मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज कहानी बैतूल के उस किडनैपिंग-रेप केस की, जिसने पुलिस तक को हिला दिया था। नौकरी के लिए इंदौर गई 19 साल की युवती अचानक लापता हो गई। परिवार ने उसे हर जगह तलाशा, लेकिन एक महीने तक उसका कोई सुराग नहीं मिला।
फिर एक दिन वह मिली… जिंदा, लेकिन पूरी तरह टूटी हुई। उसकी जुबानी सामने आई ऐसी खौफनाक दास्तान, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया। आखिर उस एक महीने में उसके साथ क्या हुआ? 13 अक्टूबर 2019… बैतूल जिले के आमला कस्बे में रात का वक्त। घड़ी में करीब 12 बज रहे थे। हल्की ठंड थी और आधे-अधूरे बने मकानों के बीच पसरा सन्नाटा डर को और गहरा कर रहा था। अंधेरे कमरे में कैद थी रिया, ताला तोड़ा तो नजर आई पत्थर से ताला तोड़ा गया। दरवाजा खुला और तीनों अंदर दाखिल हुए। कमरे में अंधेरा था, सीलन भरी बदबू थी और कोने में दुबकी बैठी थी-एक लड़की। डर से कांपती हुई… जैसे कई दिनों से नींद और भरोसा दोनों उससे छिन चुके हों। तीनों को देखते ही उसकी आंखों में उम्मीद की हल्की चमक आई, लेकिन आवाज नहीं निकली। रिया बोली-मेरे साथ गलत काम हुआ है रिया को घर लाया गया। पूरी रात वह सहमी रही। सुबह तक जब उसकी हालत थोड़ी सामान्य हुई तो उसने टूटती आवाज में सिर्फ इतना कहा- ‘मेरे साथ तीन लोगों ने गलत काम किया है…’ इसके बाद जो कहानी सामने आई, उसने परिवार के पैरों तले जमीन खिसका दी। रिया ने बताया कि पिछले एक महीने से उसे अलग-अलग जगहों पर बंद रखकर तीन युवक लगातार उसका रेप कर रहे थे। परिवार उसे लेकर अगले ही दिन पुलिस स्टेशन पहुंचा। किडनैपिंग और गैंगरेप का केस दर्ज हुआ। लेकिन अब पुलिस के सामने सवालों की लंबी फेहरिस्त थी। रिया आखिर गायब कैसे हुई? वह इंदौर से आमला कैसे पहुंची? एक महीने तक उसे कहां छिपाकर रखा गया? और सबसे बड़ा सवाल… इतने दिनों तक किसी को भनक क्यों नहीं लगी? नौकरी की तलाश में घर से निकली रिया इस कहानी की शुरुआत करीब सात महीने पहले होती है। 24 मार्च 2019 को बैतूल जिले के आमला के पास रहने वाली 19 साल की रिया नौकरी की तलाश में इंदौर आई थी। छोटे शहर की लड़की बड़े सपने लेकर घर से निकली थी। वह अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती थी। अपनी जिंदगी अपने हिसाब से जीना चाहती थी। लेकिन उसके इस फैसले के पीछे एक दबाव भी था। घरवालों ने अप्रैल 2018 में, 18 साल की होते ही उसकी शादी कर दी थी। रिया इस शादी से खुश नहीं थी। रिसेप्शनिस्ट की नौकरी और नई जिंदगी की उम्मीद इंदौर में उसे एक फर्नीचर शोरूम में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी मिल गई। 8 से 10 हजार रुपए महीना सैलरी थी। रकम बड़ी नहीं थी, लेकिन रिया के लिए यह आत्मनिर्भर बनने की शुरुआत थी। वह मां से लगातार बात करती थी। भविष्य को लेकर योजनाएं बनाती थी। उसे लगता था कि कुछ समय बाद सैलरी बढ़ जाएगी और शहर में रहना आसान हो जाएगा। ससुराल वालों को घरवालों ने बताया था कि रिया अपने मामा के यहां रह रही है। करीब छह महीने तक सब सामान्य चलता रहा। लेकिन सितंबर 2019 आते-आते अचानक सब बदल गया। अचानक बंद हो गया घर पर फोन आना रिया ने घर फोन करना बंद कर