफिला रोकने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। CBI ने मामले में अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 5 आरोपियों को 7 दिन की कस्टडी में भेज दिया है। वहीं, राजस्थान के सीकर से आरोपी मांगी लाल बिंवाल, जमवारामगढ़ के भाई दिनेश बिंवाल, बेटा विकास बिंवाल, हरियाणा के गुरुग्राम के रहने वाले यश यादव और नासिक से शुभम खैरनार को गिरफ्तार किया है। शुभम ने ही यश को पेपर दिया था। NEET फर्जीवाड़ाः RJD के राष्ट्रीय सचिव, डॉक्टर समेत 4 गिरफ्तार NEET पेपर लीक के बाद एग्जाम कैंसिल कर दिया है। जांच सीबीआई को दी गई है। इधर, मेडिकल कॉलेज में एडमिशन कराने के नाम पर दिल्ली पुलिस ने एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जो NEET अभ्यर्थियों और उनके परिवारों को MBBS में एडमिशन दिलाने के नाम पर ठगी करता था। इस मामले में सरगना और एक डॉक्टर समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस की तरफ से गिरफ्तार चार आरोपियों में से एक राजद के राष्ट्रीय सचिव संतोष कुमार जायसवाल भी हैं। पुलिस की तरफ से दावा किया जा रहा है कि जायसवाल पूरे नेक्सस का किंगपिन है। ये बच्चों और उनके गार्जियन को मेडिकल कॉलेज में 20-30 लाख में एडमिशन कराने का झांसा देता था। संतोश कुमार जायसवाल को लालू यादव और तेजस्वी यादव का करीबी बताया जाता है। पिछले 2 दिनों में क्या-क्या हुआ
12 मई: National Testing Agency (NTA) NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी। CBI को जांच सौंपी गई। CBI ने FIR दर्ज की। NTA परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। 13 मई: CBI ने राजस्थान और बिहार समेत कई राज्यों में छापेमारी और पूछताछ की। जांच में सामने आया कि कथित तौर पर पेपर राजस्थान के सीकर तक पहुंचाया गया था। जांच एजेंसी ने कोचिंग सेंटर संचालकों, स्टाफ और छात्रों से पूछताछ की। 5 लोगों को गिरफ्तार किया। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। इसमें सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में दोबारा परीक्षा कराने की मांग की गई है। कहा- NTA पर भरोसा नहीं। यश ने सीकर पहुंचाया था पेपर CBI को पता चला है कि लीक पेपर कथित तौर पर आरोपी यश यादव के जरिए राजस्थान पहुंचा था। सूत्रों के मुताबिक, छात्रों से पेपर तक पहुंच दिलाने के बदले 2 लाख से 5 लाख रुपए तक वसूले गए थे। सूत्रों के अनुसार, यश यादव की पहचान एक अन्य आरोपी विकास बिंवाल से थी। जांच में सामने आया है कि विकास के पिता दिनेश ने कथित तौर पर NEET-UG के प्रश्नपत्र की हार्ड कॉपी को स्कैन कर उसे PDF फाइल में बदला था। सूत्रों ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर प्रश्नपत्र को पहले हाथ से लिखा और फिर स्कैन कर राजस्थान के सीकर जिले में कोचिंग सेंटरों में पढ़ने वाले छात्रों के बीच प्रसारित किया। सीकर में 3 मई की रात को थाने पहुंचे कोचिंग सेंटर के टीचर और पीजी संचालक के पास वायरल गेस पेपर (क्वेशन बैंक) था। इसमें मूल पेपर के 180 सवाल में से 150 सवाल हूबहू थे। एक ही हैंडराइटिंग में लिखे 300+ सवाल, 150 परीक्षा में आए NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल सीटों में एडमिशन नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी। इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में दाखिला मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। अभी देश में लगभग 1 लाख से अधिक MBBS और 27000 से अधिक BDS सीटें हैं। 2024 में भी हुआ था पेपर लीक, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था 2024 में भी NEET UG परीक्षा पेपर लीक के चलते कुछ सेंटर्स पर रद्द कर दी गई थी। परीक्षा 5 मई 2024 को हुई थी। 6 मई को NTA ने पेपर लीक की बात से इनकार किया था। इसके बाद बिहार (पटना) और झारखंड (हजारीबाग) में जांच हुई। जांच में पेपर लीक के सबूत मिले और कई गिरफ्तारियां भी हुईं थीं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पूरी परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया था और कुछ सेंटर पर 1539 कैंडिडेट्स की दोबारा परीक्षा हुई थी। पेपर लीक के आरोपों के अलावा, 67 छात्रों को 720/720 अंक मिलना और एक ही केंद्र से कई टॉपर्स का आना भी बड़े विवाद का कारण बना था। ……………………………. ये खबरें भी पढ़ें… NEET परीक्षा रद्द, MP का स्टूडेंट महाराष्ट्र से अरेस्ट, पीपर लीक पर अभ्यर्थी बोली- सुसाइड करने का मन कर रहा राजस्थान पुलिस ने धांधली के आरोप में महाराष्ट्र के नाशिक निवासी डॉ. शुभम खैरनार को गिरफ्तार किया है। अब सत्यसाई यूनिवर्सिटी से भी कनेक्शन जोड़ा जा रहा है। आरोपी शुभम सीहोर स्थित श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी (SSSUTMS) में आयुर्वेद चिकित्सा (BAMS) का छात्र है। पूरी खबर पढ़ें… NEET एग्जाम रद्द-बिहार में 60 लाख में हुई थी डील: सॉल्वर बैठाने की थी तैयारी, MBBS स्टूडेंट मास्टरमाइंड; जानिए पूरी कहानी बिहार में NEET परीक्षा में सॉल्वर गैंग एक्टिव थी। 60 लाख रुपए में एक सीट की डील हुई थी। एग्जाम से ठीक पहले पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा किया था। इसका मास्टरमाइंड एक MBBS स्टूडेंट था। नालंदा पुलिस ने गिरोह के 7 लोगों को गिरफ्तार किया था। पूरी खबर पढ़ें…

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here