दिया। पहले परिवार को लगा कि वह नाराज होगी। लेकिन जब दो-तीन दिन तक बात नहीं हुई तो मां परेशान हो गई। परिवार के लोग इंदौर पहुंचे। जहां-जहां संभावना थी, वहां तलाश की गई। रिश्तेदारों से पूछा गया। दोस्तों से जानकारी ली गई। रिया का कोई सुराग नहीं मिला। दिन गुजरते गए। एक हफ्ता… फिर दो हफ्ते… और फिर लगभग एक महीना। एक दिन बाजार में अचानक दिखी रिया 9 अक्टूबर को कहानी ने अचानक नया मोड़ लिया। रिया के मामा का बेटा आमला बाजार में जा रहा था, तभी उसकी नजर एक घर के बाहर खड़ी लड़की पर पड़ी। वह रिया थी। उसे देखकर वह चौंक गया। उसने रिया से घर चलने को कहा। लेकिन रिया घबराई हुई थी। उसने कहा-’मेरी जिंदगी खराब हो गई है, यहां से चले जाओ, वो तुम्हें भी मार डालेंगे…। इसके बाद वह वहां से अंदर चली गई। मामा के बेटे के पास मोबाइल नहीं था। वह तुरंत कमरे पर पहुंचा और परिवार को सूचना दी। जब तक परिवार वहां पहुंचा, रिया गायब हो चुकी थी। मुंहबोला भाई बताकर एक युवक ने दिलाया था कमरा रिया के भाई और चाचा ने मकान मालिक से पूछताछ की। मकान मालिक ने बताया कि 17 सितंबर को एक युवक, जिसे लोग ‘छोटे’ कहकर बुलाते थे, खुद को लड़की का मुंहबोला भाई बताकर कमरा किराए पर दिला गया था। उसने कोई दस्तावेज भी जमा नहीं किए थे। वह रोज टिफिन लेकर आता था। लड़की कभी कमरे से बाहर नहीं निकलती थी। पास में रहने वाली एक महिला ने भी बताया कि उसने कई बार लड़की को खिड़की से झांकते देखा था। उसका चेहरा डरा हुआ रहता था और वह किसी से बात नहीं करती थी। बाजार में मिला आरोपी… और खुल गया राज 13 अक्टूबर की शाम रिया के भाई ने बाजार में ‘छोटे’ नाम के युवक को पकड़ लिया। पहले उसने गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर टूट गया। उसने आमला के पास एक आधे बने हुए मकान का पता बताया। रात होते ही परिवार वहां पहुंचा। ताला तोड़ा गया और अंदर से रिया को बाहर निकाला गया। एक महीने बाद मिली रिया जिंदा थी… लेकिन पूरी तरह टूट चुकी थी। उसकी कहानी अब सिर्फ गुमशुदगी नहीं रह गई थी। यह किडनैपिंग, कैद और गैंगरेप का मामला बन चुका था। लेकिन असली सवाल अभी बाकी थे- रिया को इंदौर से कौन लेकर आया? उसे क्यों निशाना बनाया गया? और उस एक महीने के दौरान उसके साथ आखिर क्या-क्या हुआ? पार्ट-2 में पढ़िए… रिया की आपबीती, आरोपी कौन थे और कैसे खुली पूरी साजिश। ये भी पढ़ें… 1. एक लड़की…शादी के बाद आया दूसरा ‘इच्छुक’, काट डाली गर्दन, पार्ट-1 मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज एक ऐसी कहानी, जहां हत्या सिर्फ एक अपराध नहीं रही, बल्कि रिश्तों के ताने-बाने को चीरती हुई खौफनाक साजिश बन गई। टीकमगढ़ के जतारा में एक युवक की शादी के महज 14 दिन बाद ही उसकी जिंदगी बेरहमी से खत्म कर दी गई। पढ़ें पूरी खबर… 2. शादी के 14 दिन…बॉयफ्रेंड से कराया पति का कत्ल, पार्ट-2 मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स के पहले पार्ट में आने पढ़ा कि टीकमगढ़ जिले के जतारा में 17 जुलाई 2022 को हुई एक हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। शादी के महज 14 दिन बाद युवक नवीन की दिनदहाड़े बेरहमी से हत्या कर दी गई। पढ़ें पूरी खबर…
